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ग्वालियर में मीटर रीडर पर मकान मालिक ने छोड़े तीन खूंखार कुत्ते, लाठियों से पीटा और बिजली टीम को दी धमकीमध्य प्रदेश
14 अग॰ 2026, 8:07 am (76 दिन पहले)· 1

ग्वालियर में मीटर रीडर पर मकान मालिक ने छोड़े तीन खूंखार कुत्ते, लाठियों से पीटा और बिजली टीम को दी धमकी

ग्वालियर के इंदिरा नगर में बिजली बिल की मीटर रीडिंग लेने पहुंचे आउटसोर्स कर्मचारी रविंद्र सिंह राजावत पर मकान मालिक बीरू तोमर ने अपने तीन पालतू कुत्तों को छोड़ दिया और लाठियों से हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया।

मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां बिजली विभाग के एक कर्मचारी को अपनी ड्यूटी निभाना भारी पड़ गया। हजीरा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले इंदिरा नगर इलाके में बिजली बिल की मीटर रीडिंग लेने पहुंचे एक आउटसोर्स कर्मचारी पर मकान मालिक ने न केवल अपने तीन खूंखार पालतू कुत्तों को छोड़ दिया, बल्कि खुद भी लाठी-डंडों से उस पर हमला कर दिया। कुत्तों के बुरी तरह नोचने और पिटाई के कारण कर्मचारी लहूलुहान होकर मौके पर ही गिर पड़ा। इस हमले में गंभीर रूप से घायल हुए कर्मचारी को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जबकि पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी है।

मीटर रीडिंग के दौरान हुआ विवाद और हमला

घटना की जानकारी के अनुसार, बिजली विभाग में आउटसोर्स कर्मचारी के रूप में कार्यरत रविंद्र सिंह राजावत रोज की तरह अपने निर्धारित क्षेत्र में मीटर की रीडिंग दर्ज करने निकले थे। जब वह इंदिरा नगर में रहने वाले बीरू तोमर के मकान के पास पहुंचे और बिल की रीडिंग लेने की प्रक्रिया शुरू करने लगे, तब बीरू तोमर ने अपने घर से आवाज देकर उनसे पूछा कि क्या वह बिजली विभाग से आए हैं। रविंद्र सिंह राजावत ने जैसे ही इस बात की पुष्टि करते हुए हां कहा, आरोपी बीरू तोमर अचानक उग्र हो गया और उनके साथ भद्दी-भद्दी गालियां देते हुए अभद्र व्यवहार करने लगा।

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गाली-गलौज करने के तुरंत बाद बीरू तोमर अपने मकान के अंदर गया और वहां मौजूद अपने तीनों खूंखार पालतू कुत्तों को बाहर ले आया। इन कुत्तों में पिटबुल, रोटवीलर और जर्मन शेफर्ड जैसी आक्रामक नस्लें शामिल थीं। आरोपी ने तीनों कुत्तों को सीधे मीटर रीडर रविंद्र सिंह राजावत के ऊपर छोड़ दिया। तीनों पालतू कुत्तों ने एक साथ हमला कर कर्मचारी को जमीन पर पटक दिया और शरीर में जगह-जगह काटकर बुरी तरह लहूलुहान कर दिया। इतना ही नहीं, जब कर्मचारी दर्द से कराह रहा था, तब मकान मालिक बीरू तोमर ने खुद भी लाठी और डंडे निकालकर कर्मचारी पर ताबड़तोड़ वार किए, जिससे वह बुरी तरह जख्मी हो गया।

बिजली विभाग के अधिकारियों को भी दी जान से मारने की धमकी

कुत्तों और मकान मालिक के हमले में किसी तरह अपनी जान बचाकर घायल रविंद्र सिंह राजावत ने तुरंत इस घटना की सूचना फोन करके अपने साथी कर्मचारियों और बिजली विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को दी। सूचना मिलते ही बिजली विभाग का अन्य स्टाफ और अधिकारी तुरंत इंदिरा नगर में घटनास्थल पर पहुंचे। हालांकि, आरोपी बीरू तोमर के तेवर तब भी शांत नहीं हुए। जब अधिकारियों ने इस हिंसक घटना का विरोध किया और आरोपी से पूछताछ करने की कोशिश की, तो बीरू तोमर ने बिजली विभाग के पूरे स्टाफ के साथ भी जमकर गाली-गलौज की और उन्हें जान से मारने की सीधी धमकी दे डाली।

