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कावेरी जल विवाद का सिनेमा और राजनीति पर असर, कर्नाटक ने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री जोसेफ विजय से बेंगलुरु दौरा टालने की अपील की, जना नायकन की स्क्रीनिंग भी थमीभारत
31 जुल॰ 2026, 5:56 pm (17 दिन पहले)· 0

कावेरी जल विवाद का सिनेमा और राजनीति पर असर, कर्नाटक ने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री जोसेफ विजय से बेंगलुरु दौरा टालने की अपील की, जना नायकन की स्क्रीनिंग भी थमी

कावेरी नदी के जल बंटवारे पर कर्नाटक और तमिलनाडु के बीच तनाव बढ़ने के बाद मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री जोसेफ विजय से 3 अगस्त का बेंगलुरु दौरा स्थगित करने का अनुरोध किया है। वहीं कन्नड़ संगठनों के विरोध के कारण जोसेफ विजय की फिल्म 'जना नायकन' की स्क्रीनिंग भी कई थिएटरों में रोक दी गई है।

कावेरी नदी के जल बंटवारे को लेकर कर्नाटक और तमिलनाडु के बीच चला आ रहा पुराना विवाद एक बार फिर गंभीर मोड़ ले चुका है। इस अंतरराज्यीय जल संकट की आंच अब न केवल राजनीतिक गलियारों तक सीमित है, बल्कि इसका सीधा असर दक्षिण भारतीय सिनेमा, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और दोनों राज्यों के द्विपक्षीय संबंधों पर भी देखने को मिल रहा है। विवाद के गहराते माहौल के बीच कर्नाटक प्रशासन ने तमिलनाडु के प्रतिनिधिमंडल के दौरे को टालने की सिफारिश की है, वहीं कन्नड़ समर्थक समूहों और किसानों के कड़े विरोध के बाद कर्नाटक के कई सिनेमाघरों में तमिल फिल्मों के प्रदर्शन पर भी रोक लगा दी गई है।

कावेरी विवाद के कारण अंतरराज्यीय वार्ता पर पड़ा असर

बेंगलुरु स्थित विधान सौध में आयोजित एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने राज्य की स्थिति स्पष्ट की। इस संवाददाता सम्मेलन में उनके साथ कैबिनेट मंत्री डॉ. जी. परमेश्वर और जल संसाधन मंत्री रामलिंगा रेड्डी भी मौजूद थे। मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने सार्वजनिक तौर पर जानकारी दी कि उन्होंने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री जोसेफ विजय से आगामी 3 अगस्त को प्रस्तावित अपना बेंगलुरु दौरा स्थगित करने का व्यक्तिगत आग्रह किया है। पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार तमिलनाडु के मुख्यमंत्री जोसेफ विजय पांच से छह कैबिनेट मंत्रियों के एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल के साथ जल वार्ता के लिए बेंगलुरु पहुंचने वाले थे।

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शिवकुमार ने बैठक टालने की वजह बताते हुए स्पष्ट किया कि मौजूदा तनावपूर्ण परिस्थितियों में यह यात्रा उचित नहीं होगी। उन्होंने कहा, "यदि इस समय तमिलनाडु के मुख्यमंत्री कर्नाटक आते हैं और उनके खिलाफ विरोध प्रदर्शन या नारेबाजी होती है, तो यह दोनों राज्यों के संबंधों के लिए ठीक नहीं होगा।" मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि दोनों पड़ोसी राज्यों के शीर्ष नेतृत्व के बीच किसी भी सार्थक वार्ता का आयोजन तभी संभव है, जब दोनों तरफ शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण निर्मित हो सके।

कैबिनेट की सहमति और रविवार की सर्वदलीय बैठक

मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने यह भी स्पष्ट किया कि तमिलनाडु के मुख्यमंत्री को दौरा स्थगित करने का सुझाव देने का निर्णय उन्होंने अकेले नहीं, बल्कि अपने कैबिनेट सहयोगियों के साथ गहन विचार-विमर्श के बाद लिया है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार की आगामी रणनीति रविवार को बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में तय की जाएगी। इस सर्वदलीय बैठक के बाद ही तमिलनाडु और कर्नाटक के मुख्यमंत्रियों की भावी वार्ता के लिए नई तारीख पर विचार किया जाएगा।

प्रेस वार्ता के दौरान शिवकुमार ने आशा व्यक्त की कि कावेरी नदी के जलग्रहण क्षेत्रों में हो रही ताजा बारिश से जलाशयों में पानी की आवक तेजी से बढ़ेगी। पानी का स्तर सुधरने से जल बंटवारे से जुड़ी जटिल समस्याओं पर शांतिपूर्ण चर्चा के लिए बेहतर माहौल तैयार हो सकेगा। उन्होंने अतीत का जिक्र करते हुए बताया कि इससे पहले उन्होंने तमिलनाडु के तत्कालीन मुख्यमंत्री एमके स्टालिन के साथ भी द्विपक्षीय बैठक आयोजित करने का प्रयास किया था, लेकिन वह वार्ता संभव नहीं हो सकी थी। अब तमिलनाडु में नई सरकार के गठन के बाद नए मुख्यमंत्री जोसेफ विजय ने बातचीत के जरिए मसले को हल करने की पहल की थी।

