स्टाइपेंड बढ़ोतरी की मांग पर अड़े भोपाल के डॉक्टरों की हड़ताल से ओपीडी ठप, आपातकालीन सेवाएं चालूबिना अकाउंट और ऐप के भी हो सकेगी वॉट्सऐप कॉल, मेटा ला रहा नया गेस्ट कॉल्स फीचरझारखंड में शिक्षा मंत्री सुदिव्य सोनू के जाने से हड़कंप, जानिए बिहार से यूपी तक फैले सियासी अंधविश्वासों के किस्सेदिवाली तक 10 किलो वजन घटाने के लिए न्यूट्रिशनिस्ट साक्षा लालवानी की 60-डे डाइट स्ट्रेटेजीवैश्विक तनाव और आर्थिक मंदी की आशंकाओं के बीच 18वें ब्रिक्स सम्मेलन से भारत रचेगा नई कूटनीतिक मिसालसोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर योगी आदित्यनाथ का दबदबा, फॉलोअर्स की संख्या में तमिलनाडु के सीएम को पछाड़ाक्रिप्टो बाजार का हाल: बिटकॉइन ले रहा है सांस, एथेरियम और रिपल में तेजी बरकरारमूलांक 2 अंकज्योतिष राशिफल 9 सितंबर 2026: रिश्ते, करियर और आर्थिक स्थिति का पूरा भविष्यफलमूलांक 3 अंकशास्त्र राशिफल 9 सितंबर 2026: नए अवसरों और संपर्कों से मिलेगा लाभतेल की कीमतों में उछाल के बावजूद सोना और चांदी स्थिर, क्रूड ऑयल 100 डॉलर के करीब
कालूपुर गांव में उपले के विवाद पर हुई हत्या के मामले में एक ही कुनबे के छह लोगों को आजीवन कारावासहरियाणा
9 सित॰ 2026, 8:33 am (1 घंटे पहले)· 2

कालूपुर गांव में उपले के विवाद पर हुई हत्या के मामले में एक ही कुनबे के छह लोगों को आजीवन कारावास

हरियाणा के सोनीपत जिले की एक अदालत ने जून 2021 में उपले के मामूली झगड़े के बाद हुए जगदीश हत्याकांड में छह अभियुक्तों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। कोर्ट ने दोषियों पर आर्थिक जुर्माना लगाने के साथ ही जुर्माने की राशि में से डेढ़ लाख रुपये पीड़ित परिवार को देने का आदेश दिया।

हरियाणा स्थित सोनीपत के कालूपुर गांव में हुए चर्चित जगदीश हत्याकांड में अदालत ने सख्त रुख अपनाते हुए ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुभाष चंद्र सिरोही की अदालत ने इस मामले में सुनवाई पूरी करते हुए एक ही परिवार से ताल्लुक रखने वाले छह अभियुक्तों को दोषी पाया और उन्हें उम्रकैद की सजा सुनाई। न्यायालय ने दोषियों पर अर्थदंड भी लगाया है, जिसमें से प्राप्त राशि का एक बड़ा हिस्सा पीड़ित पक्ष को आर्थिक सहायता के रूप में प्रदान करने का निर्देश दिया गया है। इस फैसले के बाद लगभग 5 साल पुराने मामले में पीड़ित परिवार को आखिरकार इंसाफ मिल गया है।

थाने जाते वक्त रास्ते में किया था जानलेवा हमला

मामले की पृष्ठभूमि 3 जून 2021 की है, जब कालूपुर गांव में उपले रखने को लेकर पड़ोसियों के बीच मामूली विवाद शुरू हुआ था। देखते ही देखते यह बहस उग्र झगड़े में तब्दील हो गई। घटना के बाद जब पीड़ित परिवार मामले की शिकायत दर्ज कराने के उद्देश्य से पुलिस स्टेशन की ओर जा रहा था, तब आरोपियों ने रास्ते में उन्हें घेर लिया। हमलावरों ने पूर्व नियोजित साजिश के तहत कुल्हाड़ी, लाठी-डंडों और लोहे के पाइप जैसे घातक हथियारों से परिवार पर धावा बोल दिया। इस हिंसक हमले में गंभीर चोटें आने के कारण शिकायतकर्ता संतरा के पति जगदीश की मृत्यु हो गई थी।

