देश भर में मानसून की सक्रियता के बीच 1 अगस्त को अलग-अलग राज्यों में मौसम का मिजाज काफी भिन्न रहने की संभावना बनी हुई है। पश्चिमी भारत के तटीय क्षेत्रों और उत्तर भारत के पर्वतीय इलाकों में तेज वर्षा से आम जीवन पर असर पड़ सकता है, जबकि मैदानी भागों में बादलों के बीच हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की जा सकती है। मौसम की परिस्थितियों को देखते हुए प्रशासनिक स्तर पर सतर्कता बरतने के निर्देश जारी किए गए हैं।
दिल्ली और एनसीआर में मौसम का हाल
राजधानी नई दिल्ली और उससे सटे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में मानसूनी हवाओं की वजह से मौसम सुहावना बना रहेगा। नई दिल्ली में आसमान में आंशिक रूप से बादल छाए रहने के साथ गरज-चमक होने, हल्की से मध्यम बारिश गिरने और 25-35 किमी/घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान जताया गया है। एनसीआर के प्रमुख शहरों नोएडा, ग्रेटर नोएडा और गाजियाबाद में दिनभर बादलों का जमावड़ा रहेगा, जहां बीच-बीच में बिजली चमकने और बारिश की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। इसके अलावा गुरुग्राम और फरीदाबाद के इलाकों में तेज हवाओं के साथ होने वाली बारिश के कारण सडकों पर जलजमाव की समस्या पैदा होने का जोखिम है।
पंजाब के मैदानी इलाकों में बारिश और हवाएं
पंजाब राज्य के कई हिस्सों में तेज आंधी-तूफान के साथ वर्षा होने की संभावना जताई गई है। अमृतसर और जालंधर जिलों में गरज-चमक के बीच जोरदार बारिश हो सकती है, जिसकी वजह से निचले इलाकों में पानी भरने का खतरा बना हुआ है। औद्योगिक शहर लुधियाना में हवा की गति 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने का अनुमान है, जहां तेज हवाओं के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। पटियाला जिले में भी तेज हवाओं और बारिश की स्थिति को ध्यान में रखते हुए कृषि कार्यों से जुड़े किसानों को विशेष सावधानी और सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।
केरल के तटीय और पर्वतीय क्षेत्रों में चेतावनी
दक्षिण भारतीय राज्य केरल में मानसूनी हवाओं का प्रभाव लगातार बना हुआ है, जिससे भारी बारिश की गतिविधियां जारी रहने का पूर्वानुमान है। तिरुवनंतपुरम और कोच्चि के तटीय क्षेत्रों में मूसलाधार बारिश होने, सडकों पर जलभराव की स्थिति बनने और आसमान से बिजली गिरने की गंभीर चेतावनी जारी की गई है। पर्वतीय जिले वायनाड में लगातार वर्षा के चलते ढलानों पर लैंडस्लाइड होने का बड़ा खतरा बना हुआ है। वहीं कोझिकोड जिले में भी बादलों की गर्जना के साथ अत्यंत तेज बारिश होने का आकलन किया गया है।
बिहार में मानसून का प्रभाव
बिहार के विभिन्न जिलों में मानसूनी बारिश की गति कुछ धीमी पड़ी है, लेकिन इसकी सक्रियता पूरी तरह बनी हुई है। राज्य की राजधानी पटना और भागलपुर में दिन के समय आसमान में बादल छाए रहेंगे और रुक-रुक कर हल्की फुहारें पड़ सकती हैं। दूसरी ओर गया और मुजफ्फरपुर जिलों में मध्यम स्तर की बारिश के साथ गरज-चमक की स्थिति बनने की संभावना है। राज्य के अनेक हिस्सों में छिटपुट वर्षा होने से तापमान में गिरावट दर्ज की जाएगी, जिससे लोगों को उमस से राहत मिलेगी।
उत्तर प्रदेश के शहरों में मौसमी बदलाव
उत्तर प्रदेश के ज्यादातर जिलों में बादलों की आवाजाही लगातार बनी रहेगी। राज्य की राजधानी लखनऊ और कानपुर शहर में गरज-चमक के साथ छिटपुट बौछारें पड़ने और हल्की से मध्यम वर्षा होने का अनुमान व्यक्त किया गया है। धार्मिक नगरी वाराणसी में सामान्य बारिश के साथ बिजली कड़कने के आसार जताए गए हैं। इसके विपरीत आगरा और उसके आसपास के मैदानी इलाकों में रहने वाले निवासियों को उमस भरी गर्मी का सामना करना पड़ सकता है, हालांकि बीच-बीच में पड़ने वाली हल्की फुहारें थोड़ी राहत प्रदान कर सकती हैं।
हिमाचल प्रदेश के पर्वतीय स्थलों पर जोखिम
हिमाचल प्रदेश के पहाडी क्षेत्रों में भारी बारिश के कारण सामान्य जनजीवन अस्त-व्यस्त होने की आशंका उत्पन्न हो गई है। शिमला और सोलन जिलों में अचानक भूस्खलन होने की चेतावनी जारी करते हुए वहां आने वाले पर्यटकों को खास सावधानी बरतने की हिदायत दी गई है। प्रमुख पर्यटन केंद्र मनाली में स्थानीय नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ने से बाढ़ जैसी स्थिति निर्मित हो सकती है। इसके साथ ही धर्मशाला में गरज-चमक के साथ मूसलाधार बारिश होने और बिजली गिरने का अलर्ट जारी किया गया है।
उत्तराखंड में नदियों का जलस्तर और मार्ग की स्थिति
उत्तराखंड के पर्वतीय अंचलों में मानसूनी बारिश की वजह से मुश्किलें बढ़ सकती हैं। राज्य की राजधानी देहरादून और नैनीताल के पहाड़ी व संवेदनशील सडक मार्गों पर भारी वर्षा के कारण भूस्खलन होने और रास्ते बंद होने की चेतावनी दी गई है। वहीं तीर्थ नगरी हरिद्वार और ऋषिकेश के क्षेत्रों में लगातार जारी बारिश के कारण गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए स्थानीय प्रशासन द्वारा चौबीसों घंटे निगरानी रखी जा रही है।
राजस्थान के विभिन्न भागों में बारिश का अनुमान
राजस्थान के अलग-अलग अंचलों में मौसम के विविध रूप देखने को मिलेंगे। उदयपुर और अरावली की पहाड़ियों वाले क्षेत्रों में मूसलाधार वर्षा के कारण लैंडस्लाइड का जोखिम बना हुआ है। कोटा शहर में गरज-चमक और बिजली कड़कने के साथ तेज वर्षा होने का अनुमान लगाया गया है। राज्य की राजधानी जयपुर और जोधपुर जिले में दिनभर आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे, जहां कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम दर्जे की बारिश दर्ज की जा सकती है।
गुजरात में रेड अलर्ट और बाढ़ की आशंका
गुजरात के कई जिलों में भारी से बहुत भारी वर्षा को लेकर स्थिति काफी चिंताजनक बनी हुई है। राज्य के प्रमुख शहर अहमदाबाद में रेड अलर्ट जारी किया गया है, जहां शहरी इलाकों में गंभीर बाढ़ का खतरा पैदा हो सकता है। सूरत और वडोदरा शहरों में मूसलाधार बारिश होने से बड़े पैमाने पर जलजमाव होने की पूरी आशंका जताई गई है। इसके अलावा राजकोट सहित संपूर्ण सौराष्ट्र के इलाकों में तेज आंधी-तूफान के साथ मूसलाधार वर्षा की चेतावनी जारी की गई है।



















