राजस्थान के खैरथल-तिजारा में साइबर ठगी की जांच के दौरान बड़ा हादसा, पुलिस की मौजूदगी में युवक ने लगाया फंदाउत्तर प्रदेश विधान परिषद चुनाव 2026: भाजपा ने बनाई बढ़त, सपा ने दी कड़ी टक्कर; सीएम योगी आदित्यनाथ ने दी बधाईपारे की सतह पर सोना बनाने का दावा, राजस्थान के वैज्ञानिक लाल बहादुर के प्रयोग की शुरू हुई वैज्ञानिक जांचफरीदाबाद में फर्जी जॉब ऑफर के ज़रिए 89750 रुपये की साइबर ठगी, गाजियाबाद के 3 आरोपी गिरफ्तारराजस्थान के डीग में पंचायत चुनाव के दौरान भड़की हिंसा, सरपंच प्रत्याशियों के गुटों में पथराव से कई घायलयूडीपी से पाला बदलकर एनपीपी में शामिल हुए दो विधायक, मेघालय में बदला राजनीतिक गणित500 करोड़ के ऑडियो क्लिप मामले पर बोले मनोज जरांगे, जांच न होने पर 29 तारीख को दी सीधे टकराव की चेतावनीइलाहाबाद हाई कोर्ट दो पैन कार्ड मामले में आजम खान और अब्दुल्ला आजम पर आदेश सुरक्षित करने के बाद निर्णय देगा29 अक्टूबर को चंद्रमा का मिथुन राशि में प्रवेश, इन 7 राशियों के खुलेंगे उन्नति के द्वारमैनपुरी विधानसभा सीट का तीन दशक का इतिहास और 2027 के भावी सियासी समीकरण
कानपुर में अगरबत्ती और गुलाल बनाने के बहाने चल रहा था नकली पान मसाला का अवैध कारोबार, छापेमारी में मशीनें जब्तउत्तर प्रदेश
10 अक्तू॰ 2026, 2:07 pm (19 दिन पहले)· 0

कानपुर में अगरबत्ती और गुलाल बनाने के बहाने चल रहा था नकली पान मसाला का अवैध कारोबार, छापेमारी में मशीनें जब्त

कानपुर के इस्पात नगर में अगरबत्ती और गुलाल निर्माण के नाम पर किराए पर ली गई इमारत में अवैध पान मसाला पैकेजिंग यूनिट पकड़ी गई, जहां से नामी ब्रांडों की सामग्री बरामद हुई।

उत्तर प्रदेश के कानपुर में वाणिज्य कर विभाग की विशेष जांच शाखा (SIB), रेंज-डी की टीम ने इस्पात नगर इलाके में चल रहे एक बड़े फर्जीवाड़े का पर्दाफाश किया है। यहां एक इमारत की पहली मंजिल को गुलाल और अगरबत्ती बनाने के नाम पर किराए पर लिया गया था, लेकिन इसकी आड़ में अवैध रूप से पान मसाला की पैकेजिंग की जा रही थी। कर विभाग के अधिकारियों ने जब ठिकाने पर अचानक छापा मारा, तो वहां नामी कंपनियों के ब्रांड वाली भारी मात्रा में पैकेजिंग सामग्री, कच्चा माल और एक वर्टिकल पाउच पैकिंग मशीन बरामद हुई। छापेमारी के दौरान मौका पाकर फैक्ट्री संचालक रितिक अग्रवाल वहां से भागने में सफल रहा।

वरिष्ठ अफसरों की टीम ने की छापेमारी

इस पूरी कार्रवाई को वाणिज्य कर विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की अगुवाई में अंजाम दिया गया। टीम का नेतृत्व एडिशनल कमिश्नर सान्या छाबड़ा, कुमार आनंद और ज्वाइंट कमिश्नर सुशील गौतम कर रहे थे। अधिकारियों ने मौके से मिले सभी कच्चे माल, तैयार पैकेजिंग सामग्री और वर्टिकल पाउच पैकिंग मशीन को जब्त कर लिया। इस मामले में कर चोरी और अन्य कानूनी उल्लंघनों की आगे की जांच के लिए जब्त की गई सभी सामग्रियों को केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर (CGST) विभाग को सौंप दिया गया है।

ये भी पढ़ें

संचालक का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड और पुलिस जांच

विभागीय जांच पड़ताल में यह तथ्य सामने आया कि फरार फैक्ट्री संचालक रितिक अग्रवाल पर पहले भी कानून का शिकंजा कस चुका है। उसके खिलाफ बिधनू थाने में पूर्व में भी एक प्राथमिकी दर्ज हो चुकी है। इस्पात नगर में पकड़े गए इस गैरकानूनी परिसर को लेकर अब सीजीएसटी और अन्य संबंधित विभाग विस्तृत जांच में जुटे हैं। फरार आरोपी की तलाश के साथ-साथ इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है।

