बीकानेर जिले के छतरगढ़ क्षेत्र के लूणखां गांव में एक पागल कुत्ते के उत्पात से अफरातफरी मच गई है। इस आक्रामक कुत्ते के काटने की वजह से तीन गायों और एक भेड़ की जान जा चुकी है। इस घटना के सामने आने के बाद से पूरे इलाके में खौफ का माहौल बना हुआ है, क्योंकि क्षेत्र में मौजूद पंद्रह सौ से अधिक मवेशियों में रेबीज फैलने का गंभीर खतरा पैदा हो गया है। हालात की नजाकत को भांपते हुए स्थानीय प्रशासन और पशुपालन विभाग पूरी तरह से सतर्क हो गए हैं।
पशुओं का टीकाकरण और आइसोलेशन
बढ़ते खतरे को रोकने के लिए पशुपालन विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए लूणखां इलाके में पंद्रह सौ से ज्यादा पशुओं को टीका लगाने का अभियान शुरू कर दिया है। इसके अलावा, जिन मवेशियों में बीमारी के संदिग्ध लक्षण दिखाई दे रहे हैं, उन्हें अलग करके आइसोलेशन में रखा जा रहा है, जिससे संक्रमण स्वस्थ पशुओं में न फैल सके। विभाग की विशेष टीमें लगातार गांवों में कैंप लगा रही हैं और पशुपालकों को हरसंभव सावधानी बरतने के निर्देश दे रही हैं।
ग्रामीणों में चिंता और स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई
पशुओं की अचानक मौत और रेबीज के मंडराते खतरे के बीच उन ग्रामीणों की चिंता काफी बढ़ गई है जिन्होंने इन संक्रमित पशुओं का दूध सेवन किया था। एहतियात के तौर पर स्वास्थ्य विभाग ने तुरंत कदम उठाते हुए करीब एक सौ सत्तर ग्रामीणों को रेबीज रोधी टीके लगवा दिए हैं। प्रशासन ने उन सभी लोगों से भी स्वास्थ्य जांच करवाने की अपील की है जो सीधे तौर पर इन पशुओं के संपर्क में आए थे या जिन्होंने दूध पिया था।
प्रशासन की अपील और निगरानी
स्थानीय प्रशासन और पशुपालन विभाग ने मिलकर ग्रामीणों के वास्ते एक विशेष एडवाइजरी जारी की है। अधिकारियों का कहना है कि यदि किसी को भी इलाके में कोई संदिग्ध या पागल कुत्ता दिखाई दे, तो उसकी सूचना तुरंत दी जाए और अपने मवेशियों को सुरक्षित बाड़ों के भीतर रखा जाए। ग्रामीणों की सुरक्षा और बहुमूल्य पशुधन को बचाने के लिए स्वास्थ्य और पशुपालन विभागों की संयुक्त टीमें लगातार नजर बनाए हुए हैं।



















