पंजाब के अमृतसर जिले में पुलिसकर्मियों पर हमलों के बीच एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। अजनाला पुलिस थाने में तैनात सहायक उप निरीक्षक (एएसआई) सुखचैन सिंह पर अज्ञात हथियारबंद हमलावरों ने अंधाधुंध गोलियां चला दीं। यह वारदात उस समय घटित हुई जब सुखचैन सिंह अपनी ड्यूटी पूरी कर जगदेव खुर्द स्थित अपने आवास की तरफ जा रहे थे। घर पहुंचने से ठीक पहले घात लगाए बैठे हमलावरों ने अचानक उन पर हमला बोल दिया और फायरिंग शुरू कर दी।
गोली लगने से घायल, अस्पताल में चल रहा इलाज
हमलावरों द्वारा की गई गोलीबारी के दौरान एक गोली एएसआई सुखचैन सिंह की बांह को छूती हुई निकल गई। गोली के छर्रे और खरोंच लगने से वह मौके पर ही घायल होकर गिर पड़े। अचानक हुई इस हिंसक वारदात के बाद स्थानीय लोगों और साथी पुलिसकर्मियों की मदद से उन्हें तुरंत उपचार के लिए अजनाला के सिविल अस्पताल में दाखिल कराया गया।
सिविल अस्पताल के चिकित्सकों की एक विशेष टीम सुखचैन सिंह की देखरेख कर रही है। चिकित्सकों ने जानकारी दी है कि समय पर मिले इलाज के कारण उनकी शारीरिक स्थिति फिलहाल स्थिर और खतरे से बाहर है। घटना की सूचना पाकर भारी पुलिस बल मौके पर और अस्पताल पहुंचा। पुलिस अधिकारियों ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर जांच तेज कर दी है। हमलावरों का पता लगाने और उनके इस कदम के पीछे के कारणों की गहन तफ्तीश की जा रही है।
जलालाबाद में डीएसपी कार्यालय पर भी हुई थी गोलीबारी
पंजाब में पुलिस प्रतिष्ठानों और अधिकारियों पर हमले की यह अकेली घटना नहीं है। इससे पहले राज्य के जलालाबाद क्षेत्र में पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) कार्यालय के बाहर भी इसी तरह की दुस्साहसिक गोलीबारी देखने को मिली थी। उस घटना में तीन से चार मोटरसाइकिलों पर सवार होकर आए कुछ उपद्रवी युवकों ने लाल बत्ती चौक की दिशा से आकर डीएसपी दफ्तर को निशाना बनाया और गोलियां चलाई थीं।
फायरिंग करने के बाद कुछ हमलावर जबरन डीएसपी दफ्तर परिसर के भीतर भी घुसने का प्रयास करने लगे थे, जिन्हें वहां मुस्तैद सुरक्षाकर्मियों ने दबोच लिया था। सिटी जलालाबाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मौके से दो युवकों को हिरासत में लिया था। पकड़े गए आरोपियों की पहचान अमीर खास के रहने वाले सोना सिंह उर्फ सोनू और थाना वैरोका क्षेत्र निवासी परमजीत के बेटे आकाश के तौर पर की गई थी। पुलिस ने उनके पास से एक अवैध.32 बोर की पिस्तौल भी बरामद की थी।
मंदिर विवाद और संपत्ति से जुड़े तारों की पड़ताल
थाना सिटी जलालाबाद के प्रभारी मोहित धवन के अनुसार, डीएसपी दफ्तर पर फायरिंग की सूचना मिलते ही पुलिस ने तुरंत घेराबंदी कर दो आरोपियों को मौके से पकड़ा, जबकि उनके कुछ अन्य साथी भागने में सफल रहे थे। फरार आरोपियों की धरपकड़ के लिए विशेष पुलिस टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं। घटना स्थल पर एक राउंड फायर किए जाने की पुष्टि हुई थी और फॉरेंसिक टीम यह जांच कर रही है कि गोली किस हथियार से दागी गई।
जलालाबाद मामले की शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि यह पूरा टकराव एक स्थानीय मंदिर प्रबंधन से जुड़े विवाद, आपसी रंजिश और मंदिर की जमीन पर दुकानों के गैर-कानूनी निर्माण से संबंधित हो सकता है। पुलिस प्रशासन मंदिर ट्रस्ट और जमीन से जुड़े तमाम कानूनी दस्तावेजों व पहलुओं की बारीकी से जांच कर रहा है। पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ के आधार पर पुलिस दोनों ही मामलों में शामिल अन्य अपराधियों के नेटवर्क को खंगाल रही है।





















