उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले में हुए बहुचर्चित दवा कारोबारी विनीत मिनोचा हत्याकांड की जांच में हर दिन नए और चौंकाने वाले खुलासे सामने आ रहे हैं। इस सनसनीखेज मामले की तह तक पहुंचने के लिए पुलिस लगातार डिजिटल साक्ष्यों और पारिवारिक पृष्ठभूमि की कड़ियां जोड़ने में जुटी हुई है। हत्याकांड की साजिश रचने और उसमें संलिप्त पाए जाने के आरोप में कारोबारी की बहू शालू को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। परिवार के लोगों का कहना है कि मां के सलाखों के पीछे जाने के बाद से शालू और सुब्रत का पांच साल का मासूम बेटा गहरे मानसिक तनाव से गुजर रहा है और वह ठीक से भोजन भी नहीं कर पा रहा है।
बर्थडे सरप्राइज का पुराना वीडियो हुआ वायरल
जांच के इस दौर के बीच पिछले साल के जन्मदिन का एक बेहद भावुक कर देने वाला वीडियो सामने आया है। इस वीडियो को लेकर बताया जा रहा है कि 16 नवंबर 2025 को शालू ने इसे अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट पर अपलोड किया था। फुटेज में नजर आता है कि शालू अपने बेटे के स्कूल से घर लौटने का बड़ी बेसब्री से इंतजार कर रही थी। उसने घर के भीतर गुब्बारे लगाकर शानदार सजावट की थी और बच्चे के कमरे में ही केक का इंतजाम किया गया था। जैसे ही मासूम बच्चा कमरे के अंदर कदम रखता है, वैसे ही जश्न का माहौल बन जाता है। ठीक उसी वक्त विनीत मिनोचा अचानक कमरे से बाहर निकलते हैं। अपने दादा को सामने खड़ा देखकर बच्चा दौड़कर उनसे लिपट जाता है। इसके बाद शालू बच्चे को कमरे में रखी एक अन्य सरप्राइज गिफ्ट की तरफ ले जाती है, जिसके ऊपर सफेद चादर पड़ी हुई थी।
जैसे ही वह सफेद चादर हटाई जाती है, सामने एक शानदार स्पोर्ट्स बाइक नजर आती है। इस चमचमाती बाइक को दादा ने अपने पोते को जन्मदिन के तोहफे के रूप में दिया था। वीडियो में बच्चे के चेहरे की खुशी और उसकी चमक साफ तौर पर देखी जा सकती है। परिवार के सदस्यों के लिए अब यही वीडियो सबसे ज्यादा पीड़ादायक बन गया है। जिस दादा ने अपने पोते के पिछले जन्मदिन को इतना खास और यादगार बनाया था, आज उनकी बेरहमी से हत्या की जा चुकी है। विडंबना यह है कि उसी मासूम के परिवार से जुड़ी उसकी मां इस जघन्य हत्याकांड की मुख्य आरोपी बनकर जेल की सलाखों के पीछे बंद है।
सोशल मीडिया प्रोफाइल और ऑनलाइन गतिविधियां
पुलिस की जारी छानबीन के दौरान शालू का सोशल मीडिया अकाउंट भी खासी चर्चा का विषय बना हुआ है। उसके इंस्टाग्राम अकाउंट पर विभिन्न पारिवारिक और निजी अवसरों की तमाम तस्वीरें और रील्स साझा की गई हैं। जानकारी के मुताबिक, शालू ने Shalu Arora Minocha नाम से अपना अकाउंट बना रखा था, जिस पर उसके सैकड़ों फॉलोअर्स जुड़े हुए थे। इस प्रोफाइल पर बच्चे के जन्म के पलों से लेकर उसके हर साल होने वाले बर्थडे सेलिब्रेशन तक की झलकियां मौजूद हैं। इसके अलावा अपने पति सुब्रत के साथ शादी समारोहों, करवाचौथ के त्योहार और दोस्तों के साथ की गई पार्टियों की तस्वीरें भी इस पर पोस्ट की गई थीं।
खास तौर पर 16 मार्च 2020 को शालू ने अपनी बैचलर पार्टी की कुछ तस्वीरें भी ऑनलाइन साझा की थीं। वहीं, करवाचौथ के पावन अवसर पर पति सुब्रत के साथ पारंपरिक लिबास में तस्वीरें अपलोड की गई थीं। हालांकि, जैसे ही दवा कारोबारी की हत्या की खबर सामने आई, वैसे ही इन पुरानी सोशल मीडिया पोस्ट पर आम लोगों की तीखी और आलोचनात्मक प्रतिक्रियाएं आनी शुरू हो गईं। लोग इन पुरानी तस्वीरों पर तरह-तरह की टिप्पणियां कर रहे हैं, जिससे सोशल मीडिया पर यह मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है।
