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मेडिकल दाखिले में एम्स की होड़ के बीच दिल्ली के 5 सरकारी कॉलेज भी डॉक्टर बनने के लिए हैं बेहतरीन विकल्पकरियर
30 जुल॰ 2026, 2:24 pm (45 दिन पहले)· 3

मेडिकल दाखिले में एम्स की होड़ के बीच दिल्ली के 5 सरकारी कॉलेज भी डॉक्टर बनने के लिए हैं बेहतरीन विकल्प

एम्स दिल्ली में सीमित सीटों के कारण प्रवेश न मिलने पर निराश होने की आवश्यकता नहीं है। दिल्ली के ये 5 अग्रणी सरकारी मेडिकल कॉलेज उत्कृष्ट क्लिनिकल प्रशिक्षण, अनुभवी फैकल्टी और मान्यता प्राप्त एमबीबीएस डिग्री प्रदान करते हैं।

प्रत्येक वर्ष देश भर से लाखों अभ्यर्थी नीट यूजी की प्रवेश परीक्षा में शामिल होते हैं और उनका सबसे बड़ा सपना देश के सर्वोच्च चिकित्सा संस्थान एम्स दिल्ली में दाखिला पाने का होता है। हालांकि सीमित सीटों के कारण बड़ी संख्या में प्रतिभाशाली छात्र एम्स दिल्ली में प्रवेश पाने से वंचित रह जाते हैं, जिससे उनके मन में निराशा की भावना पैदा हो सकती है। लेकिन शिक्षाविदों और चिकित्सकों के अनुसार, केवल एम्स ही एकमात्र ऐसा स्थान नहीं है जहां से एक सफल और कुशल डॉक्टर बना जा सकता है। राजधानी दिल्ली में कई ऐसे प्रतिष्ठित सरकारी मेडिकल कॉलेज संचालित हो रहे हैं जो अपनी विश्वस्तरीय शिक्षा, आधुनिक प्रयोगशालाओं, अनुभवी फैकल्टी और विशाल अस्पतालों के क्लिनिकल एक्सपोजर के लिए पूरे देश में पहचाने जाते हैं। इन सरकारी संस्थानों की एमबीबीएस डिग्री पूरी तरह से मान्य है और इनके पूर्व छात्र वर्तमान में भारत सहित दुनिया भर के शीर्ष अस्पतालों और शोध संस्थानों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।

मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज: ऐतिहासिक प्रतिष्ठा और विशाल क्लिनिकल ट्रेनिंग

जब दिल्ली में एम्स के बाद सबसे प्रमुख सरकारी चिकित्सा संस्थानों की बात होती है, तो मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज का नाम सबसे आगे आता है। वर्ष 1959 में स्थापित यह संस्थान दिल्ली के सबसे पुराने और अत्यधिक सम्मानित सरकारी मेडिकल कॉलेजों में शामिल है। इस कॉलेज की सबसे बड़ी ताकत इससे जुड़े विशाल सरकारी अस्पताल हैं, जिनमें लोक नायक अस्पताल, जीबी पंत अस्पताल और गुरु नानक आई सेंटर सम्मिलित हैं। इन अस्पतालों में प्रतिदिन हजारों की संख्या में मरीज इलाज कराने आते हैं, जिससे यहां पढ़ने वाले एमबीबीएस छात्रों को शुरुआती दिनों से ही विभिन्न जटिल बीमारियों और व्यावहारिक चिकित्सा पद्धतियों का प्रत्यक्ष अनुभव प्राप्त होता है। किफायती शिक्षण शुल्क, वर्षों का अनुभव रखने वाले वरिष्ठ प्रोफेसरों का मार्गदर्शन और शानदार परीक्षा परिणाम हर साल देश के मेधावी छात्रों को इस संस्थान की ओर आकर्षित करते हैं।

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डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल से जुड़ा कॉलेज: आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और नया आकर्षण

दिल्ली के सरकारी चिकित्सा संस्थानों की सूची में डॉ. राम मनोहर लोहिया (आरएमएल) अस्पताल से संबद्ध मेडिकल कॉलेज सबसे आधुनिक और नए संस्थानों में से एक माना जाता है। बहुत ही कम समय के भीतर इस कॉलेज ने मेडिकल शिक्षा के क्षेत्र में अपनी एक अलग और विशिष्ट पहचान कायम की है। यहां नीट यूजी परीक्षा के माध्यम से प्रवेश दिया जाता है और कुल सीटों की संख्या लगभग 100 है। अत्याधुनिक तकनीकों से लैस आधुनिक प्रयोगशालाएं, नई विशाल इमारत, बेहतरीन बुनियादी ढांचा और आरएमएल अस्पताल की उत्कृष्ट क्लिनिकल ट्रेनिंग इसे हाल के वर्षों में अभ्यर्थियों के बीच एक बेहद लोकप्रिय विकल्प बनाती है।

वीएमएमसी और सफदरजंग अस्पताल: देश के सबसे व्यस्त चिकित्सा केंद्र से व्यावहारिक सीख

