गुरुग्राम में द्वारका एक्सप्रेसवे पर अत्यधिक गति के चलते एक भीषण सड़क दुर्घटना सामने आई है। धनवापुर गोलचक्कर के पास दिल्ली की ओर जा रही एक तेज रफ्तार स्कोडा ऑक्टाविया अचानक अनियंत्रित होकर डिवाइडर पर चढ़ गई। टक्कर का प्रभाव इतना जोरदार था कि वाहन हवा में उछलते हुए सड़क किनारे स्थापित लोहे की सुरक्षा ग्रिल को तोड़कर सीधे ग्रीन बेल्ट में पलट गया। इस दुर्घटना में वाहन चालक को गंभीर चोटें आई हैं, जिसके बाद उसे तत्काल नजदीकी चिकित्सा केंद्र में दाखिल कराया गया।
धनवापुर गोलचक्कर के समीप अनियंत्रित हुई गाड़ी
यह घटना उस समय घटित हुई जब स्कोडा ऑक्टाविया कार गुरुग्राम से राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली की तरफ तीव्र गति से बढ़ रही थी। जैसे ही वाहन धनवापुर गोलचक्कर के समीप पहुंचा, चालक ने अचानक स्टियरिंग पर से अपना नियंत्रण खो दिया। संतुलन बिगड़ने के कारण कार सीधे सड़क के मध्य में बने डिवाइडर से जा टकराई। डिवाइडर से टकराते ही वाहन हवा में उछल गया और कई फीट दूर जाकर गिरा।
सुरक्षा ग्रिल तोड़कर ग्रीन बेल्ट में गिरी कार
चश्मदीदों के विवरण के अनुसार, गाड़ी की गति सीमा से काफी अधिक थी। डिवाइडर से टकराने के बाद कार ने किनारे पर लगी मजबूत लोहे की रेलिंग को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया और ग्रीन बेल्ट के भीतर कई पलटियां खाते हुए जा गिरी। टक्कर इतनी भयानक थी कि सेडान कार पूरी तरह चकनाचूर हो गई और उसके पुर्जे सड़क पर बिखर गए। वाहन का अगला और ऊपरी हिस्सा पूरी तरह पिचक गया था।
स्थानीय राहगीरों ने मशक्कत के बाद चालक को निकाला
हादसे की जोरदार आवाज सुनकर मार्ग से गुजर रहे लोग फौरन दुर्घटनास्थल की ओर दौड़े। बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी कार के भीतर चालक फंसा हुआ था और अत्यधिक घायल अवस्था में था। राहगीरों ने काफी प्रयासों के बाद दबे हुए चालक को वाहन के मलबे से बाहर निकाला और तुरंत पुलिस प्रशासन को सूचना दी। घायल को बिना देर किए एंबुलेंस के माध्यम से नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों के अनुसार उसकी स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।
दुर्घटना के तकनीकी और अन्य पहलुओं की जांच
सूचना प्राप्त होते ही पुलिस की टीम ने घटनास्थल पर पहुंचकर हालात का जायजा लिया। मार्ग पर यातायात सुचारू करने के लिए दुर्घटनाग्रस्त कार को क्रेन की मदद से ग्रीन बेल्ट से बाहर निकलवाकर सड़क से हटाया गया। पुलिस इस बिंदु पर तफ्तीश कर रही है कि क्या दुर्घटना के समय चालक किसी प्रकार के नशे के प्रभाव में था या फिर तेज गति के दौरान वाहन में कोई अचानक यांत्रिक खराबी उत्पन्न हो गई थी। इस दुर्घटना ने एक बार फिर इस प्रमुख राजमार्ग पर गति सीमा के पालन और सुरक्षा उपायों को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं।
























