देश भर में इस साल मानसून अपनी पूरी ताकत के साथ सक्रिय बना हुआ है और अल नीनो का प्रभाव होने के बावजूद कई क्षेत्रों में झमाझम बादल बरस रहे हैं। मौसम विज्ञान विभाग द्वारा 9 अगस्त 2026 के वास्ते जो ताजा पूर्वानुमान साझा किया गया है, उसके मुताबिक देश के तमाम राज्यों में भारी से अत्यधिक भारी मानसूनी बौछारें पड़ने की पूरी संभावना है। उत्तर भारत से लेकर पूर्वोत्तर तक व्यापक स्तर पर बारिश का दौर देखने को मिल रहा है और सुरक्षा के लिहाज से प्रशासन पूरी तरह से सतर्क हो गया है।
विभिन्न राज्यों में भारी बारिश और ऑरेंज अलर्ट
मौसम विभाग ने पर्वतीय क्षेत्रों से लेकर मैदानी इलाकों तक कई जगहों पर आंधी-तूफान,वज्रपात और तेज हवाओं के साथ मूसलाधार बारिश की चेतावनी दी है। 9 अगस्त के लिए उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और मेघालय के कई जिलों में विशेष रूप से ऑरेंज अलर्ट घोषित किया गया है। मेघालय के साउथ गारो हिल्स और साउथ वेस्ट खासी हिल्स में मौसम का मिजाज काफी सख्त रहने वाला है। इसी तरह छत्तीसगढ़ के मुंगेली, महासमुंद, कबीरधाम, बिलासपुर और बेमेतरा जैसे जिलों में चालीस से साठ किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और मध्यम से भारी वर्षा के साथ बिजली गिरने की आशंका जताई गई है। मध्य प्रदेश के भी कई हिस्सों जैसे विदिशा, उमरिया, शहडोल, सिवनी, सागर, रायसेन, मंडला, जबलपुर, गुना, डिंडोरी, दमोह, छतरपुर, बालाघाट और अनूपपुर में मौसम खराब रहने की बात कही गई है। उत्तराखंड के पिथौरागढ़, चंपावत, चमोली और बागेश्वर जिलों में भी इसी तरह की चेतावनी जारी की गई है।
प्रमुख नदियों का बढ़ता जलस्तर और बाढ़ का खतरा
पहाड़ी और ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों में लगातार बरस रहे पानी की वजह से उत्तर भारत की लाइफलाइन कही जाने वाली प्रमुख नदियां तेजी से उफनाने लगी हैं। गंगा, यमुना और सरयू जैसी बड़ी नदियों के जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। पड़ोसी देश नेपाल में हो रही भारी बरसात की वजह से बिहार की कई नदियां भी उफान पर हैं, जिससे निचले इलाकों में बाढ़ का गंभीर खतरा मंडराने लगा है। अयोध्या में सरयू नदी का पानी पिछले दो दिनों से लगातार ऊपर चढ़ रहा है, हालांकि यह अभी भी खतरे के निशान से नीचे है, फिर भी स्थानीय प्रशासन हर गतिविधि पर पैनी नजर रखे हुए है। ऐतिहासिक नगरी वाराणसी में भी गंगा का जलस्तर बढ़ने से कई प्रसिद्ध घाट जलमग्न हो चुके हैं और बाढ़ का पानी कुछ मंदिरों के परिसरों तक पहुंच गया है। राजधानी दिल्ली में भी यमुना नदी का वेग बढ़ गया है और यह ओखला बैराज तथा कालिंदी कुंज के पास काफी तेज गति से बह रही है। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए कालिंदी कुंज घाट पर एनडीआरएफ की एक विशेष टीम को आधुनिक लाइफ जैकेट और नावों के साथ तैनात कर दिया गया है।
आने वाले दिनों का मौसम का मिजाज
मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक आने वाले दिनों में पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र, पूर्वी राजस्थान, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश के कुछ चुनिंदा स्थानों पर बहुत भारी बारिश का दौर जारी रह सकता है। इसके अलावा अगले दो दिनों के दौरान दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, तटीय कर्नाटक और केरल में भी भारी से बहुत भारी मानसूनी गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। इससे पहले 8 अगस्त को भी हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, ओडिशा, पश्चिमी मध्य प्रदेश और केरल के छिटपुट इलाकों में भारी मात्रा में पानी बरसा था। इसके साथ ही असम, मेघालय, पूर्वोत्तर के अन्य राज्यों, महाराष्ट्र, झारखंड, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, तमिलनाडु, कर्नाटक और छत्तीसगढ़ समेत देश के तमाम हिस्सों में व्यापक बारिश दर्ज की जा चुकी है, जिससे तापमान में तो गिरावट आई है लेकिन जनजीवन भी प्रभावित हुआ है।



