वर्धमान महावीर मेडिकल कॉलेज (वीएमएमसी) दिल्ली का एक और प्रमुख सरकारी मेडिकल कॉलेज है, जो सीधे देश के सबसे बड़े और व्यस्ततम सफदरजंग अस्पताल से जुड़ा हुआ है। इस संस्थान में नीट यूजी के जरिए प्रवेश के लिए लगभग 170 एमबीबीएस सीटें उपलब्ध हैं। यदि कोई छात्र ऐसी जगह से चिकित्सा की शिक्षा हासिल करना चाहता है जहां प्रतिदिन हजारों मरीजों की आवाजाही होती हो और थ्योरी की पढ़ाई के साथ-साथ व्यावहारिक क्लिनिकल ट्रेनिंग का विशाल अवसर मिले, तो वीएमएमसी उसके लिए एक आदर्श विकल्प है। यहां की समर्पित फैकल्टी और गहन व्यावहारिक प्रशिक्षण की देश भर के चिकित्सा क्षेत्र में सराहना की जाती है।

महिलाओं के लिए विशेष सरकारी कॉलेज: बाल स्वास्थ्य और स्त्री रोग में विशेषज्ञता

राजधानी के सबसे पुराने और ऐतिहासिक सरकारी संस्थानों में से एक यह मेडिकल कॉलेज विशेष रूप से महिला अभ्यर्थियों के लिए एक शानदार अवसर प्रदान करता है। इस संस्थान में केवल महिला छात्रों को ही एमबीबीएस पाठ्यक्रम में दाखिला दिया जाता है। नीट यूजी और एमसीसी काउंसलिंग प्रक्रिया के माध्यम से यहां उपलब्ध लगभग 240 सीटों पर पारदर्शी तरीके से एडमिशन होता है। यह कॉलेज दो प्रमुख चिकित्सा केंद्रों, सुचेता कृपलानी अस्पताल और कलावती सरन चिल्ड्रन्स अस्पताल से संबद्ध है। इसके कारण यहां पढ़ने वाली महिला छात्रों को बाल स्वास्थ्य, महिला स्वास्थ्य और सामान्य चिकित्सा में अत्यधिक गहन व्यावहारिक प्रशिक्षण प्राप्त होता है।

यूसीएमएस और गुरु तेग बहादुर अस्पताल: मेडिकल रिसर्च और स्पेशलाइजेशन का केंद्र

दिल्ली विश्वविद्यालय से संबद्ध यूनिवर्सिटी कॉलेज ऑफ मेडिकल साइंसेज (यूसीएमएस) को भी देश के शीर्ष सरकारी मेडिकल कॉलेजों में गिना जाता है। इस संस्थान में नीट यूजी परीक्षा के माध्यम से लगभग 170 एमबीबीएस सीटों पर प्रवेश दिया जाता है। यूसीएमएस पूर्वी दिल्ली के प्रतिष्ठित गुरु तेग बहादुर (जीटीबी) अस्पताल से जुड़ा हुआ है। यहां के विद्यार्थियों को मरीजों के इलाज के व्यावहारिक अनुभव के साथ-साथ चिकित्सा अनुसंधान गतिविधियों में भाग लेने का व्यापक मौका मिलता है। जो अभ्यर्थी आगे चलकर मेडिसिन के क्षेत्र में अनुसंधान करना चाहते हैं या किसी विषय में स्पेशलाइजेशन करने की योजना बना रहे हैं, उनके लिए यूसीएमएस एक बेहतरीन मंच सिद्ध होता है।

सवाल-जवाब

क्या एम्स दिल्ली के अलावा दिल्ली के इन सरकारी मेडिकल कॉलेजों की एमबीबीएस डिग्री पूरी तरह से मान्य है?
हां, इन सभी 5 सरकारी मेडिकल कॉलेजों से मिलने वाली एमबीबीएस डिग्री को पूरी तरह से मान्यता प्राप्त है और यहां के छात्र देश-विदेश के प्रतिष्ठित संस्थानों में कार्यरत हैं।
मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज (एमएएमसी) की स्थापना कब हुई थी और यह किन अस्पतालों से जुड़ा है?
मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज की स्थापना 1959 में हुई थी और यह लोक नायक अस्पताल, जीबी पंत अस्पताल तथा गुरु नानक आई सेंटर से संबद्ध है।
दिल्ली में कौन सा सरकारी मेडिकल कॉलेज केवल महिला अभ्यर्थियों के लिए एमबीबीएस सीट प्रदान करता है?
सुचेता कृपलानी अस्पताल और कलावती सरन चिल्ड्रन्स अस्पताल से जुड़ा ऐतिहासिक पुराना सरकारी कॉलेज केवल महिला अभ्यर्थियों को लगभग 240 एमबीबीएस सीटों पर प्रवेश देता है।
वीएमएमसी और यूसीएमएस में नीट यूजी के माध्यम से कुल कितनी एमबीबीएस सीटें उपलब्ध हैं?
वीएमएमसी (वर्धमान महावीर मेडिकल कॉलेज) और यूसीएमएस (यूनिवर्सिटी कॉलेज ऑफ मेडिकल साइंसेज) दोनों संस्थानों में लगभग 170-170 एमबीबीएस सीटें उपलब्ध हैं।
डॉ. राम मनोहर लोहिया (आरएमएल) अस्पताल से जुड़े मेडिकल कॉलेज में कितनी सीटें हैं?
आरएमएल अस्पताल से जुड़े दिल्ली के इस नए सरकारी मेडिकल कॉलेज में नीट यूजी के माध्यम से प्रवेश के लिए लगभग 100 एमबीबीएस सीटें हैं।
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