दीपावली का त्यौहार बेहद करीब है और अंबाला के प्रमुख बाजारों में रौनक अपने चरम पर पहुंच गई है। अपने घरों को रोशनी और सुंदर सजावट से चमकाने के लिए लोग बड़ी संख्या में खरीदारी करने निकल रहे हैं। इस बार अंबाला के व्यापारिक केंद्रों में हर वर्ग के बजट का ध्यान रखते हुए बेहद किफायती दर से लेकर प्रीमियम रेंज तक के उत्पाद पेश किए गए हैं। महज 10 रुपये की शुरुआती कीमत से लेकर 1000 रुपये तक के विभिन्न सजावटी आइटम दुकानों पर उपलब्ध हैं, जिससे कम बजट वाले ग्राहक भी अपने आशियाने को भव्य रूप दे सकते हैं।
सैकड़ों डिजाइनों में उपलब्ध बंदनवार और मुख्य द्वार की सजावट
भारतीय परंपरा में दीपावली के अवसर पर घर के मुख्य प्रवेश द्वार को सजाने के लिए बंदनवार का विशेष महत्व माना जाता है। इसी मांग को देखते हुए अंबाला के बाजारों में इस समय 500 से भी अधिक अलग-अलग डिजाइनों की बंदनवार बेची जा रही हैं। इनमें गेंदा, गुलाब और जैस्मिन जैसे प्राकृतिक फूलों की आकृति वाले डिजाइनों के अलावा हरी पत्तियों, नारियल और विविध धार्मिक प्रतीकों से सजी बंदनवार ग्राहकों को खासा लुभा रही हैं।
आकार की बात करें तो बाजार में 4 फीट से लेकर 15 फीट तक की लंबाई वाली बंदनवार मौजूद हैं। स्थानीय विक्रेताओं के मुताबिक सबसे ज्यादा मांग 4 फीट वाली बंदनवारों की देखी जा रही है। फूलों और पत्तियों के संयोजन के साथ-साथ रंग-बिरंगी लटकन वाली बंदनवार भी खूब पसंद की जा रही हैं। इनकी कीमतें सामान्यतः 100 रुपये से 300 रुपये के बीच तय की गई हैं।
सस्ते झूमर और बालकनी के लिए सजावटी बेलें
घर के बरामदे, हॉल और कमरों के कोनों को सजाने के लिए झूमरों की विस्तृत श्रृंखला पेश की गई है। बेलों और फूल-पत्तियों की डिजाइन वाले झूमर बरामदों की खूबसूरती बढ़ा रहे हैं। इसके साथ ही घर के छोटे-छोटे कोनों के लिए चार कोनों वाले विशेष झूमर भी तैयार किए गए हैं। इन झूमरों की कीमत 10 रुपये से शुरू होकर 200 रुपये तक जाती है, जिन्हें आम उपभोक्ता आसानी से खरीद पा रहे हैं।
गुजरात के हस्तनिर्मित पोस्टर और धार्मिक सजावटी प्रतीक
इस बार बाजार में गुजरात से मंगवाए गए विशेष हस्तनिर्मित शुभ दीपावली पोस्टर लोगों के आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। लकड़ी से बनी माता लक्ष्मी की सुंदर आकृतियों और नारियल के डिजाइन से तैयार इन पोस्टरों की कीमत 100 रुपये से 350 रुपये के बीच रखी गई है। इसके अलावा घरों में सुख-समृद्धि के प्रतीक के रूप में प्रवेश द्वार पर लगाए जाने वाले स्वस्तिक और शुभ-लाभ के धार्मिक सजावटी सामान की भी जबरदस्त मांग है।
भगवान श्रीकृष्ण, माता लक्ष्मी और श्याम बाबा की आकृतियों वाले शुभ-लाभ के बोर्ड और बछड़े को दूध पिलाती गोमाता के कलात्मक डिजाइन खूब खरीदे जा रहे हैं। माता लक्ष्मी के चरण चिन्ह भी प्लास्टिक और लकड़ी दोनों ही सामग्रियों में उपलब्ध कराए गए हैं, जिनकी कीमत 30 रुपये से 150 रुपये के बीच है। इसके अलावा कुछ प्रीमियम सिल्वर सजावटी आइटम भी 900 रुपये तक की कीमत में बिक रहे हैं।
रसगुल्ला कैंडल्स और आधुनिक 3D सजावटी सामान
परंपरागत सामान के अलावा इस बार बाजारों में कई तरह के क्रिएटिव उत्पाद भी देखने को मिल रहे हैं। मिठाई के आकार में बनाई गई मोमबत्तियां, जैसे रसगुल्ला और बर्फी के डिजाइन वाली कैंडल्स ग्राहकों का ध्यान खींच रही हैं। इसके साथ ही 3D डिजाइन वाले सजावटी सामान, चमकीली झालरें और देवी-देवताओं की आकृतियों वाली लड़ी भी उपलब्ध हैं। सजावटी लड़ियों और झालरों की शुरुआती कीमत 20 रुपये रखी गई है।
पंजाब और हिमाचल प्रदेश तक फैली अंबाला बाजार की सप्लाई Chain
अंबाला का सजावटी बाजार न केवल स्थानीय निवासियों बल्कि पड़ोसी राज्यों के व्यापारियों और खरीदारों के लिए भी बड़ा केंद्र बन चुका है। दुकानदार बंटी सोनी ने जानकारी दी कि अंबाला के बाजारों से सजावटी लड़ियों और बंदनवारों की बड़े पैमाने पर सप्लाई पंजाब और हिमाचल प्रदेश तक की जाती है। उनके अनुसार 20 रुपये से शुरू होने वाली लड़ियों से लेकर 1000 रुपये तक के प्रीमियम आइटमों की भारी मांग है।
दुकानदार नीटू अरोड़ा के अनुसार इस बार ग्राहक स्वदेशी उत्पादों को पहली प्राथमिकता दे रहे हैं। भारतीय कारीगरों द्वारा तैयार किए गए सामानों की मांग में तेजी आई है। यमुनानगर से खरीदारी करने पहुंची ग्राहक मेघा ने बताया कि दिल्ली जैसे बड़े शहरों की तुलना में अंबाला में सजावटी सामान काफी किफायती दामों पर मिल रहा है। बाजार में 500 से अधिक बंदनवार डिजाइनों को देखकर ग्राहक बेहद उत्साहित हैं और पिछले वर्ष के मुकाबले इस बार बाजारों में कहीं अधिक व्यापारिक चहल-पहल देखी जा रही है।



















