दुबई से तेल अवीव की उड़ान पर निकले फ्लाईदुबई के विमान में आसमान के बीच एक बड़ा हादसा टल गया। फ्लाइट संख्या FZ1073 में सवार करीब 180 यात्रियों और क्रू मेंबर्स की जान उस वक्त खतरे में पड़ गई जब कॉकपिट के भीतर ही हिंसक झड़प शुरू हो गई। विमान के ओमानी को-पायलट ने पूरे नियंत्रण को अपने हाथ में लेने की नीयत से मुख्य पायलट स्मित मचार पर जानलेवा हमला बोल दिया। गंभीर चोटों और खून बहने के बावजूद भारतीय पायलट ने असाधारण साहस का परिचय दिया और विमान को एक भयावह अनहोनी से बचा लिया।
कॉकपिट के भीतर का खौफनाक संघर्ष और इमरजेंसी लैंडिंग
यह घटना उस समय हुई जब विमान 34000 फीट की सामान्य ऊंचाई पर उड़ान भर रहा था। कॉकपिट के अंदर दोनों पायलटों के बीच अचानक हिंसक टकराव छिड़ गया। हमले की वजह से विमान का संतुलन बिगड़ा और वह अचानक तेजी से गोता लगाते हुए 15000 फीट नीचे आ गिरा। इस भयावह स्थिति में भी स्मित मचार ने हिम्मत नहीं हारी। लहूलुहान हालत में उन्होंने हमलावर ओमानी को-पायलट से कड़ा मुकाबला किया और प्लेन की कमान दोबारा अपने हाथों में ले ली। नियंत्रण बहाल करने के बाद उन्होंने विमान का रुख सऊदी अरब की ओर मोड़ा और तबुक एयरपोर्ट पर उसकी सुरक्षित इमरजेंसी लैंडिंग करा दी।
फ्लाईदुबई ने इस पूरे घटनाक्रम के बाद आधिकारिक तौर पर पुष्टि की है कि विमान में सवार सभी 180 यात्री और क्रू के सदस्य पूरी तरह सुरक्षित हैं। एयरलाइन प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि मामले की गहन जांच के सिलसिले में संबंधित कानूनी और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ पूरा सहयोग किया जा रहा है।
कौन हैं जांबाज कैप्टन स्मित मचार
इस साहसिक कारनामे के बाद हर तरफ भारतीय कैप्टन स्मित मचार के धैर्य और पेशेवर दक्षता की सराहना की जा रही है। मचार एक बेहद अनुभवी कमर्शियल पायलट हैं, जिनके पास नागरिक उड्डयन क्षेत्र में 13 साल से अधिक समय का लंबा और शानदार अनुभव है। जून 2022 में उन्होंने डायरेक्ट-एंट्री कैप्टन के पद पर फ्लाईदुबई के साथ अपनी नई पारी शुरू की थी।
उनकी पेशेवर प्रोफाइल के मुताबिक, उन्होंने बोइंग 737 सीरीज के विभिन्न मॉडलों पर लगभग 9,750 उड़ान घंटे दर्ज किए हैं। इन विमानों में आधुनिक B737-800 और B737 MAX 8/9 शामिल हैं। विमानन संचालन के तकनीकी पहलुओं, नियमों के सख्त पालन, फ्लाइट स्टैंडर्ड्स और क्रू रिसोर्स मैनेजमेंट के क्षेत्र में उन्हें महारत हासिल है।
स्पाइसजेट में गुजारे 11 साल और व्यापक ट्रेनिंग का रिकॉर्ड
फ्लाईदुबई में आने से पहले स्मित मचार ने भारतीय विमानन कंपनी स्पाइसजेट में 11 साल से अधिक समय तक अपनी सेवाएं दी थीं। इस दौरान उन्होंने सीनियर कमांडर की जिम्मेदारी संभाली और बाद में पदोन्नत होकर लाइन ट्रेनिंग कैप्टन बने। स्पाइसजेट के साथ अपने पूरे कार्यकाल में उन्होंने 9,500 से ज्यादा उड़ान घंटे पूरे किए थे।
विशेष रूप से, इस अनुभव में पायलट-इन-कमांड के रूप में बिताए गए 6,400 से अधिक घंटे शामिल थे। उन्होंने नए विमान चालकों को प्रशिक्षित करने, लाइन ट्रेनिंग देने, पायलट चेक करने और साथी पायलटों को मेंटरिंग प्रदान करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनका यही विशाल अनुभव और वर्षों का कड़ा प्रशिक्षण कॉकपिट में अचानक पैदा हुए जानलेवा संकट के दौरान 180 जिंदगियों के लिए ढाल साबित हुआ।













