शेख हसीना की सरकार सत्ता से बेदखल होने के बाद से भारत और बांग्लादेश के रिश्तों में खटास लगातार बढ़ती जा रही है. मोहम्मद यूनुस के बाद अब प्रधानमंत्री तारिक रहमान का रुख भी भारत को लेकर साजिशों भरा नजर आ रहा है. परंपरा तोड़ते हुए तारिक रहमान ने अपनी पहली विदेश यात्रा के लिए चीन को चुना, जो खुद में एक बड़ा संकेत माना जा रहा है.
तीस्ता से लालमोनिरहाट तक, चीन को हर जगह न्योता
बांग्लादेश में सत्ता परिवर्तन के बाद से ही ढाका की कमान संभाल रहे लोग सीमावर्ती इलाकों में चीन को पैर जमाने के लिए जमीन मुहैया कराने में जुटे हुए हैं. चाहे वह तीस्ता प्रोजेक्ट हो या लालमोनिरहाट एयरबेस को विकसित करने की योजना, दोनों ही जगहों पर चीन को खुलकर बुलाया जा रहा है.
चिकन नेक के करीब चीन की मौजूदगी क्यों चिंता की बात
बांग्लादेश का लालमोनिरहाट इलाका सिलीगुड़ी कॉरिडोर यानी चिकन नेक के काफी नजदीक स्थित है. इसी वजह से वहां चीन की मौजूदगी सिर्फ रणनीतिक खतरा ही नहीं, बल्कि भारत के लिए गंभीर चिंता का विषय भी बन गई है. रिपोर्ट्स के मुताबिक बीजिंग की तरफ से वहां एक विशाल हैंगर भी बनाया गया है, जो इस इलाके में चीन की बढ़ती दिलचस्पी को साफ दिखाता है.
भारत की पैनी नजर, चिकन नेक की सुरक्षा में इजाफा
भारत पड़ोसी मुल्क बांग्लादेश में चीन की हर गतिविधि पर बारीकी से नजर रखे हुए है. संकरे लैंड कॉरिडोर चिकन नेक की सुरक्षा को और पुख्ता बनाने के लिए भारत की तरफ से पहले ही कई अहम कदम उठाए जा चुके हैं.
आर्मी चीफ के बाद अब अमित शाह का बॉर्डर दौरा
इस इलाके की संवेदनशीलता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इंडियन आर्मी चीफ जनरल धीरज सेठ के दौरे के फौरन बाद अब गृहमंत्री अमित शाह भी चिकन नेक यानी सिलीगुड़ी की यात्रा पर जा रहे हैं. अमित शाह वहां सुरक्षा हालात का जायजा लेने के साथ-साथ बीएसएफ के जवानों से भी सीधी बातचीत करेंगे.



















