हैदराबाद के सैदाबाद इलाके में सक्सेस स्कूल के बाहर शुक्रवार सुबह भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया। दरअसल एक दिन पहले अभिभावकों और स्थानीय कार्यकर्ताओं ने इस आरोप को लेकर जमकर प्रदर्शन किया था कि दूसरी कक्षा के हिंदू बच्चों को होमवर्क के तौर पर कलमा पढ़ने के लिए कहा गया। सुबह 9 बजे तक स्कूल परिसर पूरी तरह सूना पड़ा रहा, न तो कोई छात्र नजर आया और न ही कोई स्टाफ सदस्य। इस पूरे विवाद ने राजनीतिक रंग ले लिया और भाजपा समेत कई केंद्रीय मंत्रियों और स्थानीय नेताओं ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया दी।
प्रदर्शनों के बाद स्कूल में पसरा सन्नाटा
स्कूल के बाहर भारी सुरक्षा व्यवस्था अभिभावकों और कार्यकर्ताओं के एक पूरे दिन चले प्रदर्शन के बाद की गई। प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि स्कूल प्रबंधन ने बिना सहमति के नाबालिग बच्चों पर धार्मिक प्रथा थोपने की कोशिश की। जैसे ही आरोप सामने आए, विरोध बढ़ता चला गया और नतीजा यह हुआ कि शुक्रवार को पूरा परिसर खाली नजर आया। पुलिसकर्मी हालात संभालने और तनाव को और न बढ़ने देने के लिए स्कूल के आसपास तैनात कर दिए गए।
केंद्रीय मंत्री बंडी संजय कुमार ने बताया धार्मिक आजादी पर हमला
केंद्रीय मंत्री बंडी संजय कुमार ने इस घटना पर एक्स पर तीखी प्रतिक्रिया दी और इसे धार्मिक स्वतंत्रता पर सीधा हमला बताया। उन्होंने लिखा, "स्कूल में हिंदू बच्चों को जबरन कलमा पढ़वाना एक खतरनाक और नाकाबिले-बर्दाश्त हरकत है। यह धर्म की स्वतंत्रता पर सीधा हमला है और इसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। तेलंगाना सरकार को सक्सेस स्कूल, सैदाबाद के प्रबंधन के खिलाफ तुरंत सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।" उन्होंने यह सवाल भी उठाया कि तथाकथित धर्मनिरपेक्ष आवाजें इस मुद्दे पर चुप क्यों हैं। उन्होंने कहा, "तथाकथित सेक्युलर आवाजें अब चुप क्यों हैं? अगर आज ऐसी घटनाओं को नजरअंदाज किया गया तो कल यह पूरे तेलंगाना में फैल जाएंगी। भाजपा हिंदू आस्था, परंपराओं और संस्कृति को कुचलने नहीं देगी।"
टी राजा सिंह बोले, यह ओवैसी के इलाके की घटना है
गोशामहल से विधायक टी राजा सिंह ने भी इस घटना पर कड़ी प्रतिक्रिया दी और इस बात की ओर इशारा किया कि यह स्कूल एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी के संसदीय क्षेत्र में आता है। उन्होंने एक्स पर लिखा, "असदुद्दीन ओवैसी के क्षेत्र में दूसरी कक्षा के हिंदू बच्चों को जबरन कलमा पढ़ाने का प्रयास किया गया। यह अत्यंत चिंताजनक और निंदनीय घटना है। बच्चों की आस्था और अभिभावकों के विश्वास के साथ खिलवाड़ किसी भी परिस्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता। दोषियों पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।"
कैसे शुरू हुआ पूरा विवाद
यह विवाद बुधवार शाम को उस वक्त सामने आया, जब अभिभावकों को अपने बच्चों की क्लास में दिए गए होमवर्क की असली प्रकृति का पता चला। हैदराबाद पुलिस के मुताबिक इस क्लास में कुल 25 छात्र थे, जिनमें सिर्फ एक हिंदू छात्र शामिल था। आरोप है कि टीचर ने पूरी क्लास को, बिना किसी के धर्म का ध्यान रखे, रोजाना के होमवर्क के तहत कलमा के साथ-साथ सूरह फातिहा भी पढ़ने का निर्देश दिया। जैसे ही हिंदू छात्र के अभिभावकों को यह बात पता चली, उन्होंने स्कूल प्रबंधन और पुलिस दोनों के पास जाकर अपनी आपत्ति दर्ज कराई और कार्रवाई की मांग की।
टीचर को नौकरी से निकाला, ब्लैकलिस्ट भी किया
इस पूरे घटनाक्रम के बाद सैयदाबाद इलाके में तनाव का माहौल बना हुआ है और पुलिस स्कूल के आसपास लगातार निगरानी बनाए हुए है। अभिभावकों और भाजपा कार्यकर्ताओं के बढ़ते दबाव के बीच स्कूल प्रबंधन ने होमवर्क देने वाली टीचर को पहले ही नौकरी से निकाल दिया है और उसे संस्थान से भविष्य में किसी भी तरह के जुड़ाव के लिए ब्लैकलिस्ट कर दिया है।


















