गुजरात के वडोदरा जिले में स्थित करजन की एक अदालत ने वर्ष 2021 के सनसनीखेज स्विटी पटेल हत्याकांड में अपना फैसला सुना दिया है. अदालत ने मामले के मुख्य अभियुक्त और स्विटी पटेल के पति, तत्कालीन पुलिस निरीक्षक अजय अमृत देसाई को हत्या का दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा से दंडित किया है. इसके साथ ही, हत्याकांड की साजिश में सह-अभियुक्त रहे किरीटसिंह जाडेजा को हत्या का षड्यंत्र रचने तथा साक्ष्यों को नष्ट करने में सहयोग देने का दोषी पाते हुए 5 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई गई है. न्यायिक पीठ ने अपराध की गंभीरता को देखते हुए दोनों दोषियों पर 2-2 लाख रुपये का आर्थिक जुर्माना भी लगाया है.
न्यायिक प्रक्रिया और अदालत का अंतिम निर्णय
करजन न्यायालय में चली लंबी सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने पर्याप्त फॉरेंसिक साक्ष्य, परिस्थितिजन्य प्रमाण और गवाहों के बयान प्रस्तुत किए. अदालत ने पाया कि तत्कालीन पुलिस सब-इंस्पेक्टर से इंस्पेक्टर बने अजय देसाई ने कानून की रक्षा का पद संभालते हुए स्वयं ही अपनी पत्नी की नृशंस हत्या की. साक्ष्यों को छुपाने और कानून से बचने के लिए उन्होंने अपने करीबी सहयोगी किरीटसिंह जाडेजा का सहारा लिया. न्यायाधीश ने तमाम साक्ष्यों के आधार पर अजय देसाई को आजीवन कारावास और किरीटसिंह जाडेजा को 5 साल जेल की सजा सुनाई, जबकि दोनों अभियुक्तों को 2-2 लाख रुपये का जुर्माना अदा करने का आदेश दिया गया.
स्विटी पटेल का पारिवारिक पृष्ठभूमि और पहला विवाह
इस दुखद घटना की शिकार बनी 37 वर्षीय स्विटी महेंद्र पटेल गुजरात के आनंद जिले के उमरेठ तालुका अंतर्गत पानसोरा गांव की रहने वाली थीं. वर्ष 2001 में स्विटी ने अपने ही गांव के निवासी हेतस महेश पांड्या के साथ प्रेम विवाह किया था. विवाह के पश्चात यह दंपत्ति अहमदाबाद चला गया, जहां उनके दो पुत्रों ऋदम और प्रणील का जन्म हुआ. हालांकि, वैवाहिक जीवन में वैचारिक मतभेदों और आपसी अनबन के कारण वर्ष 2014 में दोनों ने परस्पर सहमति से तलाक ले लिया और कानूनी रूप से अलग हो गए.
पुलिस अधिकारी संग प्रेम और 2016 में गंधर्व विवाह
तलाक के बाद वर्ष 2015 में एक सामाजिक कार्यक्रम के दौरान स्विटी की मुलाकात पुलिस विभाग में कार्यरत तत्कालीन सब-इंस्पेक्टर अजय अमृत देसाई से हुई. समय के साथ दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं और उन्होंने साथ रहने का फैसला किया. वर्ष 2016 में गुजरात के गांधीनगर स्थित रूपल गांव के एक मंदिर में स्विटी पटेल और अजय देसाई ने गंधर्व विवाह की रस्में पूरी कीं. विवाह के बाद दोनों एक साथ रहने लगे और एक नए जीवन की शुरुआत की.
बिना बताए दूसरी शादी और दांपत्य जीवन में गहराता तनाव
स्विटी के साथ गंधर्व विवाह करने के महज एक साल बाद, यानी वर्ष 2017 में अजय देसाई ने स्विटी को पूरी तरह अंधेरे में रखकर अपने ही समुदाय की एक अन्य महिला से सामाजिक रीति-रिवाजों के अनुसार दूसरा विवाह रचा लिया. जब स्विटी को इस गुप्त शादी की जानकारी मिली, तो दोनों के बीच गंभीर विवाद शुरू हो गए. इसी तनाव भरे दौर में वर्ष 2019 में स्विटी ने एक पुत्र को जन्म दिया, जो अजय देसाई का बेटा और स्विटी की तीसरी संतान था. सार्वजनिक रूप से पत्नी का दर्जा न मिलने तथा देसाई के दूसरे विवाह को लेकर दोनों के बीच आए दिन तीखी बहस होने लगी.
5 जून 2021 का घटनाक्रम, हत्या और सबूत नष्ट करने की साजिश
लगातार बढ़ते घरेलू विवाद के बीच 5 जून 2021 को स्विटी पटेल अचानक रहस्यमय परिस्थितियों में लापता हो गईं. शुरुआत में गुमशुदगी का मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई, लेकिन जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ी, परतें खुलती चली गईं. गहन छानबीन के दौरान यह चौंकाने वाली सच्चाई सामने आई कि खुद पुलिस अधिकारी अजय देसाई ने अपनी पत्नी का कत्ल कर दिया था. इसके बाद उसने अपने सहयोगी किरीटसिंह जाडेजा के साथ मिलकर मृत शरीर का निपटारा किया और सबूतों को पूरी तरह नष्ट करने की कोशिश की. अदालत ने अंततः अभियोजन द्वारा पेश किए गए ठोस साक्ष्यों और प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों को स्वीकार करते हुए दोनों को दोषी करार दिया और सजा सुनाई.
