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए बिजली विभाग के अधिकारी और कर्मचारी घायल रविंद्र सिंह राजावत को तुरंत इलाज के लिए पास के अस्पताल लेकर पहुंचे। इसके बाद विभागीय अधिकारियों ने हजीरा थाने में जाकर मामले की लिखित शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने घायल आउटसोर्स कर्मचारी रविंद्र सिंह राजावत के बयानों और विभागीय शिकायत के आधार पर आरोपी बीरू तोमर के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। फिलहाल पुलिस की टीम आरोपी बीरू तोमर को गिरफ्तार करने के लिए अलग-अलग ठिकानों पर दबिश दे रही है।

ग्वालियर में लगातार बढ़ रहे हैं पालतू कुत्तों के हिंसक हमले

शहर में पालतू कुत्तों द्वारा लोगों को निशाना बनाए जाने की यह कोई पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी ग्वालियर के अलग-अलग इलाकों से पालतू कुत्तों के खतरनाक हमलों के मामले सामने आते रहे हैं। इसी साल शहर के मुरार थाना क्षेत्र में आने वाली पुरानी कचहरी के पास स्थित घास मंडी इलाके में भी एक ऐसा ही दर्दनाक हादसा हुआ था। 28 मई की रात करीब 9 बजे 8 साल की एक मासूम बच्ची अपने घर के बाहर अन्य बच्चों के साथ खेल रही थी। उसी दौरान पड़ोस में रहने वाले सुनील सोनी का पालतू कुत्ता बिना पट्टे और बिना मजल (मुंह की जाली) के सड़क पर खुला घूम रहा था।

सुनील सोनी के पालतू कुत्ते ने अचानक 8 वर्षीय मासूम बच्ची पर हमला कर दिया, जिससे वह जमीन पर गिर गई और कुत्ते ने उसके पैर पर काट कर गंभीर चोट पहुंचाई। बच्ची की चीख-पुकार सुनकर उसके परिजन और आसपास के लोग तुरंत बाहर दौड़े और काफी मशक्कत के बाद कुत्ते को बच्ची से दूर हटाया। उस मामले में भी पुलिस ने कुत्ते के मालिक सुनील सोनी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी। इसके अलावा ग्वालियर शहर के इंदरगंज थाना क्षेत्र में भी एक कोचिंग संचालक पर पालतू कुत्ते द्वारा हमला किए जाने की खबर सामने आई थी। लगातार हो रही इन घटनाओं से स्थानीय लोगों में गहरा आक्रोश और डर व्याप्त है।

सवाल-जवाब

बिजली कर्मचारी पर पालतू कुत्तों के हमले की यह घटना कहां हुई?
यह घटना मध्य प्रदेश के ग्वालियर शहर के हजीरा थाना इलाके में स्थित इंदिरा नगर में हुई।
इस हमले में घायल कर्मचारी और आरोपी मकान मालिक का क्या नाम है?
घायल आउटसोर्स बिजली कर्मचारी का नाम रविंद्र सिंह राजावत है, और हमला करने वाले आरोपी मकान मालिक का नाम बीरू तोमर है।
मकान मालिक ने मीटर रीडर पर किन नस्लों के कुत्ते छोड़े थे?
आरोपी बीरू तोमर ने अपने तीन पालतू कुत्तों पिटबुल, रोटवीलर और जर्मन शेफर्ड को मीटर रीडर पर छोड़ दिया था।
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ क्या कार्रवाई की है?
हजीरा थाना पुलिस ने घायल कर्मचारी की शिकायत पर आरोपी बीरू तोमर के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है और उसकी तलाश जारी है।
ग्वालियर में हाल ही में कुत्ते के हमले की कौन सी अन्य घटनाएं हुई थीं?
ग्वालियर के मुरार इलाके में 28 मई की रात पड़ोसी सुनील सोनी के कुत्ते ने 8 साल की बच्ची को काटा था, और इंदरगंज में एक कोचिंग संचालक पर भी कुत्ते ने हमला किया था।
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टिप्पणियाँ 5

