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उत्तराखंड के देवप्रयाग में गंगा में डूबा कांवड़िया, भाई गिड़गिड़ाता रहा- 5 लाख ले लो कोई बचा लोभारत
10 अग॰ 2026, 5:44 pm (12 घंटे पहले)· 0

उत्तराखंड के देवप्रयाग में गंगा में डूबा कांवड़िया, भाई गिड़गिड़ाता रहा- 5 लाख ले लो कोई बचा लो

उत्तराखंड के देवप्रयाग में एक कांवड़ यात्री गंगा की तेज धारा में डूब गया, जिसका दिल दहला देने वाला वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इस बीच, कांवड़ यात्रा के दौरान विभिन्न सड़क हादसों में कई अन्य शिवभक्तों की भी जान चली गई है।

उत्तराखंड के देवप्रयाग में एक ऐसा हृदयविदारक मामला सामने आया है जिसने देखने और सुनने वालों को झकझोर कर रख दिया है। देवप्रयाग के एक घाट पर उस समय कोहराम मच गया जब एक कांवड़ यात्री गंगा नदी की तेज धारा में बह गया और उसका बड़ा भाई किनारे पर खड़े होकर लोगों से मदद की भीख मांगता रहा। इस पूरी घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें भाई की बेबसी और उसका दर्द साफ तौर पर झलकता दिखाई दे रहा है। शनिवार को घटी इस घटना के दौरान युवक बार-बार रोते हुए कह रहा था कि पांच लाख रुपये ले लो, बस मेरे भाई को कोई बचा लो। नदी का बहाव इतना तेज था कि तमाम कोशिशों के बावजूद उसे बचाया नहीं जा सका।

कांवड़ यात्रा के दौरान अन्य सड़क हादसे

इस बीच उत्तराखंड में चल रही कांवड़ यात्रा के दौरान अलग-अलग सड़क हादसों में कई कांवड़ियों की जान जाने की दुखद खबरें सामने आई हैं। रविवार देर शाम हरिद्वार-मंगलौर बाईपास पर रिमझिम ढाबे के नजदीक एक बुलेट और बाइक की आमने-सामने जोरदार भिड़ंत हो गई। इस दर्दनाक सड़क हादसे में बाइक पर सवार दो कांवड़िए गंभीर रूप से घायल हो गए जिनकी पहचान शामली निवासी संदीप मलिक (35) और विपिन (40) के रूप में हुई है। दुर्घटना के तुरंत बाद दोनों घायलों को रुड़की के सरकारी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इसी के पास एक अन्य दुर्घटना में कार और स्कूटी की टक्कर से स्कूटी सवार घायल हो गया।

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पहचान और अन्य दुर्घटनाओं का विवरण

एक अन्य घटना में शनिवार देर रात नारसन शिव मंदिर के पास एक अज्ञात वाहन ने 25 से 30 वर्ष के बीच के एक कांवड़िए को अपनी चपेट में ले लिया। गंभीर हालत में उसे सिविल अस्पताल रुड़की ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। मृतक के पास से मिले बैग में 6110 रुपये और एक मोबाइल फोन बरामद हुआ, लेकिन फोन बंद होने के कारण उसकी शिनाख्त नहीं हो पाई है। इसके अलावा रविवार सुबह लिब्बरहेड़ी में भी एक अज्ञात वाहन की टक्कर से 45 वर्षीय कांवड़िए की जान चली गई। मृतक की पहचान उत्तर प्रदेश के बड़ौत स्थित मांगा निवासी के रूप में हुई है और पुलिस इस मामले की तह तक जाने के लिए आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है। एसपी देहात शेखर चंद्र सुयाल ने मीडिया को जानकारी दी कि हरिद्वार-मंगलौर बाईपास हादसे में जान गंवाने वाले दोनों कांवड़ियों के परिवारों को इस अनहोनी की सूचना दे दी गई है।

प्रशासनिक चौकसियां और गंगोत्री धाम की स्थिति

श्रावण कांवड़ मेला-2026 के मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करने के लिए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक स्वयं सड़क पर उतरकर और कंट्रोल रूम से हर गतिविधि पर पैनी नजर बनाए हुए हैं। कंट्रोल रूम में लगे सीसीटीवी कैमरों के जरिए कांवड़ मेला क्षेत्र, मुख्य मार्गों, संवेदनशील बिंदुओं, पार्किंग स्थलों और भारी भीड़भाड़ वाले इलाकों की निगरानी की जा रही है। इसके साथ ही ड्रोन से हो रही गतिविधियों का जायजा लेते हुए अधिकारियों को यह निर्देश दिए गए हैं कि हर हरकत पर कड़ी नजर रखी जाए और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए क्विक रिस्पॉन्स टीम को तुरंत सक्रिय किया जाए। दूसरी ओर, 11 अगस्त को सावन मास की शिवरात्रि पर होने वाले जलाभिषेक के लिए देश के विभिन्न कोनों से भारी संख्या में शिवभक्त गंगोत्री धाम पहुंच रहे हैं। गंगोत्री में उमड़ रही भारी भीड़ को नियंत्रित करने और यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने के लिए पुलिस कप्तान कमलेश उपाध्याय स्वयं फील्ड में उतरी हैं और सुरक्षा प्रबंधों की कमान संभाल रही हैं।

सवाल-जवाब

देवप्रयाग में यह दुर्घटना कैसे घटी?
देवप्रयाग के एक घाट पर नहाते समय एक कांवड़ यात्री गंगा नदी की तेज धारा में फंस गया और बह गया।
हरिद्वार-मंगलौर बाईपास हादसे में किनकी मौत हुई?
इस हादसे में शामली निवासी दो कांवड़िए संदीप मलिक (35) और विपिन (40) की मौत हो गई।
नारसन शिव मंदिर के पास मृत मिले कांवड़िया की पहचान क्यों नहीं हो पाई?
मृतक का मोबाइल फोन बंद होने के कारण उसकी तत्काल पहचान नहीं हो सकी है।
गंगोत्री धाम में किस तिथि के जलाभिषेक के लिए भीड़ उमड़ रही है?
11 अगस्त को सावन मास की शिवरात्रि पर होने वाले जलाभिषेक के लिए श्रद्धालु गंगोत्री पहुंच रहे हैं।
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