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करौली में दीपोत्सव की खरीदारी तेज, इन पांच साड़ियों की सबसे अधिक मांगराजस्थान
31 अक्तू॰ 2026, 6:30 pm (1 मिनट पहले)· 0

करौली में दीपोत्सव की खरीदारी तेज, इन पांच साड़ियों की सबसे अधिक मांग

करौली के वस्त्र बाजारों में आगामी दीपोत्सव को लेकर ग्राहकों की आवाजाही बढ़ गई है, जहां पारंपरिक चुनरी गोटा पट्टी से लेकर स्टोन वर्क और रजवाड़ी परिधानों की सबसे ज्यादा बिक्री दर्ज की जा रही है।

राजस्थान के करौली में आगामी दीपोत्सव पर्व के मद्देनजर बाजारों की रौनक में जोरदार उछाल देखने को मिल रहा है। त्योहारी माहौल के बीच वस्त्र प्रतिष्ठानों में परिधानों की खरीदारी करने के लिए महिलाओं का तांता लगा हुआ है। खासकर साड़ी की दुकानों पर ग्राहकों की खासी आवाजाही बनी हुई है, जहां इस बार पांच विशिष्ट प्रकार के परिधान सबसे अधिक पसंद किए जा रहे हैं। इन परिधानों की अनूठी बुनावट, कलात्मक डिजाइन और विविध रंग संयोजन ग्राहकों को आकर्षित कर रहे हैं।

पारंपरिक चुनरी गोटा पट्टी परिधान की सबसे ज्यादा मांग

वस्त्र विक्रेताओं के मुताबिक स्थानीय बाजार में पारंपरिक शैलियों से लेकर आधुनिक फैंसी डिजाइनों का बड़ा संग्रह उतारा गया है। इस संग्रह में पारंपरिक चुनरी गोटा पट्टी परिधान सबसे आगे चल रहा है। चुनरी की पारंपरिक छटा और गोटा पट्टी की कारीगरी इस परिधान को एक भव्य रूप प्रदान करती है। साड़ी विक्रेता पंकज गुप्ता ने जानकारी दी कि पारंपरिक चुनरी गोटा पट्टी परिधान लगभग 2250 रुपये के मूल्य पर उपलब्ध है, जिसकी मांग उत्सव को देखते हुए सबसे तीव्र बनी हुई है।

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चमकदार स्टोन वर्क और रजवाड़ी परिधानों का जादू

इसके साथ ही फैंसी स्टोन वर्क वाले परिधान भी खरीदारों के बीच खूब सराहे जा रहे हैं। इन कपड़ों पर जड़े हुए चमकदार पत्थरों की कारीगरी उत्सव के मौके पर एक विशिष्ट और आकर्षक रूप देती है, जिसे त्योहारी साज-सज्जा के शौकीन काफी पसंद कर रहे हैं। दूसरी ओर, राजपूती शैली के परिधान भी अपनी अलग पहचान बनाए हुए हैं। प्रामाणिक राजस्थानी बनावट और चटख रंगों की मौजूदगी के कारण महिलाएं इस शैली की ओर काफी रुचि दिखा रही हैं।

हल्के फैब्रिक में सुपरनेट और सौभाग्यवती लिखा रजवाड़ी संग्रह

हल्के वजन के कपड़ों की तलाश करने वाली महिलाओं के लिए सुपरनेट पैटर्न वाले परिधान मुख्य आकर्षण बने हुए हैं। इनका सुगम और आरामदायक फैब्रिक उत्सव के दौरान सहजता प्रदान करता है। वहीं, रजवाड़ी शैली में सौभाग्यवती लिखे हुए परिधान इस त्योहारी सीजन में खास चर्चा बटोर रहे हैं। इस परिधान पर कलात्मक ढंग से उकेरा गया सौभाग्यवती शब्द ग्राहकों को खूब भा रहा है। विशेष रूप से लाल और पीले रंगों के परिधानों की बिक्री काफी अधिक है। इन रजवाड़ी परिधानों का मूल्य 600 रुपये से लेकर 1500 रुपये के दायरे में है, जिससे यह विभिन्न आर्थिक वर्गों के खरीदारों की पहुंच में आसानी से आ रहे हैं।

त्योहार करीब आने पर बिक्री में और उछाल की संभावना

व्यापारियों का आकलन है कि इन सभी पांचों शैलियों में आकर्षक कारीगरी के साथ-साथ किफायती दरों का भी पूरा ध्यान रखा गया है। यही संतुलन पारंपरिक और आधुनिक दोनों तरह के परिधानों की तेज बिक्री की मुख्य वजह बना हुआ है। बाजार के जानकारों का मानना है कि जैसे-जैसे दीपोत्सव का दिन नजदीक आएगा, साड़ी कारोबार में खरीदारी की यह रफ्तार और ज्यादा गति पकड़ेगी।

सवाल-जवाब

करौली के बाजार में इस बार कौन से पांच साड़ी पैटर्न सबसे ज्यादा पसंद किए जा रहे हैं?
इस त्योहारी सीजन में पारंपरिक चुनरी गोटा पट्टी, फैंसी स्टोन वर्क, राजपूती शैली, सुपरनेट और सौभाग्यवती लिखे हुए रजवाड़ी परिधान सबसे ज्यादा खरीदे जा रहे हैं।
पारंपरिक चुनरी गोटा पट्टी साड़ी का अनुमानित मूल्य क्या है?
व्यापारियों के अनुसार पारंपरिक चुनरी गोटा पट्टी परिधान की कीमत लगभग 2250 रुपये है।
सौभाग्यवती लिखी हुई रजवाड़ी साड़ियों की कीमत कितनी है?
रजवाड़ी पैटर्न में उपलब्ध सौभाग्यवती लिखी साड़ियां 600 रुपये से लेकर 1500 रुपये तक के मूल्य पर मिल रही हैं।
रजवाड़ी साड़ियों में कौन से रंग सबसे अधिक बिक रहे हैं?
इस बार मांगलिक उत्सव के अनुसार लाल और पीले रंग की रजवाड़ी साड़ियों की मांग बाजार में सबसे ज्यादा देखी जा रही है।
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