हिमाचल प्रदेश में पिछले चार दिनों से मौसम पूरी तरह साफ था और तेज धूप की वजह से गर्मी का एहसास हो रहा था, लेकिन शुक्रवार सुबह अचानक आसमान में बादल छा गए और मौसम ने करवट ले ली। मौसम विभाग ने अब 19 से 22 जुलाई के बीच राज्य के पांच जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी कर दिया है। विभाग ने इस दौरान भूस्खलन, अचानक बाढ़ और जलभराव की आशंका जताई है, जिससे इन जिलों में रहने वाले लोगों को खास सतर्कता बरतने को कहा गया है।
पांच जिलों में क्यों जारी हुआ ऑरेंज अलर्ट
मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के मुताबिक 19 जुलाई से एक नया पश्चिमी विक्षोभ उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित करना शुरू करेगा। इसी वजह से चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी और शिमला जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। शुक्रवार सुबह 10 बजे जारी बुलेटिन में विभाग ने साफ किया कि इन पांचों जिलों में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की गतिविधि देखने को मिल सकती है, इसलिए स्थानीय प्रशासन और आम लोगों दोनों को सतर्क रहना जरूरी है।
बीती रात कहां कितनी बारिश दर्ज हुई
बुलेटिन जारी होने से पहले बीती रात राज्य के कुछ हिस्सों में बारिश शुरू हो चुकी थी। कांगड़ा जिले के नगरोटा सुरियां में सबसे ज्यादा 28.8 एमएम बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा कांगड़ा में ही 10.2 एमएम, मंडी जिले के मुरारी देवी में 4.0 एमएम और गुलेर में 2.8 एमएम पानी बरसा। हालांकि दिलचस्प बात यह है कि शुक्रवार के लिए मौसम विभाग ने खुद बारिश का कोई अलग अलर्ट जारी नहीं किया है।
अगले चार दिन कैसा रहेगा अलर्ट का शेड्यूल
मौसम विभाग के मुताबिक 18 जुलाई को येलो अलर्ट रहेगा, जबकि उसके अगले चार दिन यानी 19 से 22 जुलाई तक ऑरेंज अलर्ट प्रभावी रहेगा। विभाग ने साफ कहा है कि 22 जुलाई तक हिमाचल प्रदेश में बारिश का यह दौर जारी रहने की पूरी संभावना है, इसलिए लोगों को अगले कुछ दिन मौसम को लेकर लगातार अपडेट लेते रहना चाहिए।
प्रशासन की सलाह, संवेदनशील इलाकों से रहें दूर
मौसम विभाग ने लोगों से मौसम संबंधी चेतावनियों और यातायात परामर्श का सख्ती से पालन करने को कहा है। साथ ही संवेदनशील इलाकों और जलस्रोतों के आसपास न जाने की सलाह भी दी गई है। विभाग ने आगाह किया है कि संवेदनशील क्षेत्रों में भूस्खलन, मिट्टी खिसकने और अचानक बाढ़ का खतरा बना रह सकता है। नदियों और अन्य जलस्रोतों में पानी का स्तर और बहाव दोनों बढ़ सकते हैं, जिससे निचले इलाकों में जलभराव जैसी स्थिति बन सकती है।
पिछले 24 घंटे में मौसम ज्यादातर शुष्क, सराहन में सबसे ज्यादा बारिश
बृहस्पतिवार सुबह तक के पिछले 24 घंटों की बात करें तो राज्य में मौसम ज्यादातर शुष्क ही रहा। इस दौरान शिमला जिले के सराहन में सबसे अधिक 7.5 मिलीमीटर बारिश दर्ज हुई। तापमान की बात करें तो कुकुमसेरी में राज्य का न्यूनतम तापमान 9.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जबकि दिन में सबसे ज्यादा गर्मी ऊना में महसूस हुई, जहां अधिकतम तापमान 38 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया।
ऑरेंज अलर्ट का असल मतलब क्या है
भारत मौसम विज्ञान विभाग की भाषा में ऑरेंज अलर्ट का मतलब होता है कि लोग बहुत खराब मौसम के लिए तैयार रहें, क्योंकि इससे रोजमर्रा की जिंदगी सीधे प्रभावित हो सकती है। यानी यह सामान्य चेतावनी से एक कदम आगे की स्थिति होती है, जिसमें प्रशासन और आम लोग दोनों को एहतियाती कदम उठाने पड़ते हैं।
भूस्खलन और बारिश से पहले ही बंद हो चुकी हैं 51 सड़कें
आपदा प्रबंधन विभाग की तरफ से बृहस्पतिवार शाम को जारी रिपोर्ट के मुताबिक भूस्खलन और बारिश की वजह से राज्य में पहले से ही 51 सड़कें बंद पड़ी हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में ऑरेंज अलर्ट के दौरान स्थिति और बिगड़ने की आशंका है, जिससे यात्रा करने वाले लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत होगी।





















