मणिपुर के युवाओं के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर करियर बनाने के नए दरवाजे खुल रहे हैं। राज्य के जो युवा जापान में काम करने के इच्छुक हैं, उन्हें प्रशासन की ओर से पूरा सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा। मुख्यमंत्री वाई खेमचंद सिंह ने जापानी प्रतिनिधियों के साथ एक अहम बैठक के दौरान यह भरोसा दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि युवाओं को विदेशी धरती पर सुरक्षित और बेहतर रोजगार अवसर दिलाने के लिए जरूरी संसाधन और सहायता मुहैया कराई जाएगी।
जापानी प्रतिनिधियों के साथ सचिवालय में अहम बैठक
राजधानी इंफाल स्थित मुख्यमंत्री सचिवालय, बाबुपाड़ा में एक उच्चस्तरीय जापानी प्रतिनिधिमंडल के साथ विचार-विमर्श हुआ। इस प्रतिनिधिमंडल में जापान स्थित जेनकेन कॉर्पोरेशन के अलावा छह जापानी समाज कल्याण निगम शामिल थे। इस बैठक का नेतृत्व कौशल, श्रम, रोजगार और उद्यमिता विभाग (एसएलईई) की सचिव एन. बंदना देवी ने किया। जापानी कंपनियों के इस समूह में लाइफ नो गाक्को, फुकुशी गाकुदान, गाशोएन, मिनेयामा, कुनेइकाई, गोशिकी और एनएसडीसी इंटरनेशनल के प्रतिनिधि शामिल रहे। सोशल मीडिया पर मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रतिनिधिमंडल ने राज्य के कुशल युवाओं को अपने यहां रखने में गहरी रुचि दिखाई है।
मणिपुर यूनिवर्सिटी में भर्ती अभियान
विदेशी कंपनियों का यह दल मणिपुर यूनिवर्सिटी परिसर में मौजूद नेशनल स्किल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (एनएसडीसी) इंटरनेशनल एकेडमी में सीधी भर्ती प्रक्रिया संचालित करने पहुंचा है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य राज्य की स्थानीय प्रतिभाओं को जापानी कार्यसंस्कृति के अनुकूल तैयार कर वहां की विभिन्न कंपनियों में नियोजित करना है। प्रतिनिधिमंडल ने राज्य के हुनरमंद युवाओं की क्षमता की सराहना करते हुए स्वास्थ्य, सेवा और अन्य तकनीकी क्षेत्रों में उनके लिए बेहतर अवसरों की संभावना जताई है।
ड्राइवरों के लिए खास प्रशिक्षण कार्यक्रम
आधिकारिक जानकारी के अनुसार, मौजूदा समय में मणिपुर के 230 से अधिक युवा जापान के अलग-अलग कार्य क्षेत्रों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। इस संख्या को और बढ़ाने के लिए राज्य सरकार ने अपनी रणनीति का दायरा बढ़ाया है। अब उन युवाओं पर भी ध्यान केंद्रित किया जा रहा है जो वाणिज्यिक ड्राइविंग में रुचि रखते हैं। सरकार ने घोषणा की है कि जापान में ट्रक और टैक्सी चलाने की इच्छा रखने वाले इच्छुक उम्मीदवारों के लिए विशेष ट्रेनिंग प्रोग्राम शुरू किए जाएंगे, जिससे वे वहां के यातायात नियमों और ड्राइविंग मानकों पर खरे उतर सकें।



















