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हांसी में भाजपा जिलाध्यक्ष अशोक सैनी की गाड़ी रोकी, युवकों ने किया विरोधहरियाणा
24 अग॰ 2026, 7:49 am (76 दिन पहले)· 6

हांसी में भाजपा जिलाध्यक्ष अशोक सैनी की गाड़ी रोकी, युवकों ने किया विरोध

हरियाणा के हांसी के चैनत गांव में शोक जताकर लौट रहे भाजपा जिला अध्यक्ष अशोक सैनी की गाड़ी को युवकों ने रोक लिया और विरोध जताया। इस दौरान तीखी बहस और बदसलूकी का एक वीडियो भी सामने आया है।

हरियाणा के हांसी के नजदीकी गांव चैनत में रविवार को एक अजीब घटनाक्रम देखने को मिला। यहां शोक जताने पहुंचे भारतीय जनता पार्टी के हांसी जिला अध्यक्ष अशोक सैनी की गाड़ी को कुछ युवकों ने बीच रास्ते में रोक लिया। आरोप है कि गाड़ी के ठीक आगे बाइक अड़ाकर उनका रास्ता बाधित किया गया और अशोक सैनी तथा उनके साथ मौजूद अन्य कार्यकर्ताओं के साथ बदसलूकी की गई। इस पूरे घटनाक्रम का एक वीडियो भी अब सामने आया है, जो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है।

शोक जताकर लौटते समय हुआ विरोध

अशोक सैनी के मुताबिक, वह रविवार को गांव चैनत में तीन अलग-अलग परिवारों में शोक व्यक्त करने के लिए गए हुए थे। जब वह अपनी गाड़ी से वापस लौट रहे थे, तो गांव की एक गली में बाइक सवार दो युवकों ने उनकी गाड़ी को आगे से घेर लिया। सामने आए वीडियो में विरोध प्रदर्शन कर रहा एक युवक गाड़ी के ड्राइवर को भी नीचे उतरने के लिए दबाव बनाते हुए साफ नजर आता है। स्थिति को संभालते हुए अशोक सैनी खुद गाड़ी के दरवाजे से नीचे उतरते हैं और अपने ड्राइवर को नीचे आने से मना कर देते हैं। इसके बाद वह खुद आगे बढ़कर युवक से बातचीत करते हैं और उसे शांत कराने का प्रयास करते हैं।

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धरने और पानी की मांग से जुड़ा पुराना विवाद

वीडियो फुटेज में देखा जा सकता है कि विरोध करने वाला युवक गांव के ही एक अन्य व्यक्ति से बातचीत करते हुए आपत्ति जताता है। वह कहता है कि जब पानी के लिए धरना चल रहा था, तब आप लोग भाजपा का विरोध कर रहे थे और अब भाजपा के नेताओं को गांव के भीतर लेकर आ रहे हैं। इस बात पर वहां मौजूद एक ग्रामीण भाजपा के समर्थन में नारे लगाने लगता है और कहता है कि किसी के दुख-सुख में शामिल होने के लिए गांव में आना कोई गलत काम नहीं है। अशोक सैनी ने फोन पर मीडिया को जानकारी दी कि गांव से बाहर निकलने के बाद हांसी-बरवाला रोड पर भी उन्हीं युवकों ने फिर से बाइक गाड़ी के आगे अड़ाकर उनका रास्ता रोक लिया और तमाम समझाने के बावजूद वे लगातार बहस और बदसलूकी करते रहे।

क्यों सुलग रहा था ग्रामीणों का गुस्सा

इस विरोध के पीछे की मुख्य वजह चैनत गांव में चल रहा पुराना जल आंदोलन माना जा रहा है। गांव में भाखड़ा नहर से पानी के लिए टी-कनेक्शन की मांग को लेकर लगातार करीब 60 दिनों तक धरना प्रदर्शन चला था। हालांकि बाद में पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर और एक कैबिनेट मंत्री के विशेष हस्तक्षेप के बाद ग्रामीणों की यह मांग मान ली गई थी, लेकिन इस लंबे आंदोलन के दौरान ग्रामीण इलाकों में भाजपा के नेताओं के प्रति काफी नाराजगी और विरोध का माहौल देखने को मिला था, जिसकी झलक इस ताजा घटना में भी साफ दिखाई दी।

सवाल-जवाब

हांसी के चैनत गांव में क्या घटना घटी?
चैनत गांव में शोक व्यक्त करके लौट रहे भाजपा जिला अध्यक्ष अशोक सैनी की गाड़ी को कुछ युवकों ने बाइक आगे अड़ाकर रोक लिया और विरोध जताया।
अशोक सैनी गांव क्यों गए थे?
अशोक सैनी चैनत गांव में तीन अलग-अलग परिवारों में शोक व्यक्त करने के लिए गए हुए थे।
युवकों ने विरोध क्यों किया?
युवक चैनत गांव में पानी की मांग को लेकर चले पुराने 60 दिवसीय धरने के दौरान भाजपा के विरोध को लेकर नाराज थे।
क्या इस घटना का कोई वीडियो भी सामने आया है?
हां, इस पूरे घटनाक्रम का एक वीडियो सामने आया है जिसमें युवक गाड़ी को रोकते और बातचीत करते नजर आ रहे हैं।
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टिप्पणियाँ 2

Karan Malhotra@karan-malhotra·75 दिन पहले

चैनत गांव की यह घटना राजनीतिक असंतोष और कानून-व्यवस्था के बीच के नाजुक संतुलन को दर्शाती है। यद्यपि जल आंदोलन से उपजा आक्रोश जनता का लोकतांत्रिक अधिकार हो सकता है, परंतु शोक संतप्त परिवारों के बीच जाकर सांत्वना व्यक्त कर रहे जनप्रतिनिधि का रास्ता रोकना और बदसलूकी करना वैधानिक दायरे से बाहर है। यदि इस मामले में पुलिस त्वरित और कड़ी कानूनी कार्रवाई नहीं करती है, तो ऐसे मामलों से ग्रामीण क्षेत्रों में राजनीतिक दलों के आपसी टकराव और हिंसा बढ़ने का गंभीर खतरा पैदा हो सकता है।

Rohan Verma@rohan-verma·75 दिन पहले

चैनत गांव का यह प्रकरण साफ दर्शाता है कि कैसे स्थानीय स्तर के लंबे संघर्ष चुनावी राजनीति के बाद भी जनमानस में गहरी नाराजगी छोड़ जाते हैं। जब तक राजनीतिक दल ज़मीनी मुद्दों और जनता के बीच उपजे अविश्वास को संवाद के जरिए पूरी तरह दूर नहीं करते, तब तक शोक-संतप्त परिवारों के बहाने ही सही, नेताओं को ऐसे तीखे विरोध और अप्रिय स्थिति का सामना बार-बार करना पड़ सकता है।

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