निर्वाचन आयोग ने देश के चार अलग-अलग राज्यों में विधानपरिषद की कुल 28 रिक्त सीटों पर होने वाले चुनावों का पूरा कार्यक्रम जारी कर दिया है। घोषित चुनावी कार्यक्रम के अनुसार इन सभी सीटों के लिए 23 अक्टूबर को मतदान कराया जाएगा, जबकि मतों की गिनती 27 अक्टूबर को पूरी कर परिणाम घोषित किए जाएंगे। इस आधिकारिक घोषणा के साथ ही संबंधित राज्यों के राजनीतिक दलों ने अपनी चुनावी रणनीतियों और सीट बंटवारे को लेकर सक्रियता बढ़ा दी है।
मतदान और मतगणना का पूरा चुनावी कार्यक्रम
चुनाव आयोग की ओर से निर्धारित समय सारिणी के मुताबिक 28 विधानपरिषद सीटों के लिए मतदान प्रक्रिया 23 अक्टूबर को एक ही दिन में संपन्न कराई जाएगी। मतदान समाप्त होने के बाद 27 अक्टूबर को मतगणना की जाएगी और उसी दिन चुनावी नतीजे सामने आ जाएंगे। उच्च सदन की इन सीटों पर होने वाले मतदान के लिए निर्वाचन तंत्र ने प्रशासनिक और सुरक्षा तैयारियां शुरू कर दी हैं, ताकि चुनाव प्रक्रिया पारदर्शी और शांतिपूर्ण तरीके से पूरी हो सके।
सीट बंटवारे और रणनीतिक समीकरणों पर दलों का मंथन
विधानपरिषद चुनावों की तारीखें साफ होते ही संबंधित राज्यों के सत्तारूढ़ और विपक्षी गठबंधनों के भीतर सीट साझेदारी को लेकर विचार-विमर्श तेज हो गया है। बिहार जैसे राज्यों में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के सहयोगी दलों के बीच सीटों के वितरण का फार्मूला तय करने की कवायद चल रही है। विधानपरिषद के इस चुनाव में स्थानीय निकाय, शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों के साथ-साथ विधायकों के संख्याबल के आधार पर राजनीतिक समीकरण तय किए जा रहे हैं।
आगामी विधानसभा चुनावों की पृष्ठभूमि में अहम मुकाबला
यह चुनावी मुकाबला इसलिए भी काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि आने वाले महीनों में उत्तर प्रदेश और पंजाब सहित पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव 2027 की चुनावी प्रक्रिया भी शुरू होनी है। आयोग पहले ही स्पष्ट कर चुका है कि जनगणना जैसी प्रक्रियाओं के चलते विधानसभा चुनावों के निर्धारित कार्यक्रम में कोई बदलाव नहीं होगा और चुनाव तय समय पर ही कराए जाएंगे। ऐसे में उच्च सदन की 28 सीटों के परिणाम विभिन्न दलों के संगठनात्मक प्रभाव और आगामी विधानसभा चुनावों की राजनीतिक दिशा के लिहाज से बेहद अहम साबित होंगे।




















