अंतरराष्ट्रीय कूटनीति के लिहाज से आगामी दिसंबर का महीना काफी अहम साबित हो सकता है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अमेरिका जाने की संभावना बन रही है, जहां वह फ्लोरिडा में आयोजित होने वाले जी20 शिखर सम्मेलन में हिस्सा ले सकते हैं. इस बहुपक्षीय वैश्विक सम्मेलन का आयोजन 14 और 15 दिसंबर को फ्लोरिडा में तय किया गया है. इस महत्वपूर्ण आयोजन के इर्द-गिर्द कई उच्चस्तरीय कूटनीतिक वार्ताओं की रूपरेखा तैयार की जा रही है, जिससे इस दौरे का महत्व काफी बढ़ जाता है.
जी20 सम्मेलन के साथ क्वाड नेताओं की बैठक पर नजर
फ्लोरिडा में होने वाले इस सम्मेलन की मेजबानी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप करेंगे. इस बहुपक्षीय आयोजन के दौरान ही एक और प्रमुख कूटनीतिक मंच को सक्रिय करने की तैयारी चल रही है. जी20 बैठक के साथ ही क्वाड समूह के शीर्ष नेताओं की बैठक भी आयोजित की जा सकती है. क्वाड मंच में भारत और अमेरिका के अलावा जापान तथा ऑस्ट्रेलिया भी शामिल हैं. इस तरह चार प्रमुख लोकतांत्रिक साझेदारों की साझा वार्ता इस दौरे का एक प्रमुख आकर्षण बन सकती है.
द्विपक्षीय बातचीत की तैयारी और आधिकारिक घोषणा का इंतजार
जी20 सम्मेलन के मुख्य कार्यक्रमों से इतर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच एक अलग द्विपक्षीय बैठक होने की भी संभावना जताई जा रही है. हालांकि दोनों नेताओं की इस आमने-सामने की मुलाकात की अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है. इसी प्रकार जी20 से अलग क्वाड देशों के राष्ट्राध्यक्षों की संभावित बैठक को लेकर भी कूटनीतिक स्तर पर बातचीत जारी है.
भारतीय विदेश मंत्रालय या भारत सरकार की तरफ से फिलहाल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इस अमेरिकी यात्रा को लेकर कोई औपचारिक घोषणा जारी नहीं हुई है. आधिकारिक पुष्टि के अभाव में इस पूरे कार्यक्रम को अभी संभावित यात्रा के रूप में ही देखा जा रहा है. यदि यह दौरा औपचारिक रूप लेता है, तो दिसंबर में फ्लोरिडा वैश्विक राजनीति और कूटनीतिक समझौतों का एक प्रमुख केंद्र बनकर उभरेगा.





















