महाराष्ट्र के नागपुर शहर से एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है, जहां एक 16 साल की नाबालिग लड़की को सोशल मीडिया के जरिए जाल में फंसाकर बंधक बनाया गया और उसके साथ दरिंदगी की गई। नागपुर की हुडकेश्वर थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पीड़िता को एक किराए के मकान से सुरक्षित छुड़ा लिया है। पुलिस ने मौके से आरोपी को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया है। पीड़िता का अस्पताल में इलाज जारी है और आरोपी के खिलाफ पॉक्सो कानून तथा अपहरण की गंभीर धाराओं के तहत कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
फर्जी प्रोफाइल से दोस्ती और ब्लैकमेलिंग की साजिश
इस पूरी साजिश का मास्टरमाइंड ठाणे का रहने वाला निर्भय पाखरे नाम का युवक है। आरोपी निर्भय ने पिछले साल इंस्टाग्राम पर 'आकाश मेहरा' नाम से एक फर्जी प्रोफाइल बनाई थी। इसी फर्जी पहचान का इस्तेमाल करते हुए उसने नागपुर की 16 वर्षीय किशोरी से संपर्क साधा। धीरे-धीरे उसने बातचीत बढ़ाकर लड़की को अपने झांसे में लिया और दोस्ती को प्यार का रूप दे दिया। जब पीड़िता आरोपी के झूठे वादों पर विश्वास करने लगी, तो आरोपी ने उससे कुछ निजी तस्वीरें हासिल कर लीं। तस्वीरें मिलने के तुरंत बाद आरोपी ने अपना असली रंग दिखाना शुरू किया। वह उन तस्वीरों को इंटरनेट पर साझा करने की धमकी देने लगा और लड़की को ब्लैकमेल करते हुए खुद से मिलने के लिए दबाव बनाने लगा। तस्वीरों के सार्वजनिक होने के डर से किशोरी उसके पास जाने को मजबूर हो गई।
2 अगस्त को लापता हुई किशोरी, पुलिस में दर्ज हुई शिकायत
ब्लैकमेलिंग के इस जाल में फंसी पीड़िता 2 अगस्त को अचानक अपने घर से लापता हो गई। जब काफी समय बीत जाने के बाद भी लड़की का कोई पता नहीं चला, तो उसके परिजनों ने अपने स्तर पर हर संभावित जगह उसकी तलाश की। रिश्तेदारियों और दोस्तों के पास ढूंढने के बाद भी जब किशोरी का सुराग नहीं मिला, तो चिंतित परिजन नागपुर के हुडकेश्वर पुलिस स्टेशन पहुंचे। परिजनों ने 2 अगस्त को ही बेटी के अचानक गायब होने की लिखित शिकायत दर्ज कराई। मामले की संवेदनशीलता और पीड़िता के नाबालिग होने के कारण पुलिस ने बिना कोई वक्त गंवाए तुरंत तलाश अभियान शुरू कर दिया।
दिघोरी के किराए के मकान में रात 11 बजे छापेमारी
मामले की गंभीरता को देखते हुए हुडकेश्वर पुलिस ने टेक्निकल सर्विलांस और साइबर सेल की मदद ली। मोबाइल लोकेशन और डिजिटल सुरागों के आधार पर पुलिस की जांच टीम नागपुर के दिघोरी इलाके तक पहुंची। सोमवार, 3 अगस्त की रात करीब 11 बजे पुलिस बल ने दिघोरी स्थित एक किराए के मकान पर अचानक छापा मारा। जब पुलिस की टीम कमरे के अंदर दाखिल हुई तो वहां का नजारा बेहद भयावह था। 16 वर्षीय पीड़िता बिस्तर पर बेबस पड़ी हुई थी और उसके हाथ और पैर रस्सी से बंधे हुए थे। आरोपी निर्भय पाखरे हाथ में बेल्ट लिए उसके पास खड़ा था। कमरे की तलाशी के दौरान पुलिस को बिस्तर के ठीक बगल में एक चाकू भी पड़ा हुआ मिला। किशोरी के शरीर पर बेल्ट और मारपीट के कई गंभीर निशान मौजूद थे, जो आरोपी द्वारा किए गए शारीरिक और यौन शोषण की पुष्टि कर रहे थे।
पॉक्सो एक्ट में मामला दर्ज, 2 दिन की पुलिस रिमांड
पुलिस की टीम ने तुरंत तत्परता दिखाते हुए पीड़िता को सुरक्षित रेस्क्यू किया और इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां डॉक्टरों की देखरेख में उसका उपचार चल रहा है। वहीं, मौके से गिरफ्तार किए गए आरोपी निर्भय पाखरे के खिलाफ पॉक्सो (POCSO) अधिनियम, अपहरण, अवैध रूप से बंधक बनाने और गंभीर मारपीट की धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस ने आरोपी को स्थानीय अदालत में पेश किया, जहां से उसे 2 दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस अधिकारी अब आरोपी के मोबाइल फोन, सोशल मीडिया अकाउंट्स और कॉल डिटेल्स की गहन जांच कर रहे हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि उसने पूर्व में किसी अन्य नाबालिग को भी इसी तरह अपना शिकार तो नहीं बनाया था।



