कानपुर में अवैध कारोबारों पर लगातार शिकंजा

कानपुर में गैरकानूनी गतिविधियों और तस्करी के खिलाफ प्रवर्तन एजेंसियों की यह पहली बड़ी कार्रवाई नहीं है। इससे पहले बाबूपुरवा थाना क्षेत्र में एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) ने एक मकान के गोदाम पर छापा मारकर भारी मात्रा में नशीला सिरप पकड़ा था। उस कार्रवाई में कोडीन युक्त सिरप की 25 हजार बोतलें बरामद की गई थीं, जिसका अनुमानित बाजार मूल्य लगभग 2 करोड़ 95 लाख रुपये आंका गया था। उस मामले में बिहार के मधुबनी निवासी मिहिर कुमार ठाकुर को गिरफ्तार किया गया था, जो फर्जी दस्तावेजों और फर्जी बिल्टी के जरिए नई दिल्ली की एक फर्म के नाम पर खेप मंगाकर प्रयागराज और वाराणसी समेत कई अन्य जिलों में सप्लाई करता था।

सवाल-जवाब

कानपुर में यह छापेमारी किस इलाके में की गई?
यह कार्रवाई उत्तर प्रदेश के कानपुर शहर के इस्पात नगर इलाके में स्थित एक इमारत की पहली मंजिल पर की गई।
फैक्ट्री परिसर को किस काम के नाम पर किराए पर लिया गया था?
परिसर को आधिकारिक तौर पर अगरबत्ती और गुलाल निर्माण के लिए किराए पर लिया गया था, लेकिन वहां अवैध पान मसाला पैकेजिंग चल रही थी।
छापेमारी के दौरान कौन-कौन से सामान बरामद किए गए?
अधिकारियों ने मौके से दो नामी ब्रांडों की पैकेजिंग सामग्री, कच्चा माल और एक वर्टिकल पाउच पैकिंग मशीन जब्त की।
कार्रवाई का नेतृत्व किन अधिकारियों ने किया?
इस छापेमारी का नेतृत्व एडिशनल कमिश्नर सान्या छाबड़ा, कुमार आनंद और ज्वाइंट कमिश्नर सुशील गौतम ने किया।
फैक्ट्री संचालक का क्या नाम है और उसके खिलाफ क्या जानकारी मिली है?
संचालक का नाम रितिक अग्रवाल है, जो मौके से फरार हो गया और उसके खिलाफ बिधनू थाने में पहले भी केस दर्ज है।
जब्त की गई सामग्री को किस विभाग को सौंपा गया है?
बरामद सामान और मशीन को आगे की कानूनी जांच और कार्रवाई के लिए केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर (CGST) विभाग को सौंपा गया है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 5

Arshdeep Ahluwalia@arshdeep-ahluwalia·18 दिन पहले

अरे गजब! अगरबत्ती और गुलाल के नाम पर सीधे नकली पान मसाला पैक हो रहा था। कानपुर में ऐसे खेल रोज़ सामने आते हैं, पर ये समझ नहीं आया कि जब छापेमारी हुई तो पुलिस या विभाग को पहले से भनक क्यों नहीं लगी?

Arjun Mehta@arjun-mehta·18 दिन पहले

अरे भाई, अगरबत्ती की आड़ में इतना बड़ा खेल चल रहा था और आसपास के लोगों को भनक तक नहीं लगी? ये बात थोड़ी हज़म नहीं होती।

Ravikash Gupta@ravikash·18 दिन पहले

अरे अर्जुन भाई, ऐसे मामलों में मिलीभगत के बिना कुछ नहीं होता। पुलिस की पकड़ से बचने के लिए शातिर लोग ऐसे ही नए-नए तरीके निकालते हैं।

Rohan Verma@rohan-verma·18 दिन पहले

कानपुर में हर बार छापेमारी में ऐसे ही नए खुलासे होते हैं, रितिक का पुराना इतिहास होने के बावजूद वह इतने दिनों तक यह धंधा चलाता रहा।

Karan Malhotra@karan-malhotra·18 दिन पहले

रोहन जी, बात तो आपकी सही है। जब पहले से ही थाने में मामला दर्ज था, तो इतने दिन तक बच कैसे गया यह समझ नहीं आता।

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp