मणिपुर के चूड़ाचंदपुर जिले में स्वास्थ्य संकट गहराता जा रहा है, जहां पिछले कुछ महीनों में डेंगू के मामलों में भारी उछाल दर्ज किया गया है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय से मिले आंकड़ों के अनुसार, इस साल 1 अप्रैल से 20 अक्टूबर के बीच जिले में कुल 3,713 लोग डेंगू की चपेट में आ चुके हैं। इनमें से चार मरीजों की मौत डेंगू के कारण होने की पुष्टि एलाइसा जांच के माध्यम से की गई है, जबकि पांच अन्य मौतों के मामलों की अभी जांच और पुष्टि होना बाकी है।
पिछले साल के मुकाबले मामलों में भारी बढ़ोतरी
इस बार के आंकड़े पिछले साल की तुलना में बेहद चौंकाने वाले हैं। पूरे वर्ष 2025 के दौरान इस जिले में डेंगू के महज 332 मामले सामने आए थे, जो मौजूदा वर्ष के मुकाबले बेहद कम हैं। इस बार संक्रमण की रफ्तार में तेजी पिछले कुछ महीनों के दौरान देखने को मिली है। अगस्त के आखिर तक जिले में कुल मामले 750 के आसपास थे और दो मौतें दर्ज हुई थीं, लेकिन अक्टूबर के आते-आते यह आंकड़ा 3,700 के पार पहुंच गया, जिससे स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ गई है।
प्रशासन और स्वास्थ्य अधिकारियों की उच्च स्तरीय बैठक
बिगड़ते हालातों को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। हाल ही में उपायुक्त सम्मेलन कक्ष में एक महत्वपूर्ण प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया। इस बैठक में चूड़ाचंदपुर के उपायुक्त कृष्णा कुमार, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. हेंखोनेग मेट और जिला अस्पताल की चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सानिया मोनिका ने संयुक्त रूप से मीडिया को जिले की मौजूदा स्वास्थ्य स्थिति से अवगत कराया।
रोकथाम और साफ-सफाई पर विशेष जोर
पत्रकारों को संबोधित करते हुए उपायुक्त कृष्णा कुमार ने संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए कड़े कदम उठाने की बात कही। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे पानी के ठहराव को हर हाल में रोकें, नियमित रूप से लार्वा सर्वे करवाएं और पूरे क्षेत्र में जागरूकता अभियानों का विस्तार करें। उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन पिछले कई महीनों से लगातार मामलों की समीक्षा कर रहा है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से लोगों को मुफ्त फॉगिंग, स्रोत घटाने के उपाय और जागरूकता कार्यक्रम जैसी सुविधाएं मुहैया कराई जा रही हैं। इसके अलावा अस्पतालों में डेंगू की जांच पूरी तरह मुफ्त की जा रही है और मरीजों के इलाज के लिए जिला अस्पताल, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों तथा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में अलग से बेड आरक्षित किए गए हैं।
कूड़ा प्रबंधन और आगे की रणनीति
कूड़ेदान और कचरे के प्रबंधन को लेकर भी प्रशासन ने जनता से अपील की है। अधिकारियों ने बताया कि कई लोग कचरा तय स्थानों पर डालने के बजाय यहां-वहां फेंक रहे हैं और कचरा संग्रहण सेवा का इस्तेमाल भी नहीं कर रहे हैं। जिला अस्पताल की चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सानिया मोनिका ने जानकारी दी कि इस साल अप्रैल से अब तक लगभग 910 डेंगू मरीजों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया जा चुका है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. हेंखोनेग मेट ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग इस गंभीर प्रकोप पर काबू पाने के लिए लगातार निगरानी, उचित इलाज और अन्य जरूरी कदम उठा रहा है।



















