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एशियाई खेलों में ऐतिहासिक रजत पदक जीतकर मणिपुर लौटीं मीराबाई चानू, इंफाल हवाई अड्डे पर भव्य स्वागतमणिपुर
1 अक्तू॰ 2026, 5:00 pm (26 दिन पहले)· 1

एशियाई खेलों में ऐतिहासिक रजत पदक जीतकर मणिपुर लौटीं मीराबाई चानू, इंफाल हवाई अड्डे पर भव्य स्वागत

जापान के आइची-नागोया में हुए 2026 एशियाई खेलों में रजत पदक जीतने के बाद स्टार भारोत्तोलक मीराबाई चानू जब इंफाल पहुंचीं, तो ढोल और पारंपरिक पेना की धुनों के साथ उनका जोरदार स्वागत किया गया।

जापान के आइची-नागोया में आयोजित 2026 एशियाई खेलों में शानदार प्रदर्शन कर देश को रजत पदक दिलाने वाली ओलंपिक और विश्व चैंपियन भारोत्तोलक सैखोम मीराबाई चानू गुरुवार को मणिपुर वापस लौट आईं। इंफाल हवाई अड्डे पर कदम रखते ही उनके प्रशंसकों, परिजनों और खेल प्रेमियों ने उनका जोरदार और ऐतिहासिक स्वागत किया। प्रशंसकों का उत्साह देखते ही बन रहा था और पूरा माहौल जश्न के रंग में डूबा नजर आया।

इंफाल एयरपोर्ट पर उमड़ा जनसैलाब और पारंपरिक धुनें

हवाई अड्डे पर मीराबाई चानू की अगवानी के लिए एक बहुत बड़ा हुजूम मौजूद था। स्वागत करने वालों में उनके माता-पिता और रिश्तेदारों के अलावा स्थानीय विधायक ख इबोम्चा सिंह, युवा मामले एवं खेल विभाग के अधिकारी, खेल जगत की कई हस्तियां और बड़ी तादाद में समर्थक शामिल रहे। इस विशेष मौके पर पारंपरिक कलाकारों ने ढोल और पेना जैसे वाद्ययंत्र बजाकर पूरे माहौल को संगीतमय बना दिया। स्थानीय संस्कृति की सुंदर छटा के बीच खेल प्रशंसकों ने नारे लगाकर अपनी इस स्टार एथलीट के प्रति गहरा प्यार और सम्मान व्यक्त किया।

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28 वर्षों के लंबे सूखे को किया समाप्त

मीराबाई चानू की यह उपलब्धि भारतीय खेल इतिहास में एक मील का पत्थर है। एशियाई खेलों के भारोत्तोलन स्पर्धा में भारत को पूरे 28 साल बाद कोई पदक हासिल हुआ है। इससे पहले वर्ष 1998 के एशियाई खेलों में कर्णम मल्लेश्वरी ने रजत पदक जीता था, जिसके बाद से भारतीय भारोत्तोलक इस मंच पर पोडियम तक नहीं पहुंच सके थे। इस रजत पदक के साथ ही मीराबाई चानू का पहला एशियाई खेल पदक भी पक्का हुआ। अब उनके पास ओलंपिक, विश्व चैंपियनशिप, राष्ट्रमंडल खेल और एशियाई खेल जैसे सभी प्रमुख अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों के पदकों का एक दुर्लभ और शानदार संग्रह पूरा हो चुका है।

शानदार अंतरराष्ट्रीय करियर और उपलब्धियां

मणिपुर में जन्मी इस दिग्गज वेटलिफ्टर के नाम राष्ट्रमंडल खेलों में कुल चार पदक दर्ज हैं, जिनमें तीन स्वर्ण और एक रजत पदक शामिल है। ग्लासगो राष्ट्रमंडल खेलों और हालिया एशियाई खेलों में लगातार दो रजत पदक अपने नाम करने के बाद वह पहली बार अपने गृह राज्य मणिपुर के दौरे पर आई हैं। अपने राज्यवासियों के बीच पहुंचकर मीराबाई काफी भावुक और खुश दिखाई दीं।

