दिल्ली एनसीआर से लगे हरियाणा के फरीदाबाद में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां मामूली सी बात को लेकर हुए विवाद में एक आईटी कंपनी के बड़े अधिकारी की गोली मारकर हत्या कर दी गई। यह सनसनीखेज मामला फरीदाबाद के सेक्टर-21C का है, जहां धनतेरस की रात पार्किंग को लेकर उपजे तनाव ने खूनी संघर्ष का रूप ले लिया। टेक महिंद्रा में एशिया हेड के पद पर कार्यरत परमजीत धनखड़ को उनकी ही इमारत में रहने वाले एक शख्स ने गोलियों से भून दिया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
जिम से लौटने के बाद कार हटाने को लेकर हुआ था विवाद
प्राप्त जानकारी के अनुसार मृतक परमजीत धनखड़ ग्राउंड फ्लोर पर रहते थे, जबकि आरोपी मोनू शर्मा इसी इमारत की तीसरी मंजिल पर रहता था। दोनों परिवारों के बीच काफी समय से कुत्ते को पॉटी कराने और गाड़ी पार्क करने के मुद्दों को लेकर आपसी रंजिश और विवाद चल रहा था। इन मामलों को लेकर पहले भी पुलिस थानों में शिकायतें दर्ज कराई जा चुकी थीं। घटना वाली रात जब परमजीत जिम से व्यायाम करके अपने घर लौटे, तब उन्होंने मोनू से अपनी गाड़ी हटाने के लिए कहा। इसी साधारण सी बात पर दोनों के बीच तीखी बहस शुरू हो गई, जो जल्द ही हिंसक झड़प में बदल गई।
लाइसेंसी पिस्टल से दागी गईं करीब 15 गोलियां
विवाद बढ़ने पर आरोपी मोनू शर्मा ने गुस्से में आकर अपनी लाइसेंसी पिस्टल निकाल ली और परमजीत पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। आरोपी ने परमजीत पर लगभग 15 राउंड गोलियां चलाईं, जिनमें से सात गोलियां सीधे परमजीत को जा लगीं। इतनी अधिक संख्या में गोलियां लगने के कारण परमजीत को संभलने का कोई मौका नहीं मिला और उन्होंने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया। इस अंधाधुंध गोलीबारी से पूरी इमारत और आसपास के इलाके में हड़कंप मच गया।
परिवार की खुशियों में शामिल होने सिंगापुर से आए थे भारत
घटना के संबंध में सामने आया है कि परमजीत धनखड़ अपने परिवार के साथ सिंगापुर में निवास करते थे। वह अपने भांजे के विवाह समारोह में शामिल होने के लिए विशेष तौर पर 5 नवंबर को ही भारत आए थे, और आगामी 24 नवंबर को यह शादी होनी थी। इस दुखद वारदात के समय परमजीत के बेटे शौर्य ने तुरंत पुलिस को इस गोलीकांड की सूचना दी। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और क्राइम ब्रांच की टीमें तुरंत घटनास्थल पर पहुंचीं और उन्होंने वहां से कारतूसों के खाली खोल बरामद कर जांच शुरू कर दी।
वारदात को अंजाम देकर परिवार समेत फरार हुआ आरोपी
घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी मोनू शर्मा अपने पूरे परिवार के साथ मौके से फरार होने में कामयाब रहा। पुलिस प्रशासन ने मृतक के परिजनों की शिकायत के आधार पर आरोपी मोनू के खिलाफ गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है और उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है। दूसरी ओर, पुलिस ने परमजीत धनखड़ के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल भेज दिया है, जहां आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है।



