Yuki Tanaka@yuki-tanaka·75 दिन पहले

यह घटना भारत में शहरी क्षेत्रों के भीतर बुनियादी सेवा कर्मियों की सुरक्षा और सार्वजनिक सुरक्षा के लिए गंभीर चिंता का विषय है। खतरनाक नस्ल के कुत्तों को हथियार के रूप में इस्तेमाल करने का यह मामला प्रशासनिक और कानूनी मोर्चे पर कड़े नियमों की मांग करता है। यदि ऐसे मामलों में त्वरित और सख्त कार्रवाई नहीं की गई, तो यह प्रवृत्ति सार्वजनिक सेवा वितरण प्रणालियों और स्थानीय प्रशासन के बीच विश्वास को कमजोर कर सकती है, जिससे भविष्य में कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना एक बड़ी चुनौती बन जाएगा।

Arjun Mehta@arjun-mehta·75 दिन पहले

ग्वालियर की यह घटना शासकीय कर्तव्यों के निर्वहन के दौरान सार्वजनिक क्षेत्र के कर्मचारियों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े करती है। आउटसोर्स कर्मियों के खिलाफ बढ़ती ऐसी हिंसक घटनाएं प्रशासनिक और वैधानिक सुरक्षा तंत्र की कमियों को उजागर करती हैं। भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए फील्ड स्टाफ की सुरक्षा हेतु सख्त मानक संचालन प्रक्रिया और त्वरित पुलिस सहायता सुनिश्चित करने की आवश्यकता है, ताकि सरकारी अमला बिना भय के काम कर सके।

Ravikash Gupta@ravikash·75 दिन पहले

अर्जुन मेहता के विश्लेषण को आगे बढ़ाते हुए यह समझना आवश्यक है कि ऐसी हिंसक घटनाएं सिर्फ कानून-व्यवस्था का मामला नहीं हैं, बल्कि यह देश के बुनियादी उपयोगिता क्षेत्रों में काम कर रहे फ्रंटलाइन और आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए बढ़ते व्यावसायिक खतरों को दर्शाती हैं। जब फील्ड स्टाफ को बिना किसी ठोस सुरक्षा कवच के जोखिम भरे माहौल में भेजा जाता है, तो इससे न केवल उनका मनोबल गिरता है, बल्कि सेवा प्रदायगी भी प्रभावित होती है। यदि प्रशासन ने त्वरित और कड़े कदम नहीं उठाए, तो इस प्रकार के असहनीय हमलों से सरकारी कामकाज पर गंभीर संकट खड़ा हो सकता है।

Rohan Verma@rohan-verma·75 दिन पहले

ग्वालियर की यह घटना शासकीय कर्तव्यों के निर्वहन के दौरान मैदानी कर्मचारियों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े करती है। आउटसोर्स कर्मियों पर इस तरह के खूंखार नस्ल के कुत्तों का इस्तेमाल और अधिकारियों को धमकाना अराजकता की पराकाष्ठा है। इस मामले में पुलिस द्वारा दर्ज आपराधिक मुकदमे के बाद यह देखना होगा कि प्रशासन आक्रामक नस्ल के कुत्तों के अवैध पालन और नियम कायदों को लेकर क्या कड़े प्रशासनिक कदम उठाता है।

Karan Malhotra@karan-malhotra·75 दिन पहले

यह मामला सिर्फ एक मारपीट का नहीं, बल्कि सरकारी ड्यूटी पर तैनात कर्मी पर सुनियोजित जानलेवा हमले का है। पिटबुल और रोटवीलर जैसी आक्रामक नस्लों का हथियार की तरह इस्तेमाल यह साबित करता है कि आरोपी के मन में कानून का कोई खौफ नहीं था। हजीरा थाने में दर्ज इस मुकदमे में यदि पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता के तहत कड़ी धाराएं नहीं जोड़ीं और अवैध रूप से पाले जा रहे इन खतरनाक श्वानों को जब्त नहीं किया, तो यह फील्ड वर्कर के मनोबल को तोड़ने वाला होगा।

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