जनपद फिरोजाबाद के नागरिकों को उनके विधिक अधिकारों के प्रति सचेत करने और शासन की कल्याणकारी नीतियों का लाभ सीधे जरूरतमंदों तक पहुंचाने के उद्देश्य से जिला न्यायालय परिसर में 1 नवंबर को एक विशेष मेगा विधिक सेवा शिविर का आयोजन किया जा रहा है। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA) तथा उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के तय मानकों और निर्देशों के तहत आयोजित हो रहे इस कार्यक्रम की व्यापक रूपरेखा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा तैयार कर ली गई है।
समाज के अंतिम व्यक्ति तक न्याय और शासन की पहुंच सुनिश्चित करने की पहल
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव योगेश शिवा के अनुसार इस वृहद शिविर की मुख्य सोच समाज के सबसे कमजोर और अंतिम पायदान पर मौजूद नागरिक को सस्ता, सुलभ न्याय और प्रशासनिक सुविधाएं मुहैया कराना है। इस आयोजन के केंद्र में तीन प्रमुख उद्देश्य रखे गए हैं। पहली प्राथमिकता केंद्र सरकार और उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा संचालित विभिन्न लोक कल्याणकारी कार्यक्रमों से वास्तविक पात्रों को सीधे जोड़ना है। दूसरा मकसद गरीब, असहाय और वंचित वर्ग के लोगों को यह समझाना है कि वे बिना किसी आर्थिक भार के निःशुल्क विधिक सहायता कैसे हासिल कर सकते हैं। इसके साथ ही आम जनता को उनके बुनियादी विधिक अधिकारों एवं नागरिक दायित्वों से अवगत कराया जाएगा, ताकि विधिक समझ की कमी के कारण किसी भी व्यक्ति को न्याय से वंचित न रहना पड़े।
एक ही परिसर में 44 विभागों का समन्वय
यह आयोजन मात्र कानूनी परामर्श तक सीमित न रहकर एक एकीकृत सेवा केंद्र की भूमिका निभाएगा। न्यायालय प्रांगण में 44 अलग-अलग सरकारी विभागों के समर्पित स्टॉल स्थापित किए जाएंगे, जहां संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहकर लोगों की समस्याओं का निस्तारण करेंगे। इस समन्वय में राजस्व विभाग, समाज कल्याण विभाग, महिला एवं बाल विकास, श्रम विभाग, स्वास्थ्य विभाग तथा बैंकिंग तंत्र प्रमुख रूप से सम्मिलित रहेंगे। शिविर स्थल पर ही पात्र व्यक्तियों को कल्याणकारी योजनाओं से तुरंत जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।
मौके पर मिलेंगी आवश्यक नागरिक सुविधाएं
शिविर में पहुंचने वाले आगंतुकों के लिए कई आवश्यक प्रमाण-पत्रों और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के सीधे आवेदन की व्यवस्था रहेगी। इसके तहत आधार कार्ड बनवाने या उसमें सुधार कराने, आयुष्मान भारत कार्ड जारी कराने, वृद्धावस्था, दिव्यांग व विधवा पेंशन योजनाओं के पंजीकरण और विद्यार्थियों की छात्रवृत्ति से जुड़े कार्यों के लिए विशेष डेस्क काम करेंगी। विधिक सेवा प्राधिकरण ने इस पूरे अभियान को प्रभावी बनाने के लिए अपनी प्रशासनिक तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया है।
















