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फरीदाबाद में दिवाली से पहले ही जहरीली हुई हवा, AQI पहुंचने पर सांस के मरीजों की बढ़ी मुश्किलेंहरियाणा
7 नव॰ 2026, 5:00 pm (7 घंटे पहले)· 0

फरीदाबाद में दिवाली से पहले ही जहरीली हुई हवा, AQI पहुंचने पर सांस के मरीजों की बढ़ी मुश्किलें

दिवाली से पहले ही फरीदाबाद की हवा गंभीर श्रेणी में पहुंच गई है। धूप खिलने के बावजूद आसमान में धुंध छाई हुई है और निवासियों को गले में खराश व सांस लेने में तकलीफ का सामना करना पड़ रहा है।

फरीदाबाद और पूरे दिल्ली-NCR क्षेत्र में बढ़ते प्रदूषण ने आम जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित करना शुरू कर दिया है। स्थिति इतनी गंभीर हो चुकी है कि दिन में धूप खिलने के बावजूद आसमान में गहरी धुंध की चादर तनी रहती है और लोगों के लिए ताजी हवा में सांस लेना तक दूभर हो गया है। सबसे चिंताजनक बात यह है कि अभी दिवाली का त्योहार आया भी नहीं है और हवा की गुणवत्ता बेहद खराब स्तर पर पहुंच चुकी है।

आंकड़ों के मुताबिक 7 नवंबर को फरीदाबाद का औसत AQI लगभग 434 से 437 के बीच दर्ज किया गया, जो सीधे तौर पर गंभीर श्रेणी में आता है। हवा में पीएम2.5 और पीएम10 जैसे खतरनाक प्रदूषक कणों का घनत्व सामान्य सीमा से कई गुना ज्यादा ऊपर रिकॉर्ड किया गया है। शहर के प्रमुख रिहायशी और व्यावसायिक इलाकों जैसे सेक्टर-30, सेक्टर-11 और एनआईटी में प्रदूषण का जहर खुलकर महसूस किया जा रहा है।

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आम जनजीवन पर पड़ रहा गहरा असर

इस विकट वायु प्रदूषण का सीधा असर अब नागरिकों की रोजमर्रा की दिनचर्या पर साफ नजर आने लगा है। सुबह शैक्षणिक संस्थानों के लिए निकलने वाले बच्चों, दफ्तर जाने वाले कामकाजी लोगों और पहले से ही श्वसन संबंधी बीमारियों से जूझ रहे मरीजों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय नागरिकों में इस बात का गहरा डर है कि जब दिवाली के मौके पर पटाखे चलाए जाएंगे, तब हालात और अधिक खतरनाक हो सकते हैं, हालांकि दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में पटाखों की बिक्री और इस्तेमाल पर प्रतिबंध लागू है।

गले में खराश और सांस लेने में हो रही दिक्कत

शहर के निवासी ओमदत्त शर्मा का कहना है कि उन्हें अपने रोजमर्रा के पेशेवर कामों के सिलसिले में घर से बाहर निकलना पड़ता है, लेकिन मौजूदा जहरीले माहौल ने घर से बाहर कदम रखना बेहद कठिन बना दिया है। उन्होंने बताया कि इस समय प्रदूषण का स्तर अपनी बदतर स्थिति पर है जबकि मुख्य त्योहार अभी दूर है। अभी से ही लोगों को गले में खराश और सांस लेने में तकलीफ महसूस होने लगी है। उन्होंने यह भी गौर किया कि दिन में तेज धूप निकलने के बावजूद आसमान साफ नहीं होता बल्कि धुंध छाई रहती है जो साधारण कोहरा नहीं बल्कि खतरनाक प्रदूषण है। बिना सुरक्षा मास्क के घर से बाहर निकलना लगभग असंभव हो गया है और आने वाले दिनों में त्योहार के बाद स्थिति के और बिगड़ने की आशंका है जिसका सबसे बुरा प्रभाव बुजुर्गों, बच्चों और बीमार व्यक्तियों के साथ-साथ बेजुबान जानवरों पर भी पड़ेगा।

