जम्मू-कश्मीर में मानसून की तेज बारिश ने बड़ी मुश्किलें खड़ी कर दी हैं। कई इलाकों में अचानक आई बाढ़ से हालात बिगड़ने के बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने राज्य की स्थिति की समीक्षा की और उपराज्यपाल मनोज सिन्हा तथा मुख्यमंत्री ओमर अब्दुल्ला से बातचीत की। शाह ने राहत और बचाव कार्यों में केंद्र की तरफ से हर तरह की मदद का भरोसा दिया है।
राजौरी और पुंछ में सबसे ज्यादा तबाही
फ्लैश फ्लड से सबसे ज्यादा नुकसान राजौरी और पुंछ जिलों में हुआ है। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने दोनों जिलों में हालात का जायजा लिया और अधिकारियों को तुरंत राहत कार्य शुरू करने के निर्देश दिए।
ओमर अब्दुल्ला खुद निगरानी कर रहे
मुख्यमंत्री ओमर अब्दुल्ला खुद राजौरी में बाढ़ के हालात पर नजर बनाए हुए हैं और प्रभावित लोगों को पूरी मदद देने का भरोसा दिया है। उन्होंने कहा, "कीमती जिंदगियों की रक्षा करें।"
कटरा में कंट्रोल रूम, दोनों यात्राएं रुकीं
मानसून के दौरान आपदा प्रबंधन के लिए कटरा में एक कंट्रोल रूम बनाया गया है। खराब मौसम के चलते वैष्णो देवी यात्रा फिलहाल रोक दी गई है, जिससे कई श्रद्धालु मायूस नजर आए। इसके अलावा मौसम अलर्ट के चलते पहलगाम और बालटाल, दोनों रूटों पर अमरनाथ यात्रा को भी अस्थायी रूप से स्थगित कर दिया गया है।
आगे और बारिश, दिल्ली में राहत की उम्मीद
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक आने वाले दिनों में उत्तर और पूर्वोत्तर भारत में मानसून और तेज होगा, जबकि दिल्ली के लिए अगला हफ्ता कुछ ठंडा रह सकता है।
उत्तराखंड में भी हादसा
इसी बीच उत्तराखंड के नैनीताल में एक कार खाई में जा गिरी, जिसमें दो लोग घायल हो गए। एसडीआरएफ की टीम ने मौके पर पहुंचकर यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला।
बाढ़ की तैयारियों पर केंद्र का लगातार ध्यान
खबरों के मुताबिक अमित शाह इससे पहले भी 8 जुलाई 2026 को जम्मू-कश्मीर में बारिश की स्थिति की समीक्षा कर चुके हैं और तब भी केंद्र की तरफ से पूरी मदद का भरोसा दिया था। इसके अलावा उपराज्यपाल मनोज सिन्हा 12 जून 2026 को भी अमित शाह से मुलाकात कर चुके हैं। इससे पहले मई महीने में शाह ने बताया था कि जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और अन्य राज्यों की करीब 60 झीलों पर बाढ़ की पूर्व चेतावनी देने वाला सिस्टम लगाया जाएगा। अप्रैल 2026 में शाह लद्दाख में बुद्ध अवशेष प्रदर्शनी के सिलसिले में भी पहुंचे थे।



















