चंदौली जिले के सैयदराजा विधानसभा क्षेत्र से गुजरने वाले नेशनल हाईवे-19 यानी एनएच-19 के किनारे लगा कचरे का ढेर अब आम जनता और राहगीरों के लिए एक गंभीर मुसीबत का रूप ले चुका है। सड़क के किनारे बेतरतीब ढंग से जमा हुए इस कचरे से उठने वाली तीव्र दुर्गंध इतनी असहनीय हो गई है कि वहां से आने-जाने वाले लोगों को अपनी नाक बंद करके गुजरना पड़ता है। हाल ही में हुई बारिश के बाद कचरे के आसपास पानी भी जमा हो गया है, जिससे मच्छरों के पनपने का खतरा तेजी से बढ़ गया है और स्थानीय लोग संक्रामक बीमारियों की आशंका से सहमे हुए हैं। इसके अलावा, मुख्य सड़क तक फैला यह कचरा वाहन चालकों और पैदल चलने वालों के लिए सड़क दुर्घटनाओं का एक बड़ा कारण बनता जा रहा है।
मौके पर हालात यह हैं कि एनएच-19 की पटरियों के पास कचरे के बड़े-बड़े अंबार नजर आते हैं और बारिश का गंदा पानी भी उसी जगह पर ठहर गया है। स्थानीय निवासियों के अनुसार, इस स्थान पर काफी लंबे समय से नियमित रूप से कचरा फेंका जा रहा है, जिस पर किसी का नियंत्रण नहीं है। इस कचरे की वजह से पूरा वातावरण दूषित हो चुका है और बदबू इतनी ज्यादा है कि लोगों का वहां टिकना मुश्किल हो जाता है। चूंकि एनएच-19 एक बेहद व्यस्त मार्ग है, इसलिए यहां से रोजाना भारी संख्या में आम नागरिक, भारी वाहन चालक और छात्र आवाजाही करते हैं। कचरे के ढेर के पास से गुजरते समय लोग अक्सर अपनी नाक पर हाथ या कपड़ा रख लेते हैं। स्थानीय लोगों का यह भी कहना है कि इस निरंतर कचरे के जमाव और जलभराव के कारण मच्छरों की तादाद में भारी इजाफा हुआ है, जिससे डेंगू और मलेरिया जैसी खतरनाक बीमारियों के फैलने का खतरा मंडरा रहा है।
स्थानीय निवासी सत्येंद्र चौहान ने इस स्थिति पर अपनी बात रखते हुए बताया कि इस जगह पर काफी समय से लगातार कचरा इकट्ठा हो रहा है। उन्होंने कहा कि इस कचरे के कारण राहगीरों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है और लोग अपनी नाक बंद करके निकलने के लिए विवश हैं। उन्होंने यह भी बताया कि सड़क पर कचरा फैल जाने के कारण दोपहिया वाहन चालकों को भी बहुत परेशानी होती है, क्योंकि कई बार फिसलने से दुर्घटना का खतरा बना रहता है। सफर के दौरान पीछे से आने वाले तेज वाहनों का ध्यान रखने के साथ-साथ इस दुर्गंध और कचरे के बीच से गुजरना अब लोगों की रोजमर्रा की मजबूरी बन चुका है।
रोजाना आने वाले कचरे से लगातार बढ़ रहा है ढेर
एक अन्य स्थानीय निवासी धर्मेंद्र ने जानकारी दी कि यह एक मुख्य मार्ग है और यहां लगातार कचरा फेंका जाता रहता है। उन्होंने बताया कि कभी-कभार यहां से कचरा उठाने की व्यवस्था की जाती है, लेकिन हर दिन नया कचरा आ जाने की वजह से फिर से वही स्थिति बन जाती है और देखते ही देखते यहां कूड़े का एक बड़ा पहाड़ खड़ा हो जाता है। धर्मेंद्र के मुताबिक, इस गंदगी से केवल इंसानों को ही कष्ट नहीं हो रहा है, बल्कि आसपास आने वाले बेजुबान पशुओं और पक्षियों के लिए भी यह एक बड़ा खतरा बन चुका है। कचरे से फैल रही बदबू और बारिश के पानी के मिलने से यह पूरी समस्या और अधिक गंभीर रूप धारण कर लेती है।
क्षेत्र के लोगों का कहना है कि प्रशासन को इस विकट समस्या का कोई स्थायी समाधान निकालना चाहिए। केवल एक बार कचरा हटा देने के बजाय वहां नियमित साफ-सफाई और कचरे के वैज्ञानिक व उचित निस्तारण की पुख्ता व्यवस्था होना बहुत जरूरी है। लोगों का यह भी आरोप है कि इतने महत्वपूर्ण मुख्य मार्ग के किनारे लंबे समय से बनी हुई इस अनदेखी समस्या पर जिम्मेदार अधिकारियों का पर्याप्त ध्यान नहीं जा रहा है। स्थानीय जनता ने पुरजोर मांग की है कि इस कचरे के ढेर को तुरंत हटाया जाए, जलभराव की समस्या का निदान किया जाए और भविष्य के लिए ऐसी व्यवस्था बनाई जाए कि सड़क के किनारे दोबारा कचरा न जमा हो सके। इससे न केवल राहगीरों को दुर्गंध और बीमारी के संक्रमण से राहत मिलेगी, बल्कि सड़क पर होने वाले संभावित हादसों पर भी रोक लगाई जा सकेगी।



