ये भी पढ़ें

अदालत का फैसला और धाराओं के तहत तय हुई सजा

अदालत ने साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर सुरेश, संतरो, अमित, सुमित, रमेश और सिकंदर को हत्या तथा साजिश रचने का दोषी ठहराया। न्यायाधीश सुभाष चंद्र सिरोही ने इन सभी छह दोषियों को भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 120B और धारा 302 के अंतर्गत आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इसके साथ ही प्रत्येक दोषी पर 50,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया गया। कोर्ट ने आईपीसी की धारा 148 के तहत दोषियों को 1 साल की अतिरिक्त कैद और 2,500 रुपये के जुर्माने की सजा दी, जबकि धारा 149 के अंतर्गत 6 महीने की कैद और 1,000 रुपये का जुर्माना निर्धारित किया। अदालत ने स्पष्ट किया कि वसूले गए कुल जुर्माने में से 1 लाख 50 हजार रुपये की राशि मृतक जगदीश के परिजनों को दी जाएगी।

70 गवाहों की गवाही के बाद मिला पीड़ित परिवार को न्याय

मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी करते हुए सरकारी अधिवक्ता रोशनी दुहन ने अदालत के समक्ष तमाम तथ्य रखे। उन्होंने बताया कि दोनों पक्ष आपस में पड़ोसी थे और उपले को लेकर शुरू हुए विवाद ने अचानक हिंसक रूप ले लिया था। आरोपियों ने जानबूझकर हमले को अंजाम दिया जिससे जगदीश की जान चली गई। मुकदमे की प्रक्रिया के दौरान कुल 70 लोगों की गवाही दर्ज करवाई गई, जिनके बयानों और सबूतों के आधार पर तीन अलग-अलग धाराओं में दोषियों को दंडित किया गया।

सवाल-जवाब

सोनीपत की अदालत ने जगदीश हत्याकांड में क्या फैसला सुनाया?
अदालत ने एक ही परिवार के छह दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है और उन पर वित्तीय जुर्माना भी लगाया है।
जगदीश हत्याकांड की घटना कब और कहां हुई थी?
यह वारदात 3 जून 2021 को हरियाणा के सोनीपत जिले में स्थित कालूपुर गांव में हुई थी।
हत्याकांड के पीछे मुख्य वजह क्या थी?
यह विवाद पड़ोसियों के बीच उपले रखने की मामूली बात पर शुरू हुआ था, जो बाद में हिंसक हमले में बदल गया।
अदालत ने दोषियों पर कितना जुर्माना लगाया और उसमें से पीड़ित परिवार को कितना मिलेगा?
दोषियों पर अलग-अलग धाराओं के तहत जुर्माना लगाया गया है, जिसमें से कुल 1.5 लाख रुपये पीड़ित परिवार को दिए जाएंगे।
इस मामले में कुल कितने गवाहों के बयान दर्ज किए गए?
अदालत में सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से कुल 70 गवाहों की गवाही दर्ज करवाई गई।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 2

Rohan Verma@rohan-verma·14 मिनट पहले

यह मामला हमारे समाज में लगातार बढ़ रही छोटी बातों पर असहिष्णुता और आक्रामकता का एक भयावह उदाहरण है। महज उपले रखने जैसे मामूली विवाद पर एक पूरे परिवार का इस तरह कानून अपने हाथ में लेना और पूर्व नियोजित साजिश के तहत जानलेवा हमला करना यह दर्शाता है कि जमीनी स्तर पर विवाद समाधान के पारंपरिक तंत्र कितने कमजोर हो चुके हैं। लगभग पांच साल लंबी कानूनी लड़ाई और 70 गवाहों के बयानों के बाद आया यह फैसला भले ही पीड़ित परिवार को न्याय दिलाता है, लेकिन यह घटना सामाजिक ताने-बाने की उस गहरी दरार को भी उजागर करती है, जहाँ मामूली अनबन भी खून-खराबे में बदल जाती है।

Karan Malhotra@karan-malhotra·13 मिनट पहले

इस मामले में पाँच साल की लंबी कानूनी प्रक्रिया और 70 गवाहों की गवाही इस बात का स्पष्ट प्रमाण है कि हमारी न्याय प्रणाली में मुकदमेबाजी का समय और गवाहों के मुकरने या परीक्षण का बोझ कितना भारी होता है। हालांकि अदालत ने आईपीसी की धारा 302 और 120B के तहत कठोर सजा देकर मिसाल कायम की है, लेकिन जमीनी स्तर पर ऐसे मामलों की त्वरित रोकथाम के लिए पुलिस और स्थानीय प्रशासनिक स्तर पर मध्यस्थता तंत्र को अधिक सक्रिय करना होगा ताकि मामूली विवाद खूनी संघर्ष में न बदलें।

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR