राजस्थान के बीकानेर जिले में स्थित नापासर कस्बे में बेखौफ बदमाशों ने एक ही रात में तीन जगह चोरी की वारदातों को अंजाम देकर सनसनी फैला दी। इस दौरान बदमाशों ने सबसे दुस्साहसिक वारदात एक पुलिसकर्मी के आवास पर की, जहां उन्होंने सो रहे परिजनों को बाहर से कमरे में बंद कर दिया। इसके बाद चोरों ने पूरे घर की आराम से तलाशी ली और वहां रखे लाखों रुपये मूल्य के सोने और चांदी के आभूषणों समेत 3.20 लाख रुपये की नकदी चुराकर रफूचक्कर हो गए। इसी रात बदमाशों ने कस्बे के मुख्य बाजार में भी दो दुकानों के ताले तोड़ दिए, जिससे पूरे इलाके में व्यापारियों और आम नागरिकों के बीच भारी डर का माहौल बन गया है।
कमरे में बंद करके इत्मीनान से खंगाली अलमारी
पुलिसकर्मी के घर हुई वारदात के दौरान चोरों ने बेहद शातिराना तरीका अपनाया। रात के वक्त जब परिजन सो रहे थे, तब चोरों ने सबसे पहले उस कमरे की कुंडी बाहर से बंद कर दी जिसमें परिवार के लोग मौजूद थे। ऐसा इसलिए किया गया ताकि परिजन न तो शोर मचा सकें और न ही बाहर निकलकर पड़ोसियों या पुलिस को खबर दे सकें। इसके बाद बदमाशों ने बेखौफ होकर घर की अलमारियों और अन्य सामान की तलाशी ली। वे लॉकर में रखे सोने और चांदी के कीमती गहने और 3.20 लाख रुपये नकद समेटकर आसानी से निकल गए। सुबह जब परिजनों को खुद के कमरे में बंद होने और घर में सामान बिखरे होने का अहसास हुआ, तब पड़ोसियों की मदद से उन्हें बाहर निकाला गया और घटना का खुलासा हुआ।
मुख्य बाजार की दुकानों में भी सेंधमारी
उसी रात बदमाशों का दुस्साहस केवल पुलिसकर्मी के घर तक ही सीमित नहीं रहा। चोरों ने नापासर के मुख्य बाजार को भी निशाना बनाया और वहां स्थित दो दुकानों के ताले तोड़कर चोरी की घटना को अंजाम दिया। एक ही रात में तीन अलग-अलग जगहों पर हुई इन वारदातों से स्थानीय कारोबारी और निवासी स्तब्ध हैं। सुबह जैसे ही दुकानों के ताले टूटने की खबर फैली, मौके पर लोगों का हुजूम इकट्ठा हो गया। लोगों का कहना है कि एक साथ तीन जगहों पर चोरी होना पुलिस प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
फोरेंसिक टीम और डॉग स्क्वॉड ने संभाला मोर्चा
वारदात की सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। उप अधीक्षक (डीवाईएसपी) हिमांशु शर्मा और नापासर थानाधिकारी कविता पुनिया तुरंत पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और पूरे मामले का जायजा लिया। घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए मौके पर फोरेंसिक टीम और डॉग स्क्वॉड को बुलाया गया। फोरेंसिक विशेषज्ञों ने फिंगरप्रिंट और अन्य अहम भौतिक साक्ष्य जुटाए, जबकि डॉग स्क्वॉड ने बदमाशों के भागने के मार्ग का सुराग लगाने की कोशिश की। इसके अलावा पुलिस टीम ने कस्बे और आसपास के मुख्य मार्गों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालना शुरू कर दिया है ताकि संदिग्धों की आवाजाही का पता लगाया जा सके।
रात्रि गश्त पर उठे सवाल और जल्द खुलासे का आश्वासन
एक ही रात में हुई तीन लगातार वारदातों के बाद स्थानीय निवासियों में पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर गहरा असंतोष है। लोगों का तर्क है कि यदि एक पुलिसकर्मी का अपना घर ही सुरक्षित नहीं है, तो आम जनता की सुरक्षा का अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है। क्षेत्र के लोगों ने पुलिस की रात्रि गश्त की प्रभावशीलता पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि रात में नियमित पेट्रोलिंग होती, तो चोर इस तरह बेखौफ होकर वारदातों को अंजाम नहीं दे पाते। वहीं, पुलिस अधिकारियों का कहना है कि तकनीकी साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज और संदिग्धों से पूछताछ के आधार पर जांच तेजी से आगे बढ़ रही है। पुलिस ने जल्द ही सभी वारदातों का पर्दाफाश करने और आरोपियों को गिरफ्तार करने का भरोसा दिया है।



















