टाटा संस की अर्जी रिजर्व बैंक ने की खारिज, अब शेयर बाजार में दस्तक देने के अलावा नहीं बचा कोई रास्तादेवघर में धान की बंपर पैदावार के लिए रोपाई के 20 से 25 दिनों बाद क्यों जरूरी है सही खाद का इस्तेमालगणेशोत्सव पर पाना है पारंपरिक और शाही लुक, तो आजमाएं पैठणी साड़ी के ये 5 बेहद खूबसूरत डिजाइनबेंगलुरु की लापता छात्रा को खोजने में मददगार बना सरकारी योजना का ओटीपी, सहेली की तलाश में जुटी सीआईडीबाढ़ प्रभावित नेपाल के लिए मसीहा बनी अंबाला की मेडिकल टीम, मुफ्त इलाज पाकर भावुक हुए पीड़ितवृषभ राशिफल 13 सितंबर: इस एक आदत से आज चमकेगा भाग्य, जानें अपना पूरा दैनिक भविष्यफलरसोई की काली और चिकनी छन्नी को चमकाने के 4 आसान घरेलू नुस्खे, ऐसे करें साफपश्चिम बंगाल में असली तृणमूल कांग्रेस पर संग्राम, ऋतब्रत बनर्जी ने चुनाव आयोग के सामने 'जोड़ाफूल' चुनाव चिह्न पर जताया दावाकॉर्नेल यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर ने जताई गहरी चिंता, गणित के क्षेत्र में एआई की तेज तरक्की से वैज्ञानिक सहमेदिल्ली में अफगानिस्तान के खिलाफ इतिहास रच सकते हैं वैभव सूर्यवंशी, वीरेंद्र सहवाग का यह बड़ा रिकॉर्ड निशाने पर
केरल हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, मोनालिसा भोसले की सुरक्षा को लेकर जारी अंतरिम आदेश रद्दमध्य प्रदेश
11 जुल॰ 2026, 3:50 am (64 दिन पहले)· 2

केरल हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, मोनालिसा भोसले की सुरक्षा को लेकर जारी अंतरिम आदेश रद्द

मोनालिसा भोसले का पता न चलने पर केरल हाईकोर्ट ने उन्हें पुलिस सुरक्षा देने वाला अपना पिछला अंतरिम आदेश वापस ले लिया है। पुलिस के मुताबिक, याचिका में दिए गए पते पर उनसे संपर्क करना संभव नहीं हो सका।

कुंभ मेले के दौरान चर्चा में आई मोनालिसा भोसले को पुलिस सुरक्षा प्रदान करने के अपने अंतरिम आदेश को केरल हाईकोर्ट ने शुक्रवार को आधिकारिक तौर पर वापस ले लिया है। इस मामले में राज्य सरकार की ओर से अदालत को स्पष्ट रूप से बताया गया कि पुलिस प्रशासन मोनालिसा द्वारा याचिका में दर्ज किए गए पते और संपर्क विवरण के आधार पर उन्हें खोजने में पूरी तरह विफल रहा है। अब इस प्रकरण की अगली सुनवाई आगामी 21 जुलाई को निर्धारित की गई है।

पुलिस क्यों नहीं ढूंढ पाई मोनालिसा को?

जस्टिस बेचू कुरियन थॉमस की पीठ के समक्ष राज्य सरकार के वकील ने इस पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी। उन्होंने अदालत को बताया कि पुलिस की ओर से मोनालिसा से संपर्क करने के लिए लगातार प्रयास किए गए, लेकिन वे सभी कोशिशें सिरे नहीं चढ़ सकीं। राज्य सरकार के मुताबिक, अदालत के पिछले सुरक्षा संबंधी निर्देशों का पालन करने के लिए अधिकारी पूरी तरह तत्पर थे, लेकिन याचिकाकर्ता के गायब होने या सही पते पर न मिलने के कारण सुरक्षा उपलब्ध कराना असंभव रहा। सरकारी वकील ने कोर्ट में यह भी जोर देकर कहा कि पुलिस उन्हें संरक्षण देना चाहती थी, परंतु याचिकाकर्ता के साथ संवाद का कोई माध्यम नहीं मिल सका। स्थिति यह हो गई है कि जब भी मोनालिसा पुलिस सुरक्षा की मांग लेकर अदालत का दरवाजा खटखटाती हैं, तब पुलिस उन्हें तलाशने में खुद को असमर्थ पाती है।