सेक्टर-75 की निवासी का अनुभव

फरीदाबाद के सेक्टर-75 में रहने वाली वर्षा ने अपनी परेशानी साझा करते हुए बताया कि इन दिनों हवा में फैले प्रदूषण के कारण उनके गले में लगातार खराश और जलन बनी रहती है तथा सांस खींचने में भी काफी कठिनाई महसूस होती है। उनके अनुसार हर साल त्योहारी सीजन के आसपास इस तरह के हालात पैदा हो जाते हैं, लेकिन इस बार पर्व से काफी पहले ही हवा अत्यधिक प्रदूषित हो चुकी है। उन्होंने देखा है कि दिन के वक्त धूप होने के बावजूद चारों तरफ धुंध का पहरा रहता है और शाम ढलते ही विजिबिलिटी यानी दृश्यता का स्तर काफी नीचे गिर जाता है। ऐसे माहौल में बाजार जाकर जरूरी घरेलू सामान खरीदना भी बड़ी चुनौती बन गया है और कई बार स्थिति इतनी खराब होती है कि सब्जी जैसी बुनियादी चीजें लाने के लिए भी बाहर नहीं जाया जा सकता। जब भी बाहर निकलना अनिवार्य होता है, तो सुरक्षा के लिए मास्क लगाना ही एकमात्र विकल्प बचता है क्योंकि हवा की गुणवत्ता इतनी खराब है कि भारी घुटन और जलन महसूस होती है।

प्रॉपर्टी कारोबार से जुड़े शख्स की राय

फरीदाबाद में प्रॉपर्टी की खरीद-फरोख्त और किराए के काम से जुड़े अनिरुद्ध का कहना है कि उन्हें अपने कार्यक्षेत्र के चलते रोजाना शहर के विभिन्न इलाकों में आना-जाना पड़ता है। रास्ते में व्याप्त भारी प्रदूषण के कारण अब उनके लिए भी मास्क पहनकर निकलना मजबूरी बन चुका है। उन्होंने महसूस किया है कि जैसे-जैसे सर्दियां नजदीक आ रही हैं, प्रदूषण का स्तर लगातार ऊपर चढ़ता जा रहा है। उनका यह भी कहना है कि लोग त्योहारों पर पटाखे चला रहे हैं जिससे स्थिति और अधिक गंभीर हो सकती है। उनके मुआबिक हालांकि प्रशासन द्वारा प्रतिबंधों की बातें होती हैं लेकिन जमीनी स्तर पर पटाखे जलाने पर कोई खास रोक-टोक नजर नहीं आती है। लोग भारी-भरकम पटाखों के साथ कई अन्य तरीकों से भी बारूद का इस्तेमाल करते हैं और कुछ लोग तो आग भड़काने के लिए पेट्रोल तक का प्रयोग करते हैं जिससे भारी धुआं और प्रदूषण फैलता है। उनका मानना है कि हर किसी को अपना त्योहार मनाने का पूरा अधिकार है, लेकिन पटाखे चलाने की भी एक निश्चित सीमा होनी चाहिए और यदि इस समय बढ़ते प्रदूषण पर कड़ाई से ध्यान नहीं दिया गया, तो आने वाले दिनों में आम जनता को और भी भयंकर परिणामों का सामना करना पड़ना तय है।

सवाल-जवाब

7 नवंबर को फरीदाबाद का औसत AQI कितना दर्ज किया गया?
7 नवंबर को फरीदाबाद का औसत AQI करीब 434 से 437 के बीच दर्ज किया गया जो गंभीर श्रेणी में आता है।
फरीदाबाद के किन इलाकों में प्रदूषण का स्तर सबसे ज्यादा बढ़ा हुआ है?
सेक्टर-30, सेक्टर-11 और एनआईटी जैसे इलाकों में प्रदूषण का स्तर काफी बढ़ा हुआ है।
हवा में मुख्य रूप से कौन से प्रदूषक कण अधिक मात्रा में पाए गए हैं?
हवा में PM2.5 और PM10 जैसे प्रदूषक कणों की मात्रा सामान्य से कई गुना अधिक दर्ज की गई है।
क्या दिल्ली-NCR में पटाखे जलाने पर रोक है?
हां, दिल्ली-NCR क्षेत्र में पटाखे जलाने पर आधिकारिक तौर पर प्रतिबंध लगा हुआ है।
वर्षा फरीदाबाद के किस सेक्टर में रहती हैं?
वर्षा फरीदाबाद के सेक्टर-75 में निवास करती हैं।
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