पीतल नगरी में खास मसालों और मक्खन के साथ परोसी जाती है मुरादाबादी मूंग दालतुला राशिफल 25 सितंबर 2026: राहु और मंगल के प्रभाव से करियर में आएगी गति, वित्तीय संतुलन और रिश्तों पर दें ध्यानशी जिनपिंग के स्वागत में व्हाइट हाउस का शाही मेन्यू, फ्रेंच स्वाद के साथ परोसे गए खास व्यंजनराजस्थान के तीन बड़े शहरों में महापौर चुनने की जंग, जयपुर में भाजपा और कांग्रेस आमने-सामनेकश्मीरी गेट के पास ई-रिक्शा रोककर लूटपाट, चाकू के वार से युवक की जान गई और दो जख्मीछत और बालकनी पर सब्जियां उगाते समय न करें केमिकल का छिड़काव, पूसा विशेषज्ञ ने सुझाए जैविक खाद के आसान उपायवृश्चिक राशिफल 25 सितंबर 2026: 12वें भाव में शुक्र जगाएगा सुख-सुविधाओं की चाहत, बजट और सेहत का रखें ध्यानपंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती पर योगी आदित्यनाथ ने दी श्रद्धांजलि, अंत्योदय और एकात्म मानववाद के विचार को किया यादजीनियस एक्ट के तहत स्टेबलकॉइन के सख्त नियमों पर फेडरल रिजर्व ने मांगी जनता से रायदैनिक राशिफल 25 सितंबर 2026: कुंभ में चंद्रमा और राहु की युति से ग्रहण योग, जानें सभी 12 राशियों का हाल
हरतालिका तीज पर इस बार बन रहा दुर्लभ संयोग, शिव-पार्वती के साथ पूजे जाएंगे भगवान गणेशझारखंड
4 सित॰ 2026, 3:42 pm (21 दिन पहले)· 3

हरतालिका तीज पर इस बार बन रहा दुर्लभ संयोग, शिव-पार्वती के साथ पूजे जाएंगे भगवान गणेश

साल 2026 में 14 अगस्त को हरतालिका तीज का व्रत रखा जाएगा। इस बार गणेश चतुर्थी एक ही दिन पड़ने से पूजा का महत्व और बढ़ गया है।

सुहागिन महिलाओं के लिए हरतालिका तीज का पर्व गहरी आस्था और उत्साह का प्रतीक माना जाता है। वैवाहिक जीवन में सुख-शांति, पति की लंबी आयु और अखंड सौभाग्य के लिए यह कठिन निर्जला व्रत रखा जाता है। सनातन परंपरा में इस उपवास को सबसे कठिन व्रतों में गिना जाता है, जहां महिलाएं करीब चौबीस घंटे तक बिना जल और अन्न के रहकर भगवान शिव और माता पार्वती की उपासना करती हैं। यह पावन पर्व हर साल भाद्रपद महीने के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाया जाता है, जिस दौरान चारों तरफ उत्सव का माहौल रहता है और महिलाएं सोलह श्रृंगार कर शिव परिवार की विधि-विधान से पूजा करती हैं।

बालू और मिट्टी से होती है शिवलिंग की स्थापना

पौराणिक कथाओं और मान्यताओं के अनुसार, माता पार्वती ने भगवान शिव को अपने वर के रूप में पाने के लिए घोर तपस्या की थी। इस दौरान उन्होंने शुद्ध मिट्टी और बालू से शिवलिंग का निर्माण कर भोलेनाथ की आराधना की थी। उनकी इस अटूट निष्ठा और कठिन साधना से संतुष्ट होकर शिवजी ने उन्हें अर्धांगिनी के रूप में स्वीकार किया था। यही वजह है कि सुहागिनों के बीच इस व्रत का विशेष स्थान है। ऐसी मान्यता है कि पूरी श्रद्धा और नियम के साथ यह उपवास करने वाली महिलाओं को पारिवारिक सुख, दांपत्य में मधुरता और सदा सौभाग्यवती रहने का आशीर्वाद प्राप्त होता है।

