दक्षिण भारतीय राज्य कर्नाटक के विजयपुरा जिले में भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं। रिक्टर पैमाने पर इस भूकंप की तीव्रता 3.5 दर्ज की गई। जमीन के नीचे कंपन महसूस होते ही स्थानीय इलाकों में लोग सतर्क हो गए और अपने घरों तथा दफ्तरों से बाहर निकल आए।
विजयपुरा में भूकंप का केंद्र और कंपन का असर
भूकंप के इस झटके से किसी बड़े संरचनात्मक नुकसान की सूचना नहीं मिली है। 3.5 तीव्रता के भूकंप को कम तीव्रता की श्रेणी में माना जाता है, जिससे हल्की कंपन महसूस होती है और खिड़कियों या बर्तनों के हिलने जैसी स्थिति बनती है। स्थानीय प्रशासन ने भी पूरे जिले में निगरानी बढ़ा दी है ताकि किसी भी तरह की आपात स्थिति से निपटा जा सके।
भारत के विभिन्न हिस्सों में हालिया भूगर्भीय हलचलें
देश के कई क्षेत्रों में समय-समय पर भूगर्भीय प्लेटों के दबाव के कारण ऐसी हलचलें देखने को मिलती रही हैं। हाल के महीनों में उत्तर भारत के पहाड़ी क्षेत्रों, विशेष रूप से हिमाचल प्रदेश के शिमला, चंबा और कांगड़ा जैसे जिलों में भी भूकंप दर्ज किए गए थे। वहीं पूर्वी भारत के पश्चिम बंगाल और असम से लेकर बिहार के कोसी और सीमांचल क्षेत्र तक समय-समय पर धरती कांपने की घटनाएं सामने आई हैं। यहां तक कि पड़ोसी देश भूटान में आई 5.6 तीव्रता की भूगर्भीय हलचल का असर भी भारतीय सीमावर्ती राज्यों तक पहुंचा था।
कम तीव्रता वाले झटकों पर विशेषज्ञों की नजर
भूवैज्ञानिकों के अनुसार भारतीय उपमहाद्वीप की टेक्टोनिक प्लेट लगातार उत्तर की ओर दबाव बना रही है। इस निरंतर दबाव के कारण देश के अलग-अलग हिस्सों में छोटे और मध्यम स्तर के भूकंप दर्ज होते रहते हैं। हालांकि 3.5 तीव्रता के झटकों से बड़े पैमाने पर ढांचागत विनाश का जोखिम बहुत कम रहता है, फिर भी आपदा प्रबंधन दल स्थानीय स्तर पर स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।

