विशाल और शालू की चैट्स से मिले अहम सुराग
इस पूरे हत्याकांड की कड़ियां जोड़ने में जुटी पुलिस को शालू और इस मामले के दूसरे आरोपी विशाल गौतम के बीच हुई बातचीत के तमाम डिजिटल सुराग हाथ लगे हैं। पुलिस महकमे के सूत्रों का दावा है कि दोनों लंबे वक्त से वॉट्सऐप के माध्यम से एक-दूसरे के संपर्क में बने हुए थे। शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि शुरुआत के दिनों में विशाल की तरफ से शालू को नियमित रूप से गुड मॉर्निंग और गुड नाइट के संदेश भेजे जाते थे, लेकिन उस दौरान शालू की तरफ से कोई जवाब नहीं दिया जाता था।
पुलिस के अनुसार, लगभग तीन महीने पहले दोनों के बीच बातचीत का सिलसिला काफी बढ़ गया और शालू ने भी विशाल के संदेशों का जवाब देना शुरू कर दिया। अंदरूनी सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, इसी समयावधि के दौरान शालू ने विशाल की तारीफें करना भी शुरू कर दिया था। जांच एजेंसियां अब इसी खास समयावधि को इस खौफनाक हत्या की साजिश के मुख्य बिंदु के रूप में देख रही हैं। हालांकि, यह खूनी साजिश कब और किस तरह रची गई, इसमें किस व्यक्ति की क्या सटीक भूमिका रही और उस चैट का वास्तविक संदर्भ क्या था, इसका पूरा खुलासा कानूनी और न्यायिक प्रक्रिया के दौरान ही स्पष्ट हो पाएगा।
हत्या के बाद चैट डिलीट करने और सबूत छिपाने की कोशिश
पुलिस की शुरुआती तफ्तीश के दौरान यह भी बात सामने आई थी कि विनीत मिनोचा की हत्या को अंजाम देने के तुरंत बाद विशाल ने सबसे पहले शालू के साथ हुई अपनी तमाम चैट्स को डिलीट कर दिया था। हालांकि, पुलिस का कहना है कि वॉट्सऐप कॉल के रिकॉर्ड पूरी तरह से मिटाए नहीं जा सके और तकनीकी मदद से कई बातचीत के अहम रिकॉर्ड रिकवर कर लिए गए हैं। पुलिस यह भी दावा कर रही है कि विशाल का उस बच्चे के साथ भी सीधा संपर्क था और घटना वाले दिन यानी हत्या के दिन भी दोनों के बीच बातचीत हुई थी।
तफ्तीश में यह बात भी उजागर हुई है कि वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी ने फ्लैट की डुप्लीकेट चाबी को अपार्टमेंट से कुछ ही दूरी पर फेंक दिया था। इन तमाम सबूतों को ढूंढने और मामले की तहकीकात को पुख्ता करने के लिए पुलिस अब आरोपी को पुलिस कस्टडी रिमांड पर लेकर पूछताछ करने की पुरजोर तैयारी कर रही है।
पार्टी और साजिश के बीच उलझे मामले के तार
पुलिस के शुरुआती दावों के मुताबिक, जिस वक्त कानपुर के इस पॉश इलाके में विनीत मिनोचा की हत्या की जा रही थी, ठीक उसी समय शालू एक पार्टी के अंदर मौजूद थी। पुलिस का गंभीर आरोप है कि इस हत्याकांड की पूरी पटकथा बहुत पहले ही लिख ली गई थी और पार्टी में रहने के दौरान भी वह लगातार मोबाइल फोन के माध्यम से आरोपी विशाल गौतम के संपर्क में बनी हुई थी। इस गंभीर मामले में पुलिस ने शालू समेत तमाम नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर पहले ही न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है।
अब पूरी पुलिस इन्वेस्टिगेशन का मुख्य फोकस हत्या की इस गहरी साजिश के हर पहलू को बेनकाब करने, आरोपियों के बीच आपसी संपर्क साधने के माध्यमों, चैट के ब्योरे और वारदात के बाद उठाए गए कदमों को आपस में जोड़ने पर टिका हुआ है। फिलहाल पुलिस के इन तमाम कथित दावों और बरामद डिजिटल साक्ष्यों की कानूनी स्क्रूटनी होना अभी बाकी है। इस बहुचर्चित मामले में दूध का दूध और पानी का पानी केवल देश की अदालत के फैसले के बाद ही पूरी तरह साफ हो पाएगा।




