ये भी पढ़ें

देवघर के ज्योतिषियों की खास राय

इस बार साल 2026 में हरतालिका तीज पर एक बहुत ही खास और दुर्लभ संयोग का निर्माण हो रहा है। देवघर के पागल बाबा आश्रम स्थित मुदगल ज्योतिष केंद्र के जाने-माने ज्योतिषाचार्य पंडित नंद किशोर मुदगल ने बातचीत के दौरान स्पष्ट किया कि इस वर्ष यह व्रत 14 अगस्त को मनाया जाएगा। सबसे खास बात यह है कि इसी तारीख को गणेश चतुर्थी का पर्व भी आ रहा है। एक ही दिन इन दोनों बड़े पर्वों के आने से इस बार की तीज का धार्मिक महत्व कई गुना बढ़ गया है, क्योंकि इस दिन भक्त शिव-पार्वती के साथ प्रथम पूज्य भगवान गणेश का भी आशीर्वाद प्राप्त कर सकेंगे।

पूजा के लिए तय किए गए शुभ मुहूर्त

ज्योतिषाचार्य पंडित नंद किशोर मुदगल के बताए अनुसार, हरतालिका तीज के दिन भक्तों के लिए कई बेहद शुभ मुहूर्त रहेंगे। सुबह की बेला में पूजा के लिए सबसे अच्छा समय सुबह 6 बजकर 05 मिनट से शुरू होकर 7 बजकर 06 मिनट तक निर्धारित किया गया है। इसके अलावा, सुबह का ब्रह्म मुहूर्त 4 बजकर 32 मिनट से आरंभ होकर 5 बजकर 19 मिनट तक रहेगा। दिन के समय में आने वाला अभिजीत मुहूर्त सुबह 11 बजकर 52 मिनट से दोपहर 12 बजकर 41 मिनट तक मान्य रहेगा। इन तय समय के दौरान श्रद्धालु अपने घरों और मंदिरों में विधिवत पूजा-अर्चना कर सकते हैं।

व्रत के दौरान निभाई जाने वाली परंपराएं

इस पूरे अनुष्ठान में महिलाएं बिना पानी पिए उपवास रखती हैं और पूरे समर्पण के साथ भगवान शिव और माता पार्वती का ध्यान करती हैं। इस पावन अवसर पर हाथों से बालू या शुद्ध मिट्टी की मदद से शिव-पार्वती की मूर्तियां या शिवलिंग बनाकर उनकी पूजा करने की प्राचीन परंपरा चली आ रही है। इस बार 14 अगस्त को तीज और गणेश चतुर्थी का एक ही दिन पड़ना इस त्योहार को और भी ज्यादा खास बना रहा है, जिससे सुहागिनों के लिए यह दिन पूजा-पाठ और आराधना का एक अनूठा अवसर साबित होगा।

सवाल-जवाब

साल 2026 में हरतालिका तीज का व्रत किस तारीख को है?
साल 2026 में हरतालिका तीज का व्रत 14 अगस्त को रखा जाएगा।
इस साल हरतालिका तीज के साथ कौन सा दूसरा बड़ा पर्व पड़ रहा है?
इस साल हरतालिका तीज के दिन ही गणेश चतुर्थी का पर्व भी पड़ रहा है।
हरतालिका तीज की पूजा का मुख्य सुबह का शुभ मुहूर्त क्या है?
सुबह की पूजा के लिए शुभ समय सुबह 6 बजकर 05 मिनट से 7 बजकर 06 मिनट तक रहेगा।
ब्रह्म मुहूर्त का समय कितने बजे से कितने बजे तक रहेगा?
ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4 बजकर 32 मिनट से शुरू होकर 5 बजकर 19 मिनट तक रहेगा।
अभिजीत मुहूर्त का समय क्या तय किया गया है?
अभिजीत मुहूर्त सुबह 11 बजकर 52 मिनट से लेकर दोपहर 12 बजकर 41 मिनट तक रहेगा।
हरतालिका तीज के व्रत में किसकी पूजा की जाती है?
इस व्रत में भगवान शिव, माता पार्वती और इस बार गणेश चतुर्थी होने के कारण भगवान गणेश की भी पूजा की जाएगी।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp