कुरुक्षेत्र में दीपावली के पावन पर्व को लेकर उत्साह का माहौल है और लोग घरों की सजावट के साथ खरीदारी में व्यस्त हैं। इस बार दीवाली के मौके पर मां लक्ष्मी के आठ स्वरूपों की उपासना का विधान है। राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित ज्योतिषाचार्य पंडित प्रेम कुमार शर्मा ने इस विशेष पर्व पर होने वाली पूजा के सटीक समय और शुभ मुहूर्त की जानकारी साझा की है, ताकि श्रद्धालु सही विधान से आराधना कर सकें।
दीपावली पर लक्ष्मी-गणेश पूजन का सही समय
ज्योतिषाचार्य पंडित प्रेम कुमार शर्मा के अनुसार, दीपावली के दिन मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा के लिए शाम 5 बजकर 52 मिनट से 7 बजकर 47 मिनट तक का समय सबसे उत्तम रहेगा। इस साल दीवाली रविवार के दिन पड़ रही है। सुबह सूर्योदय के समय चतुर्दशी तिथि रहेगी, जबकि ठीक सुबह 11 बजकर 28 मिनट से अमावस्या तिथि का आरंभ हो जाएगा। कुरुक्षेत्र में शाम के इसी निर्धारित समय में लक्ष्मी पूजन करना विशेष फलदायी माना गया है।
मां लक्ष्मी के आठ स्वरूपों और अन्य देवी-देवताओं की उपासना
दीपावली के दिन मां लक्ष्मी के साथ भगवान विष्णु की पूजा का भी खास महत्व बताया गया है। मां लक्ष्मी को धन और संपन्नता का प्रतीक माना जाता है, वहीं भगवान विष्णु इंसान को धर्म और अच्छे मार्ग पर चलने की सीख देते हैं। इस खास दिन पर मां लक्ष्मी के आठ अलग-अलग स्वरूपों की आराधना की जाती है, जिनमें विद्या लक्ष्मी, सौभाग्य लक्ष्मी, सत्य लक्ष्मी, भोग लक्ष्मी और योग लक्ष्मी जैसे रूप शामिल हैं। इसके अलावा भगवान गणेश, धन के देवता कुबेर और विद्या की देवी मां सरस्वती की पूजा का भी विधान है।
मुख्य द्वार की पूजा और व्यापारियों का खाता पूजन
दीपावली के पावन अवसर पर घर के मुख्य द्वार यानी देहली विनायक की पूजा करने, मुख्य द्वार पर स्वस्तिक बनाने और बही-खातों की पूजा करने की पुरानी परंपरा है। व्यापारी वर्ग अपने व्यापारिक खातों, कलम और तराजू का पूजन कर नए साल में अपने कारोबार की तरक्की और समृद्धि की कामना करता है। वहीं निर्माण कार्य से जुड़े लोग भैया दूज के पावन पर्व पर भगवान विश्वकर्मा की पूजा करेंगे।



