ये भी पढ़ें

हाईकोर्ट ने रद्द किया पिछला निर्देश

अदालत में मौजूद मोनालिसा के वकील ने स्वीकार किया कि राज्य सरकार द्वारा पेश किए गए तथ्यों पर उन्हें अपनी मुवक्किल से अब तक कोई स्पष्ट निर्देश या प्रतिक्रिया प्राप्त नहीं हुई है। इस स्थिति को देखते हुए कोर्ट ने 19 जून को पारित किए गए अपने अंतरिम आदेश को तत्काल प्रभाव से वापस ले लिया। हालांकि, अदालत ने यह स्पष्ट कर दिया है कि यदि भविष्य में मोनालिसा स्वयं लिखित रूप में पुलिस से सुरक्षा की मांग करती हैं, तो संबंधित अधिकारियों को नियमानुसार उन्हें आवश्यक सुरक्षा उपलब्ध करानी होगी।

विवाद की पृष्ठभूमि और सोशल मीडिया का प्रभाव

मोनालिसा ने मोहम्मद फरमान नामक व्यक्ति के साथ विवाह करने के उपरांत केरल हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। उनका आरोप था कि इस शादी के बाद से ही उन्हें मुख्यधारा की मीडिया और विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर नफरत फैलाने वाले अभियानों का निशाना बनाया जा रहा है। मोनालिसा तब पूरे देश की सुर्खियों में आई थीं, जब महाकुंभ के दौरान रुद्राक्ष की मालाएं बेचते हुए उनके वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गए थे। उस समय वह काफी प्रसिद्ध हो गई थीं। हालांकि, बाद में उन्होंने केरल जाकर फरमान से विवाह कर लिया, जिसका उनके परिवार वालों ने कड़ा विरोध किया था।

कानूनी जटिलताएं और अपहरण के आरोप

मामले के एक अन्य मोड़ पर, मोनालिसा के पिता ने मध्य प्रदेश में एक औपचारिक शिकायत दर्ज कराई थी, जिसमें आरोप लगाया गया कि फरमान ने उनकी बेटी का अपहरण किया है। इस शिकायत के बाद यह दंपति केरल हाईकोर्ट पहुंचा था। इससे पूर्व, अदालत ने फरमान को मध्य प्रदेश की संबंधित अदालतों से नियमित राहत हासिल करने के लिए एक महीने की ट्रांजिट अग्रिम जमानत प्रदान की थी। हालांकि, पिछले सप्ताह ही केरल हाईकोर्ट ने उस ट्रांजिट अग्रिम जमानत अवधि को और आगे बढ़ाने से साफ इनकार कर दिया था।

सवाल-जवाब

केरल हाईकोर्ट ने मोनालिसा भोसले के लिए कौन सा आदेश वापस लिया?
हाईकोर्ट ने पुलिस सुरक्षा प्रदान करने वाला अपना अंतरिम आदेश वापस ले लिया है क्योंकि पुलिस उनसे संपर्क नहीं कर पा रही थी।
पुलिस मोनालिसा का पता क्यों नहीं लगा पाई?
पुलिस के अनुसार, याचिका में दिए गए पते और संपर्क विवरण के आधार पर मोनालिसा से संपर्क करने के सभी प्रयास विफल रहे।
क्या मोनालिसा अब सुरक्षा मांग सकती हैं?
हां, अदालत ने स्पष्ट किया है कि यदि मोनालिसा लिखित रूप में पुलिस से सुरक्षा की मांग करती हैं, तो उन्हें सुरक्षा उपलब्ध कराई जाएगी।
मोनालिसा भोसले चर्चा में कैसे आई थीं?
महाकुंभ के दौरान रुद्राक्ष की माला बेचते हुए उनके वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद वह चर्चा में आई थीं।
इस मामले की अगली सुनवाई कब होगी?
इस मामले की अगली सुनवाई 21 जुलाई को निर्धारित की गई है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR