सावन के दूसरे सोमवार के अवसर पर हरिद्वार के हर की पैड़ी से गंगाजल लेकर लौट रहे कांवड़ियों का भारी हुजूम दिल्ली और गाजियाबाद सीमा में प्रवेश कर रहा है। सावन शिवरात्रि और चतुर्दशी तिथि के अवसर पर 11 अगस्त दिन मंगलवार को महादेव का जलाभिषेक किया जाएगा। कांवड़ यात्रा की इस विशाल भीड़ और भक्तों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए दिल्ली और गाजियाबाद प्रशासन ने व्यापक ट्रैफिक डायवर्जन लागू किया है। अधिकारियों ने आम चालकों और यात्रियों को सलाह दी है कि वे 10 अगस्त से लेकर 11 अगस्त की शाम तक प्रभावित इलाकों में जाने से बचें और अपनी यात्रा के लिए वैकल्पिक रास्तों का चुनाव करें। इस दौरान कई प्रमुख सड़कों को केवल कांवड़ियों की आवाजाही के लिए सुरक्षित घोषित कर दिया गया है, जहां सामान्य गाड़ियों की एंट्री पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है।
दिल्ली में जीटी रोड शाहदरा समेत इन रास्तों पर लागू रहेंगी सख्त पाबंदियां
राजधानी दिल्ली में कांवड़ यात्रियों के प्रवेश के चलते पूर्वी दिल्ली का इलाका सबसे अधिक प्रभावित हुआ है। शाहदरा जीटी रोड पर सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने सीमापुरी गोल चक्कर से लेकर चिंतामणि रेड लाइट तक के हिस्से को सामान्य गाड़ियों के लिए पूरी तरह बंद कर दिया है। यह रास्ता केवल पैदल चल रहे कांवड़ श्रद्धालुओं के लिए आरक्षित रखा गया है। इसके अलावा, आनंद विहार की तरफ से आ रहे वाहनों को भी चिंतामणि रेड लाइट के पास नियंत्रित किया जा रहा है और वहां से अन्य दिशाओं में डायवर्ट किया जा रहा है।
ट्रैफिक पुलिस का यह विशेष इंतजाम 11 अगस्त की शाम तक पूरी तरह लागू रहेगा। चालकों से अपील की गई है कि वे जीटी रोड शाहदरा की ओर जाने के बजाय वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करें। प्रमुख चौराहों पर ट्रैफिक को संभालने और लोगों की सुगम आवाजाही बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किए गए हैं। कांवड़िये दिल्ली-एनसीआर में विश्राम करने के बाद उत्तर प्रदेश, हरियाणा और राजस्थान के विभिन्न इलाकों की ओर आगे बढ़ रहे हैं, जिससे आसपास के अन्य रास्तों पर भी सतर्कता बढ़ाई गई है।
गाजियाबाद और दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर जरूरत के हिसाब से ट्रैफिक नियंत्रण
दिल्ली से सटे गाजियाबाद जिले में भी कांवड़ियों की भारी उपस्थिति को देखते हुए कड़े कदम उठाए गए हैं। दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर मेरठ से लेकर यूपी गेट तक के हिस्से में गाड़ियों की आवाजाही को कांवड़ियों की भीड़ के अनुसार नियंत्रित किया जा रहा है। गाजियाबाद पुलिस का कहना है कि सड़क पर पैदल चलने वाले शिवभक्तों की संख्या बढ़ते ही एक्सप्रेसवे के प्रवेश द्वारों को अस्थायी रूप से बंद कर दिया जाता है। जैसे ही भीड़ कम होती है और स्थिति सामान्य होती है, सामान्य गाड़ियों की आवाजाही को दोबारा चालू कर दिया जाता है।
इस गतिशील व्यवस्था से कांवड़ यात्रा के दौरान दुर्घटनाओं की आशंका को समाप्त करने का प्रयास किया जा रहा है। पुलिस प्रशासन लगातार सड़कों की निगरानी कर रहा है ताकि दूर-दराज के राज्यों की ओर जाने वाले शिवभक्तों को किसी प्रकार की असुविधा न हो और साथ ही स्थानीय यात्रियों को भी भारी जाम से बचाया जा सके।
ड्रोन कैमरों से निगरानी, भारी वाहनों पर रोक और यात्रियों के लिए विशेष अपील
कांवड़ यात्रा को शांतिपूर्ण और सुरक्षित तरीके से संपन्न कराने के लिए दिल्ली और गाजियाबाद पुलिस की ओर से त्रिस्तरीय सुरक्षा प्रबंध किए गए हैं। संवेदनशील मार्गों पर कांवड़ियों के लिए अलग से समर्पित लेन बनाई गई है, जबकि भारी व्यावसायिक वाहनों के प्रवेश पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया है। संपूर्ण यात्रा मार्ग की लाइव निगरानी के लिए उच्च तकनीक वाले ड्रोन कैमरों का सहारा लिया जा रहा है, जिससे किसी भी प्रकार की भीड़ या अव्यवस्था पर तुरंत कार्रवाई की जा सके।
ट्रैफिक विभाग ने वाहन चालकों और यात्रियों से विशेष अनुरोध किया है कि यदि उन्हें शाहदरा, सीमापुरी, आनंद विहार, गाजियाबाद या दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे की ओर यात्रा करनी है तो वे अतिरिक्त समय लेकर ही घर से निकलें। 11 अगस्त की शाम तक इन सभी व्यस्त मार्गों पर ट्रैफिक दबाव अत्यधिक रहने की संभावना है, इसलिए समय रहते सही मार्ग चुनना ही असुविधा से बचा सकता है।



