सिनेमाघरों में जना नायकन के शो रद्द और पोस्टर्स हटाए गए

दूसरी तरफ, कावेरी जल विवाद का सबसे बड़ा सामाजिक प्रभाव मनोरंजन उद्योग पर पड़ा है। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और जाने-माने तमिल सुपरस्टार जोसेफ विजय की मुख्य भूमिका वाली फिल्म 'जना नायकन' के प्रदर्शन को कर्नाटक में भारी विरोध का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय किसान संगठनों और कन्नड़ समर्थक संस्थाओं द्वारा लगातार किए जा रहे प्रदर्शनों के कारण राज्य के विभिन्न हिस्सों में फिल्म की स्क्रीनिंग रोक दी गई है।

कानून-व्यवस्था के बिगड़ने की आशंका को देखते हुए अनेक सिनेमाघर मालिकों ने स्वेच्छा से फिल्म के दैनिक शो रद्द करने का फैसला लिया। विरोध प्रदर्शन कर रहे कार्यकर्ताओं द्वारा सिनेमाघरों के बाहर से जोसेफ विजय के बड़े-बड़े कटआउट, प्रचार बैनर और पोस्टर भी जबरन हटा दिए गए। इस अप्रत्याशित कदम से राज्य भर के सिनेमाघरों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ गई है।

उर्वशी थिएटर में करावली का प्रदर्शन और मांड्या में बढ़ा तनाव

राजधानी बेंगलुरु के प्रमुख उर्वशी थिएटर में स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस विभाग ने विशेष एडवाइजरी जारी की। स्थानीय पुलिस की सलाह पर उर्वशी थिएटर प्रबंधन ने 'जना नायकन' का प्रदर्शन तुरंत रोक दिया और उसके स्थान पर नई कन्नड़ फिल्म 'करावली' की स्क्रीनिंग शुरू कर दी। किसी भी अप्रिय घटना या तोड़फोड़ को रोकने के लिए उर्वशी थिएटर परिसर के बाहर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है।

इसके अलावा, कावेरी आंदोलन के मुख्य केंद्र माने जाने वाले मांड्या जिले में भी तनाव की स्थिति बनी हुई है। मांड्या में कन्नड़ समर्थक संगठनों के कार्यकर्ताओं ने सड़कों पर उतरकर जुलूस निकाला और विभिन्न सिनेमाघरों एवं सार्वजनिक स्थलों से 'जना नायकन' की सभी प्रचार सामग्रियों को हटा दिया। मांड्या सहित आसपास के इलाकों में जल छोड़ने के खिलाफ उग्र प्रदर्शन लगातार जारी हैं।

बॉक्स ऑफिस पर वित्तीय खतरा और कावेरी मुद्दे की संवेदनशीलता

उल्लेखनीय है कि गत 23 जुलाई को सिनेमाघरों में रिलीज हुई 'जना नायकन' को कर्नाटक भर में व्यापक पैमाने पर प्रदर्शित किया गया था। यह फिल्म राज्य के लगभग 125 से 150 सिनेमाघरों में चल रही थी, जिसमें 75 से अधिक सिंगल स्क्रीन थिएटर और करीब 50 मल्टीप्लेक्स शामिल थे। अचानक स्क्रीनिंग रुक जाने से फिल्म के वितरकों और थिएटर मालिकों को भारी आर्थिक नुकसान होने का अंदेशा जताया जा रहा है।

कावेरी नदी जल विवाद दक्षिण भारत का सबसे संवेदनशील और दशकों पुराना अंतरराज्यीय विवाद माना जाता है। जब भी मानसून या शुष्क मौसम के दौरान नदियों और बांधों से तमिलनाडु के लिए पानी छोड़ने का विषय उठता है, दोनों राज्यों के बीच राजनीतिक बयानबाजी और सामाजिक तनाव चरम पर पहुंच जाता है। इस बार कावेरी विवाद की गूंज न केवल प्रशासनिक गलियारों में सुनाई दे रही है, बल्कि इसने सिनेमा और कला जगत को भी अपनी चपेट में ले लिया है।

सवाल-जवाब

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री जोसेफ विजय का बेंगलुरु दौरा क्यों टला?
कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने कावेरी जल विवाद के बीच किसी भी अप्रिय स्थिति या विरोध प्रदर्शन से बचने के लिए जोसेफ विजय से 3 अगस्त की यात्रा स्थगित करने का अनुरोध किया।
कर्नाटक में फिल्म 'जना नायकन' की स्क्रीनिंग क्यों रोकी गई?
कावेरी नदी के पानी को लेकर किसानों और कन्नड़ समर्थक संगठनों के उग्र प्रदर्शन के बाद सिनेमाघर मालिकों ने सुरक्षा के लिहाज से स्वेच्छा से फिल्म के शो रद्द कर दिए।
बेंगलुरु के उर्वशी थिएटर में 'जना नायकन' की जगह कौन सी फिल्म लगाई गई?
पुलिस की सलाह पर उर्वशी थिएटर प्रबंधन ने 'जना नायकन' के शो बंद करके नई कन्नड़ फिल्म 'करावली' का प्रदर्शन शुरू किया।
कर्नाटक के कितने सिनेमाघरों में 'जना नायकन' प्रदर्शित की जा रही थी?
23 जुलाई को रिलीज हुई यह फिल्म कर्नाटक के लगभग 125 से 150 सिनेमाघरों में चल रही थी, जिसमें 75 से अधिक सिंगल स्क्रीन और 50 मल्टीप्लेक्स शामिल थे।
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