जेवर में बने नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के चालू होने के बाद यात्रियों के लिए सबसे बड़ी चुनौती एयरपोर्ट तक पहुंचने की थी, और अब इसी पर बड़ी राहत दी गई है। उत्तर प्रदेश के आठ जिलों से सीधी बस सेवा आज से शुरू कर दी गई है, जिससे टर्मिनल तक आने-जाने में लगने वाला समय और जेब पर पड़ने वाला बोझ, दोनों कम होंगे। यानी अब प्रदेश के कई बड़े शहरों से एयरपोर्ट तक का सफर पहले के मुकाबले कहीं ज्यादा सहज रहेगा।
यूपी के किन शहरों से चलेंगी बसें
उत्तर प्रदेश रोडवेज ने आगरा, फिरोजाबाद, हाथरस, मथुरा, अलीगढ़, एटा, कासगंज और लखनऊ से सीधे नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक बसें चलाने का इंतजाम किया है। इन शहरों के यात्री अब बीच में बस या रूट बदले बिना सीधे एयरपोर्ट पहुंच सकेंगे। बेहतर कनेक्टिविटी सुनिश्चित करने के लिए यमुना इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड ने कई परिवहन एजेंसियों के साथ करार किया है, ताकि अलग-अलग दिशाओं से आने वाले लोगों को एक ही नेटवर्क का फायदा मिल सके।
हरियाणा, दिल्ली और उत्तराखंड भी जुड़ेंगे
यह सुविधा सिर्फ उत्तर प्रदेश तक सीमित नहीं है। हरियाणा रोडवेज की बसें पलवल, फरीदाबाद, गुरुग्राम और चंडीगढ़ से यात्रियों को एयरपोर्ट तक लेकर आएंगी। राजधानी दिल्ली की ओर से भी सराय काले खां, आनंद विहार और कश्मीरी गेट से जल्द सीधी बस सेवाएं शुरू होंगी और इनके लिए समय-सारिणी पहले ही जारी की जा चुकी है। इसके साथ ही उत्तराखंड के देहरादून, ऋषिकेश, हरिद्वार और हल्द्वानी से भी बस सेवा शुरू करने की तैयारी चल रही है, जिससे पहाड़ी राज्य के यात्रियों को भी सीधा रास्ता मिल जाएगा।
आगे चलकर नमो भारत और मेट्रो का विकल्प
सड़क मार्ग के बाद आने वाले समय में एयरपोर्ट तक पहुंचने के और भी रास्ते खुलने वाले हैं। गाजियाबाद से नोएडा एयरपोर्ट तक नमो भारत और मेट्रो परियोजना प्रस्तावित है। इस कॉरिडोर की लंबाई करीब 72 किलोमीटर होगी और इस पर कुल 22 स्टेशन बनाए जाएंगे। इस योजना की डीपीआर केंद्र सरकार को भेजी जा चुकी है। इसके अलावा गुरुग्राम को भी एयरपोर्ट से जोड़ने की योजना पर काम चल रहा है, जिसका सीधा लाभ दिल्ली-एनसीआर के लाखों लोगों को मिलेगा।
ट्रेन से भी जुड़ेगा एयरपोर्ट
हवाई और सड़क के साथ-साथ रेल कनेक्टिविटी पर भी काम हो रहा है। भारतीय रेलवे चोला-रुंधी रेल लाइन परियोजना पर आगे बढ़ रही है, जिसके तहत एयरपोर्ट के पास एक नया रेलवे स्टेशन बनाया जाएगा। इस स्टेशन के जरिए यात्री वंदे भारत, राजधानी और शताब्दी जैसी ट्रेनों से सीधे देश के अलग-अलग हिस्सों तक सफर कर सकेंगे।
देश का सबसे बड़ा ट्रांसपोर्ट हब भी आकार लेगा
इस पूरी कवायद का सबसे बड़ा हिस्सा ग्रेटर नोएडा के बोड़ाकी गांव में तैयार हो रहा है, जहां देश का सबसे बड़ा मल्टी-मोडल ट्रांसपोर्ट हब विकसित किया जा रहा है। इसका मकसद हवाई, रेल और सड़क परिवहन को एक ही नेटवर्क में पिरोना है, ताकि यात्री एक माध्यम से दूसरे माध्यम पर आसानी से शिफ्ट हो सकें।













