बिहार के मुजफ्फरपुर जिले से रिश्तों को शर्मसार करने वाली एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। सकरा थाना क्षेत्र के रक्शा रहीमपुर गांव में सिर्फ 2000 रुपये के विवाद में एक शख्स ने अपने ही चचेरे भाई की बेरहमी से पीट-पीटकर हत्या कर दी। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी ने शव को खेत में फेंक दिया और मौके से फरार हो गया। इस घटना ने पूरे इलाके को दहला दिया है और ग्रामीणों में गुस्सा साफ देखा जा सकता है।
सुबह साथ निकले दोनों भाई, शाम को मिला शव
मृतक की पहचान संजय पासवान के रूप में हुई है। वह मजदूरी करके अपने परिवार का पेट पालता था। परिजनों ने पुलिस को बताया कि सुबह के वक्त संजय पासवान और उसका चचेरा भाई सीताराम पासवान उर्फ राजा बाबू दोनों एक साथ घर से निकले थे। पूरे दिन दोनों साथ रहे, लेकिन शाम होते-होते हालात बदल गए। एक चरवाहे की नजर खेत में पड़े शव पर गई तो उसने शोर मचाना शुरू कर दिया। शोर सुनकर परिजन और आसपास के ग्रामीण दौड़ते हुए मंडई गैस प्लांट के पास पहुंच गए। परिजनों ने आनन-फानन में संजय को उठाकर अस्पताल पहुंचाने की कोशिश की, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।
ताड़ी पीने के बाद पैसों को लेकर बिगड़ी बात
गांव के मुखिया अमर पासवान और परिजनों के मुताबिक, संजय पासवान के पास मजदूरी से कमाए करीब 2000 रुपये थे। दिन में दोनों भाइयों ने साथ बैठकर ताड़ी पी थी। इसी दौरान सीताराम पासवान की नीयत बदल गई और वह संजय से वे 2000 रुपये मांगने लगा। संजय ने अपनी मेहनत की कमाई देने से इनकार कर दिया और इसका विरोध किया। बस इतनी सी बात पर सीताराम आगबबूला हो गया और उसने संजय की जमकर पिटाई कर दी। मारपीट इतनी बेरहम थी कि संजय ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।
चचेरे भाई को पुलिस ने कुछ ही घंटों में दबोचा
घटना की सूचना मिलते ही सकरा थाने की पुलिस और डीएसपी मनोज कुमार सिंह भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और जांच शुरू कर दी। डीएसपी मनोज कुमार सिंह ने बताया कि 2000 रुपये के इसी विवाद को लेकर चचेरे भाई ने ही यह हत्या की वारदात को अंजाम दिया है। पुलिस ने तेजी दिखाते हुए मुख्य आरोपी सीताराम पासवान उर्फ राजा बाबू को गिरफ्तार कर लिया। वारदात की गंभीरता को देखते हुए फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी यानी एफएसएल की टीम को भी मौके पर बुलाया गया, जिसने घटनास्थल से वैज्ञानिक साक्ष्य और नमूने इकट्ठा किए। पुलिस ने शव का पंचनामा कराने के बाद उसे पोस्टमार्टम के लिए श्रीकृष्ण मेडिकल कॉलेज और अस्पताल भेज दिया। पुलिस के मुताबिक परिजनों की ओर से लिखित आवेदन मिलते ही इस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू की जाएगी।





















