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गमाडा से जुड़े वित्तीय गड़बड़ी मामले में ईडी की 26 ठिकानों पर तलाशी, मंत्री के रिश्तेदार के आवास पर भी पहुंची टीमपंजाब
23 सित॰ 2026, 10:09 pm (44 दिन पहले)· 1

गमाडा से जुड़े वित्तीय गड़बड़ी मामले में ईडी की 26 ठिकानों पर तलाशी, मंत्री के रिश्तेदार के आवास पर भी पहुंची टीम

प्रवर्तन निदेशालय ने गमाडा वित्तीय राहत मामले में दिल्ली, चंडीगढ़, मोहाली, पंचकूला और लुधियाना समेत 26 परिसरों में सघन तलाशी अभियान चलाया है।

प्रवर्तन निदेशालय ने ग्रेटर मोहाली एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी यानी गमाडा से संबंधित वित्तीय अनियमितताओं और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों की पड़ताल के तहत मंगलवार सुबह एक व्यापक तलाशी अभियान शुरू किया। इस कार्रवाई के दायरे में पंजाब के कैबिनेट मंत्री हरदीप सिंह मुंडियां के भांजे अनमोल उर्फ प्रिंस का लुधियाना स्थित साहनेवाल आवास भी आ गया, जहां जांच एजेंसी के अधिकारियों ने पहुंचकर सघन छानबीन की। इसके साथ ही चंडीगढ़ में गमाडा के पूर्व चीफ एडमिनिस्ट्रेटर और वरिष्ठ आईएएस अधिकारी राजीव गुप्ता के घर पर भी केंद्रीय एजेंसी की टीम दस्तावेज खंगालने पहुंची।

पांच शहरों में फैला तलाशी अभियान

प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट यानी पीएमएलए के प्रावधानों के अंतर्गत जांच एजेंसी ने कुल 26 परिसरों को अपने दायरे में लिया है। यह व्यापक तलाशी अभियान दिल्ली, मोहाली, चंडीगढ़, पंचकूला और लुधियाना के विभिन्न ठिकानों पर एक साथ संचालित किया गया। मोहाली के फेज-8 स्थित पुडा भवन और गमाडा के प्रशासनिक कार्यालयों में भी जांच दल दाखिल हुए, जहां संबंधित आधिकारिक फाइलों, वित्तीय लेखा-जोखा और प्रॉपर्टी रिकॉर्ड की गहन जांच की गई। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए गमाडा कार्यालय के कुछ हिस्सों को सील भी किया गया है।

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100 करोड़ रुपये के संदिग्ध लाभ की पड़ताल

जांच का मुख्य केंद्र बिंदु तिरुपति इंफ्राप्रोजेक्ट्स और उससे जुड़ी इकाइयों द्वारा गमाडा की दो प्रमुख नीलामी साइटें हासिल करने के बाद दी गई कथित वित्तीय राहत से जुड़ा है। मामले के विवरण के अनुसार, कंपनियों को 100 करोड़ रुपये से अधिक का संदिग्ध अनुचित लाभ पहुंचाने और इससे सरकारी खजाने को भारी नुकसान होने की आशंका की पड़ताल की जा रही है। जांच के घेरे में टीला कंसल्टेंट्स भी शामिल है, जिसकी भूमिका एक मध्यस्थ के तौर पर संदिग्ध मानी जा रही है।

आधिकारिक रिकॉर्ड और वित्तीय लेन-देन की पड़ताल

जांच के दायरे में आई प्रमुख कंपनी तिरुपति इंफ्राप्रोजेक्ट्स लगभग 290 करोड़ रुपये के बैंक फ्रॉड से जुड़े एक अन्य मामले में भी सीबीआई और ईडी की जांच का सामना कर रही है। मोहाली में हाउसिंग एंड अर्बन डेवलपमेंट डिपार्टमेंट और गमाडा से संबंधित दफ्तरों में प्रमोटरों, निदेशकों और संबंधित निजी कंपनियों से जुड़े दस्तावेजों की मिलान प्रक्रिया जारी रखी गई है। केंद्रीय एजेंसी की टीमें प्रॉपर्टी आवंटन से जुड़े कागजात, वित्तीय लेन-देन और बैंक खातों के ब्योरे जुटा रही हैं। फिलहाल इस अभियान में किसी की गिरफ्तारी या जांच के अंतिम निष्कर्ष की आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।

सवाल-जवाब

प्रवर्तन निदेशालय ने किन शहरों में छापेमारी की है?
प्रवर्तन निदेशालय ने दिल्ली, चंडीगढ़, मोहाली, पंचकूला और लुधियाना में 26 ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया है।
यह मामला मुख्य रूप से किस संस्था और कंपनी से जुड़ा है?
यह मामला ग्रेटर मोहाली एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (गमाडा) और तिरुपति इंफ्राप्रोजेक्ट्स तथा उसकी सहयोगी कंपनियों के वित्तीय लेन-देन से जुड़ा है।
जांच एजेंसी को कितने रुपये के अनुचित लाभ की आशंका है?
जांच एजेंसी को संबंधित कंपनियों को 100 करोड़ रुपये से अधिक का अनुचित लाभ मिलने और सरकारी खजाने को नुकसान पहुंचने की आशंका है।
किन प्रमुख व्यक्तियों के परिसरों की तलाशी ली गई है?
पंजाब के कैबिनेट मंत्री हरदीप सिंह मुंडियां के भांजे अनमोल उर्फ प्रिंस और गमाडा के पूर्व चीफ एडमिनिस्ट्रेटर राजीव गुप्ता के आवासों पर तलाशी ली गई है।
क्या इस कार्रवाई में किसी की गिरफ्तारी हुई है?
फिलहाल जांच जारी है और किसी भी व्यक्ति की गिरफ्तारी या अंतिम निष्कर्ष की आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 5

Arjun Mehta@arjun-mehta·43 दिन पहले

सौ करोड़ का गोलमाल और मंत्री जी के रिश्तेदार तक जांच पहुंचना सीधे तौर पर पंजाब की सियासत में बड़ा भूचाल लाएगा। क्या इस छापेमारी के बाद सरकार कोई ठोस कार्रवाई करेगी या मामला सिर्फ कागजों तक ही सीमित रह जाएगा?

Nyra Kaif@nyra-kaif·43 दिन पहले

सौ करोड़ का गोलमाल और छापे तो पड़ गए, पर क्या वाकई किसी बड़े चेहरे पर आंच आएगी? कागज़ात खंगालने से ज़्यादा कुछ ठोस निकलता दिखता नहीं है मुझे तो।

Ravikash Gupta@ravikash·43 दिन पहले

सरकारी जमीनों और नीलामी में ऐसी गड़बड़ियां आम आदमी के पैसों पर सीधा डाका हैं। 100 करोड़ का यह घोटाला साबित हुआ तो कई बड़े चेहरे बेनकाब होंगे।

Rohan Verma@rohan-verma·43 दिन पहले

सौ करोड़ का गोलमाल और ऊपर से मंत्री के रिश्तेदारों के नाम आना, साफ है कि जांच लंबी चलेगी। ऐसे मामलों में बड़े चेहरों तक आंच पहुंचना तय माना जा रहा है।

Karan Malhotra@karan-malhotra·43 दिन पहले

रोहन भाई, पीएमएलए मामलों में ईडी की 26 जगहों पर एक साथ रेड का मतलब है कि सबूत बहुत पक्के हैं, अब बच निकलना आसान नहीं होगा।

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