राजस्थानभर में मिलावटखोरों के खिलाफ छेड़े गए विशेष अभियान के तहत प्रशासनिक अमले ने बड़ी सफलता हासिल की है। झालावाड़ जिले के अंतर्गत आने वाले मिश्रौली कस्बे में खाद्य सुरक्षा विभाग ने औचक निरीक्षण के दौरान भारी मात्रा में मिलावटी और संदिग्ध खाद्य सामग्री पकड़ी है। इस कार्रवाई से स्थानीय बाजार के व्यापारियों में हड़कंप मच गया है और अवैध कारोबारियों में खौफ का माहौल बना हुआ है।
मध्य प्रदेश पुलिस से मिली थी गुप्त सूचना
इस पूरी कार्रवाई की शुरुआत पड़ोसी राज्य मध्य प्रदेश से हुई। सीमावर्ती मध्य प्रदेश के गरोठ पुलिस थाने से झालावाड़ के मिश्रौली पुलिस थाने को एक सूचना दी गई थी कि मिश्रौली स्थित पूजा डेयरी द्वारा निम्न गुणवत्ता का पनीर सप्लाई किया जा रहा है। स्थानीय पुलिस ने इस सूचना को तुरंत गंभीरता से लेते हुए खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारियों को अवगत कराया। इसके बाद मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी तथा खाद्य सुरक्षा के अभिहित अधिकारी डॉ. मोहम्मद साजिद खान के निर्देश पर एक विशेष दल का गठन किया गया और टीम को तुरंत मौके पर रवाना किया गया।
कोल्ड स्टोरेज में छिपाया गया था भारी स्टॉक
खाद्य सुरक्षा दल और मिश्रौली थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने जब पूजा डेयरी पर पहुंचकर जांच शुरू की, तो अंदर का नजारा देखकर अधिकारी भी हैरान रह गए। डेयरी के कोल्ड स्टोरेज की तलाशी लेने पर वहां लगभग 3,000 किलोग्राम संदिग्ध मावा छिपाकर रखा हुआ मिला। मावे की शुद्धता और गुणवत्ता को लेकर गंभीर संदेह होने पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के प्रावधानों के तहत इसके आधिकारिक नमूने लिए गए। बाद में इस विशाल मात्रा में मिले मावे को पूरी तरह से सीज करते हुए खाद्य कारोबारी की सुरक्षित अभिरक्षा में सुपुर्द कर दिया गया ताकि इसका अवैध उपयोग न हो सके।
मौके पर नष्ट की गई खराब सामग्रियां
कोल्ड स्टोरेज और दुकान की जांच के दौरान टीम को करीब 50 किलोग्राम मिठाइयां और 25 किलोग्राम पनीर भी बरामद हुआ। प्राथमिक निरीक्षण में ही यह स्पष्ट हो गया कि ये खाद्य पदार्थ खाने योग्य नहीं हैं और पूरी तरह से खराब हो चुके हैं। आम जनता के स्वास्थ्य के साथ होने वाले खिलवाड़ को रोकने के लिए टीम ने तत्काल कदम उठाया। नियमानुसार इन सभी सामग्रियों के नमूने एकत्रित करने के बाद मौके पर ही मिठाइयों और पनीर को नष्ट करवा दिया गया ताकि वे बाजार में न बिक सकें।
प्रयोगशाला रिपोर्ट आने के बाद तय होगी अगली कार्रवाई
प्रशासन की ओर से जब्त किए गए मावे, पनीर और मिठाइयों के नमूनों को मुस्तैदी के साथ खाद्य सुरक्षा मानक प्रयोगशाला, कोटा भेज दिया गया है। विभाग के अधिकारियों का कहना है कि प्रयोगशाला से जांच रिपोर्ट आने के बाद कानूनी नियमों के तहत आगे की सख्त कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने यह भी दोटूक शब्दों में कहा है कि जनस्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वालों और खाद्य पदार्थों में मिलावट करने वाले कारोबारियों के खिलाफ यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।



















