हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर जिले में मादक पदार्थों की खेप पकड़े जाने की आशंका के बीच कार्रवाई करने गई पुलिस टीम पर पालतू जानवर से हमला करवाने की चौंकाने वाली घटना सामने आई है। भोटा पुलिस सहायता कक्ष और हमीरपुर थाना पुलिस की संयुक्त टीम जब सूचना के आधार पर संदिग्ध वाहन की पड़ताल कर रही थी, तभी आरोपियों ने जांच रोकने की नीयत से एक आक्रामक पालतू कुत्ते को जवानों पर छोड़ दिया। इस औचक हमले में एक पुलिसकर्मी के पेट पर गहरा जख्म हो गया, जिसे प्राथमिक उपचार और एंटी-रेबीज इंजेक्शन के लिए अस्पताल ले जाया गया। पुलिस प्रशासन ने सरकारी कार्य में रुकावट पैदा करने और जानबूझकर हमला करवाने के आरोप में दो महिलाओं सहित पांच नामजद लोगों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
रात के समय संदिग्ध वाहन की घेराबंदी और अचानक हमला
यह पूरा घटनाक्रम रविवार रात करीब 10:30 बजे हमीरपुर के टियाला द घट इलाके में घटा। पुलिस को विशेष गुप्त सूचना प्राप्त हुई थी कि एक निजी वाहन के जरिए इलाके में नशीले पदार्थों की अवैध खेप पहुंचाई जा रही है। सूचना मिलते ही हमीरपुर पुलिस थाना और भोटा पुलिस सहायता कक्ष के कर्मचारी हरकत में आए और बताए गए स्थान पर दबिश दी। सड़क किनारे एक संदिग्ध गाड़ी खड़ी मिली, जिसके ठीक दाहिनी तरफ एक आवासीय मकान स्थित था। पुलिस दल ने सतर्कता बरतते हुए गाड़ी को घेरा और अगली सीट पर मौजूद व्यक्ति से पूछताछ आरंभ की।
इसी पूछताछ के बीच गाड़ी की पिछली सीट पर बैठा दूसरा व्यक्ति अचानक दरवाजा खोलकर पास के रिहायशी मकान की ओर भाग निकला। पुलिसकर्मी जब तक संभल पाते, मकान के भीतर से एक आक्रामक पालतू कुत्ते को बाहर लाकर पुलिस दल की ओर छोड़ दिया गया। अप्रत्याशित परिस्थिति को देखते हुए दो जवानों ने किसी तरह भागकर और खुद को बचाकर अपनी जान बचाई, लेकिन तीसरा पुलिसकर्मी कुत्ते की चपेट में आ गया। जानवर ने जवान के पेट पर सीधे दांत गड़ा दिए, जिससे गहरे घाव हो गए और खून बहने लगा।
जांच में अवरोध और महिलाओं का दखल
हमले के बाद मौके पर तनावपूर्ण माहौल बन गया। आरोप है कि इसी दौरान घर से दो महिलाएं भी बाहर निकल आईं और उन्होंने जांच कर रही पुलिस टीम के रास्ते में अवरोध खड़ा करने की कोशिश की। सरकारी ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों से बहस करते हुए तलाशी अभियान में पूरी तरह असहयोग किया गया। घायल जवान को तत्काल सुरक्षित स्थान पर ले जाकर मेडिकल जांच करवाई गई और संक्रमण से बचाव के लिए जरूरी एंटी-रेबीज टीका लगाया गया।
हमीरपुर के पुलिस अधीक्षक बलबीर सिंह ठाकुर ने मामले की पुष्टि करते हुए स्पष्ट किया कि गुप्त सूचना के आधार पर भोटा क्षेत्र में वाहन की पड़ताल करने पहुंची टीम के साथ वहां मौजूद पांचों लोगों ने बिल्कुल सहयोग नहीं किया। उन्होंने बताया कि मौके पर मौजूद व्यक्तियों ने पुलिस जांच को बाधित करने के लिए जानबूझकर पालतू जानवर का हथियार की तरह इस्तेमाल किया, जिसके चलते एक जवान जख्मी हुआ है। पुलिसकर्मी के आधिकारिक बयान के आधार पर तीन पुरुषों और दो महिलाओं के खिलाफ विधिवत प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है।
कानूनी धाराएं और आगे की तफ्तीश
पुलिस अधीक्षक के अनुसार, आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय व्यवस्था के तहत धारा 132 और धारा 121 के तहत आपराधिक मामला पंजीबद्ध किया गया है। पुलिस अधिकारी अब इस बिंदु की भी गहन पड़ताल कर रहे हैं कि जिस वाहन की घेराबंदी की गई थी, उसमें नशीले पदार्थों की वास्तविक मौजूदगी थी या नहीं। इसके अलावा घटनास्थल पर मौजूद सभी पांचों व्यक्तियों की व्यक्तिगत भूमिका और आपराधिक रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है ताकि मामले में कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।





















