असम के हैलाकांडी ज़िले के आलोइचेरा इलाके में 16 वर्ष की एक नाबालिग किशोरी के साथ हुई नृशंस वारदात ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। अपने ही घर में अकेली मौजूद किशोरी पर आरोपियों ने अत्यधिक क्रूरता से हमला किया और दुष्कर्म के बाद उसकी हत्या कर दी। घटना की जानकारी सामने आते ही पूरे असम की बराक घाटी में तीव्र जनाक्रोश फैल गया है तथा लोग सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक नाबालिग सहित कुल पांच आरोपियों को हिरासत में ले लिया है। शुरुआती पुलिस जांच में इस खौफनाक वारदात के पीछे प्रेम संबंध अथवा 'लव ट्राएंगल' का कोण सामने आ रहा है, जिसकी विस्तृत जांच के लिए विशेष जांच टीम का गठन किया गया है।
घटना की पूरी टाइमलाइन और शनिवार की रात का घटनाक्रम
यह दर्दनाक हादसा शनिवार रात को उस समय घटित हुआ, जब पीड़िता का पूरा परिवार पड़ोस में स्थित एक रिश्तेदार के घर आयोजित पारिवारिक दावत में शामिल होने गया हुआ था। पीड़िता भी शुरुआत में परिवार के साथ इस समारोह में मौजूद थी, लेकिन वहां किसी रिश्तेदार या कज़िन के साथ हुई कहासुनी के बाद वह नाराज होकर रात लगभग 10:30 बजे अकेले ही अपने घर वापस लौट आई। परिवार वालों को लगा कि वह घर जाकर विश्राम कर रही है और उन्होंने योजना बनाई थी कि कार्यक्रम समाप्त होने के बाद उसके लिए भोजन लेकर घर पहुंचेंगे।
लगभग एक घंटे बाद, जब परिवार के सदस्य रात 11:30 बजे के आसपास अपने घर लौटे, तो अंदर का दृश्य देखकर उनके होश उड़ गए। किशोरी घर के कमरे में लहुलूहान और मृत अवस्था में पड़ी हुई थी। हमलावरों ने उसके चेहरे और सिर पर किसी भारी वस्तु से जानलेवा वार किया था, जिससे उसका चेहरा पूरी तरह विकृत हो चुका था। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में यह भयावह पुष्टि हुई है कि हत्या से पूर्व उसके साथ दुष्कर्म किया गया था और उसके शरीर पर अत्यंत गंभीर तथा घातक चोटें पहुंचाई गई थीं। पीड़िता की मां और बहन ने बताया कि शव की हालत इतनी खराब थी कि उसे पहचान पाना भी कठिन हो रहा था।
पुलिस कार्रवाई और पांचों आरोपियों की गिरफ्तारी
मामले की जानकारी मिलते ही वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और साक्ष्य जुटाने की प्रक्रिया शुरू की। सीनियर सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस (SSP) अमिताभ सिन्हा के अनुसार, पुलिस ने त्वरित जांच करते हुए सोमवार को सबसे पहले तीन किशोरों को गिरफ्तार किया, जिनमें एक 17 वर्षीय नाबालिग भी शामिल था। अदालत में पेशी के बाद इन तीनों आरोपियों को छह दिन की पुलिस कस्टडी में भेज दिया गया।
इसके पश्चात जांच को आगे बढ़ाते हुए पुलिस ने बुधवार की सुबह दो अन्य मुख्य आरोपियों को भी धर दबोचा। गिरफ्तार किए गए इन दो वयस्क आरोपियों की पहचान 23 वर्षीय मनोज दास उर्फ राजदीप दास और 18 वर्षीय सिराज दास के रूप में हुई है। इस प्रकार, इस वीभत्स अपराध में शामिल सभी पांचों संदिग्ध पुलिस की गिरफ्त में आ चुके हैं और उनसे सघन पूछताछ की जा रही है।
एसआईटी का गठन और 'लव ट्राएंगल' का संदिग्ध कोण
जांच अधिकारियों द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, आरोपी पीड़ित किशोरी के परिचित थे और उन्हें इस बात की सटीक जानकारी थी कि शनिवार की रात परिवार के दावत में जाने के कारण घर पूरी तरह खाली रहेगा। सीनियर सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस अमिताभ सिन्हा ने बताया कि शुरुआती जांच से संकेत मिलते हैं कि पीड़िता का गिरफ्तार आरोपियों में से दो के साथ एक ही समय पर प्रेम संबंध था। पुलिस का मानना है कि इसी 'लव ट्राएंगल' या आपसी रंजिश के कारण इस खौफनाक हत्याकांड की साजिश रची गई होगी।
वारदात की हर कड़ी को जोड़ने और सभी आरोपियों की व्यक्तिगत भूमिका निर्धारित करने के लिए पुलिस वैज्ञानिक साक्ष्यों, मोबाइल फोन डेटा और डिजिटल फॉरेंसिक रिकॉर्ड की गहराई से जांच कर रही है। घटना की विस्तृत एवं निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए एडिशनल सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस (क्राइम) की अगुवाई में एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) का गठन किया गया है, जो मामले के हर पहलू पर साक्ष्य एकत्र कर रही है।
कानूनी धाराएं: बीएनएस और पॉक्सो एक्ट के तहत कार्रवाई
पुलिस ने गिरफ्तार किए गए पांचों आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और पॉक्सो कानून की अत्यंत सख्त धाराओं के तहत आपराधिक मामला दर्ज किया है। आरोपियों पर 16 साल से कम उम्र की बालिका से दुष्कर्म के संबंध में BNS की धारा 65(1) तथा हत्या के अपराध में धारा 103(1) लगाई गई है। इसके साथ ही, लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण (POCSO) अधिनियम 2012 की धारा 6 के तहत गंभीर यौन हमले का मामला दर्ज किया गया है।
पुलिस प्रशासन का कहना है कि हालांकि इस जघन्य अपराध में पांच पुरुष शामिल पाए गए हैं, लेकिन चूंकि जांच अभी शुरुआती दौर में है, इसलिए फिलहाल सामूहिक दुष्कर्म की धारा नहीं जोड़ी गई है। साक्ष्य और फॉरेंसिक रिपोर्ट के आधार पर जांच आगे बढ़ने के साथ धाराओं में संशोधन किया जा सकता है।
बराक घाटी में आक्रोश और फास्ट-ट्रैक कोर्ट की मांग
किशोरी के साथ हुई इस नृशंसता की खबर जैसे ही फैली, हैलाकांडी और संपूर्ण बराक घाटी में विरोध के स्वर मुखर हो गए। विभिन्न स्थानीय संगठनों और आम नागरिकों द्वारा दोषियों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की मांग को लेकर प्रदर्शन किए जा रहे हैं। पीड़िता के शोक संतप्त परिवार ने न्याय की गुहार लगाते हुए सभी दोषियों के लिए मृत्युदंड (मौत की सजा) की मांग की है।
परिवारजन और स्थानीय निवासियों ने राज्य सरकार तथा पुलिस प्रशासन से अपील की है कि इस संवेदनशील मामले की सुनवाई फास्ट-ट्रैक कोर्ट (त्वरित अदालत) में चलाई जाए, ताकि पीड़िता को जल्द से जल्द न्याय मिल सके और जघन्य अपराध करने वाले अपराधियों के मन में कड़ा संदेश जाए।



















