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हॉलीवुड जैसी फिक्शन नहीं है असलियत, ओफियोकोर्डिसेप्स यूनिलैटरलिस फंगस बनाती है कीड़ों को जॉम्बीविज्ञान
8 नव॰ 2026, 5:34 am (3 मिनट पहले)· 0

हॉलीवुड जैसी फिक्शन नहीं है असलियत, ओफियोकोर्डिसेप्स यूनिलैटरलिस फंगस बनाती है कीड़ों को जॉम्बी

प्रकृति में ओफियोकोर्डिसेप्स यूनिलैटरलिस नाम की एक ऐसी पैरासाइट फंगस मौजूद है जो चीटियों को जॉम्बी बना देती है। यह फंगस कीड़ों के नर्वस सिस्टम को कंट्रोल करके उन्हें मौत के मुंह में धकेलती है और जंगल का इकोसिस्टम संतुलित रखती है।

फिक्शन और हॉलीवुड की फिल्मों में अक्सर जॉम्बी इंफेक्शन की कहानियां दिखाई जाती हैं, लेकिन विज्ञान की दुनिया में यह कोई कल्पना नहीं बल्कि एक जीवित सच्चाई है। ओफियोकोर्डिसेप्स यूनिलैटरलिस नामक एक खास पैरासाइट फंगस का एकमात्र उद्देश्य अपनी संख्या में वृद्धि करना और अपने स्पोर्स को दूर-दूर तक फैलाना है। इस प्रक्रिया को पूरा करने के लिए यह फंगस मुख्य रूप से चीटियों के शरीर को अपने नियंत्रण में ले लेती है।

इस तरह फैलता है खतरनाक संक्रमण

इस प्रकार का खतरनाक फंगस मुख्य तौर पर उष्णकटिबंधीय जंगलों के भीतर पनपता है। जब इस फंगस के बीजाणु किसी भोजन की तलाश में घूम रही चींटी के बाहरी सुरक्षा कवच से चिपकते हैं, तो वे धीरे-धीरे उसके शरीर के भीतर संक्रमण पैदा करना शुरू कर देते हैं।

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फंगस के इशारे पर चलती है चींटी

जैसे-जैसे संक्रमण शरीर के अंदर गहराता जाता है, यह फंगस चींटी को उसका अपना घोंसला हमेशा के लिए छोड़ने पर मजबूर कर देती है। इसके बाद चींटी जमीन से लगभग 10 इंच की ऊंचाई पर स्थित किसी पौधे की पत्ती की मुख्य नस तक पहुंचती है और अपने जबड़े से उसे कसकर जकड़ लेती है, जिसे विज्ञान की भाषा में 'डेथ ग्रिप' नाम दिया गया है।

खोपड़ी फाड़कर बाहर आती है फंगस

चींटी के मरने के कुछ ही दिनों के भीतर यह फंगस उसकी खोपड़ी के पिछले हिस्से को चीरकर बाहर आ जाती है। इस मृत चींटी का शरीर एक लॉन्चपैड की तरह काम करने लगता है, जहां से फंगस अपने स्पोर्स को हवा में बिखेरकर नए कीटों और चीटियों को संक्रमित करती है।

दिमाग पर नहीं, मांसपेशियों पर होता है कब्जा

लोकप्रिय फिल्मों के विपरीत यह फंगस चींटी के मस्तिष्क पर सीधा नियंत्रण स्थापित नहीं करती है। वैज्ञानिकों ने अपने शोध में इस बात का खुलासा किया है कि यह पैरासाइट चींटी के दिमाग के भीतर प्रवेश नहीं करता, बल्कि उसकी मांसपेशियों के चारों तरफ एक जाल बुनकर सीधे नर्वस सिस्टम को संचालित करता है।

इकोसिस्टम का संतुलन बनाए रखती है फंगस

भले ही यह संक्रमण पूरी तरह से सौ फीसदी घातक होता है, लेकिन इसका उद्देश्य किसी पूरी कॉलनी का सफाया करना नहीं होता है। जंगल के संपूर्ण पारिस्थितिकी तंत्र को संतुलित बनाए रखने के लिए यह फंगस केवल चुनिंदा जीवों को ही अपना निशाना बनाती है, जिसे शोधकर्ता क्रॉनिक कोल्ड जैसी स्थिति मानते हैं।

कीड़ों और मकड़ियों पर भी होता है असर

विस्तृत शोध से यह भी सामने आया है कि इस प्रजाति के दो सौ से अधिक प्रकार मौजूद हैं जो अलग-अलग प्रकार के कीड़ों और मकड़ियों को अपना शिकार बनाते हैं। इनमें से कुछ फंगस तो कीड़ों को ऐसे शक्तिशाली और खतरनाक रासायनिक प्रभावों के अधीन कर देती हैं कि उनके शरीर के अंग तक झड़ने लगते हैं।

सवाल-जवाब

ओफियोकोर्डिसेप्स यूनिलैटरलिस फंगस क्या करती है?
यह पैरासाइट फंगस चीटियों को संक्रमित करके उनके शरीर पर कब्जा कर लेती है और उन्हें जॉम्बी की तरह नियंत्रित करती है।
क्या यह फंगस चींटी के दिमाग को नियंत्रित करती है?
नहीं, शोध से पता चला है कि यह फंगस दिमाग में नहीं घुसती बल्कि मांसपेशियों के पास जाल बनाकर नर्वस सिस्टम को कंट्रोल करती है।
डेथ ग्रिप क्या होती है?
संक्रमण के दौरान चींटी घोंसला छोड़कर पौधे की पत्ती की नस पर अपने जबड़े से कसकर चिपक जाती है, जिसे डेथ ग्रिप कहा जाता है।
क्या यह फंगस पूरी चींटी कॉलनी को खत्म कर देती है?
नहीं, यह जंगल का संतुलन बनाए रखने के लिए चुनिंदा चीटियों को ही अपना शिकार बनाती है।
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