समर्थकों और मां के प्रति जताया गहरा आभार

हवाई अड्डे पर लोगों से बातचीत करते हुए चानू ने मणिपुर की जनता का दिल से शुक्रिया अदा किया। उन्होंने कहा कि उनके खेल सफर के हर मोड़ पर, चाहे सफलता का समय रहा हो या निराशा के दौर, राज्य के लोगों ने हमेशा उनका हौसला बढ़ाया है। इसके साथ ही उन्होंने अपनी मां तोम्बी सैखोम को अपनी ताकत का मुख्य आधार बताया। चानू ने अपने कोचों, साथी खिलाड़ियों और तमाम प्रशंसकों को धन्यवाद देते हुए कहा कि इन सभी के अटूट सहयोग के बिना इस नए मुकाम तक पहुंचना संभव नहीं था। उनकी मां तोम्बी सैखोम ने भी इस सफलता पर बात करते हुए कहा कि एशियाई खेलों का यह पदक पूरे परिवार और मणिपुर के तमाम लोगों के लिए बेहद भावुक और गर्व से भर देने वाला क्षण है।

आगे की योजनाएं और लॉस एंजिलिस ओलंपिक का लक्ष्य

मीराबाई चानू ने अपने भविष्य के कार्यक्रम को साझा करते हुए बताया कि वह लगभग एक सप्ताह तक मणिपुर में अपने परिवार और करीबियों के साथ समय बिताएंगी। इसके बाद वह आगे की तैयारियों के सिलसिले में दिल्ली रवाना होंगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह जल्द ही 2028 लॉस एंजिलिस ओलंपिक के क्वालिफिकेशन मुकाबलों को ध्यान में रखते हुए अपना कड़ा अभ्यास सत्र फिर से शुरू करेंगी, ताकि देश के लिए एक बार फिर स्वर्णिम सफलता हासिल की जा सके।

सवाल-जवाब

मीराबाई चानू ने 2026 एशियाई खेलों में कौन सा पदक जीता?
मीराबाई चानू ने जापान के आइची-नागोया में आयोजित 2026 एशियाई खेलों में भारोत्तोलन स्पर्धा का रजत पदक जीता।
एशियाई खेलों में भारत को भारोत्तोलन का पदक कितने साल बाद मिला है?
भारत को एशियाई खेलों की भारोत्तोलन प्रतियोगिता में पूरे 28 साल बाद कोई पदक प्राप्त हुआ है।
मीराबाई चानू से पहले एशियाई खेलों में भारोत्तोलन पदक किसने जीता था?
चानू से पहले कर्णम मल्लेश्वरी ने वर्ष 1998 के एशियाई खेलों में भारोत्तोलन में रजत पदक जीता था।
इंफाल हवाई अड्डे पर मीराबाई चानू का स्वागत किन लोगों ने किया?
उनके स्वागत के लिए उनके माता-पिता, रिश्तेदार, स्थानीय विधायक ख इबोम्चा सिंह, खेल विभाग के अधिकारी और बड़ी संख्या में समर्थक पहुंचे थे।
राष्ट्रमंडल खेलों में मीराबाई चानू के नाम कुल कितने पदक हैं?
मीराबाई चानू ने राष्ट्रमंडल खेलों में कुल चार पदक जीते हैं, जिनमें तीन स्वर्ण और एक रजत पदक शामिल है।
मीराबाई चानू मणिपुर में कितने दिन रुकेंगी और इसके बाद क्या करेंगी?
वह लगभग एक सप्ताह मणिपुर में रहेंगी और फिर 2028 लॉस एंजिलिस ओलंपिक की तैयारी के लिए दिल्ली रवाना होंगी।
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टिप्पणियाँ 5

Nyra Kaif@nyra-kaif·25 दिन पहले

मीराबाई का स्वागत शानदार है, पर 28 साल का सूखा खत्म होने की बात थोड़ी बढ़ा-चढ़ाकर लगती है।

Ravikash Gupta@ravikash·25 दिन पहले

28 साल का सूखा खत्म करना वाकई बहुत बड़ी बात है। मीराबाई ने साबित कर दिया कि संघर्ष लंबा हो सकता है, लेकिन मेहनत रंग लाती ही है। इंफाल एयरपोर्ट का यह स्वागत देखकर दिल खुश हो गया।

Kavya Nair@kavya-nair·25 दिन पहले

रविकेश जी, बिल्कुल सही कहा आपने! एयरपोर्ट पर पारंपरिक पेना और ढोल की गूँज के साथ ऐसा स्वागत देखकर सचमुच रोंगटे खड़े हो जाते हैं।

Rohan Verma@rohan-verma·25 दिन पहले

मीराबाई ने 28 साल का सूखा खत्म कर दिया, मणिपुर का मान बढ़ा दिया।

Arjun Mehta@arjun-mehta·25 दिन पहले

रोहन जी, बात तो बिल्कुल सही है आपकी। पर ये बताइए कि इस 28 साल के लंबे सूखे की असली वजह क्या रही, क्या हमारे यहाँ सिस्टम की कमी थी?

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