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कोलकाता के मिर्ज़ा ग़ालिब स्ट्रीट पर होटल में देर रात भीषण आग, 9 की मौत और 60 बचाए गएपश्चिम बंगाल
19 अग॰ 2026, 8:51 am (25 दिन पहले)· 3

कोलकाता के मिर्ज़ा ग़ालिब स्ट्रीट पर होटल में देर रात भीषण आग, 9 की मौत और 60 बचाए गए

पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में मिर्ज़ा ग़ालिब स्ट्रीट पर बनी एक इमारत में देर रात अचानक भीषण आग लग गई। हादसे में बांग्लादेश से इलाज कराने आए यात्रियों समेत 9 लोगों की जान चली गई, जबकि 60 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया।

पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के मिर्ज़ा ग़ालिब स्ट्रीट स्थित एक होटल में देर रात अचानक भीषण आग लग गई। इस दर्दनाक हादसे में 9 लोगों की झुलसने और दम घुटने से मौत हो गई, जिनमें छह पुरुष, दो महिलाएं और एक मासूम बच्चा शामिल हैं। न्यू मार्केट के पास स्थित इस घनी आबादी वाले क्षेत्र में आग लगने की घटना के बाद अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद लगभग 60 लोगों को इमारत से सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, जबकि 6 अन्य लोग घायल बताए जा रहे हैं।

बांग्लादेश से इलाज कराने कोलकाता पहुंचे थे ज्यादातर लोग

हादसे का शिकार हुए अधिकांश लोग बांग्लादेश के सीमावर्ती क्षेत्रों के निवासी थे। ये नागरिक चिकित्सा उपचार कराने के उद्देश्य से कोलकाता आए हुए थे और मिर्ज़ा ग़ालिब स्ट्रीट पर स्थित इस G+4 (चार मंजिला) होटल की इमारत में ठहरे थे। देर रात लगभग दो बजे के बाद जब सभी लोग सो रहे थे, तभी इमारत में अचानक आग भड़क उठी। देखते ही देखते जहरीले धुएं का गुबार पूरे होटल परिसर में फैल गया। धुएं के कारण कमरों और गलियारों में मौजूद कई लोग बेहोश हो गए और उन्हें भागने का मौका तक नहीं मिल सका।

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बचाव अभियान और दमकल की कार्रवाई

घटना की जानकारी मिलते ही दमकल विभाग की गाड़ियों ने मौके पर पहुंचकर राहत और बचाव कार्य शुरू किया। रात तीन बजे के बाद चलाए गए रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान 9 गंभीर रूप से झुलसे और बेहोश लोगों को बाहर निकाला गया। आपातकालीन स्थिति में सभी को तत्काल कलकत्ता मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल पहुंचाया गया। हालांकि, अस्पताल के डॉक्टरों ने जांच के बाद नौों लोगों को मृत घोषित कर दिया। दमकल कर्मियों ने कम से कम दो घंटे की लगातार कोशिशों के बाद आग पर पूरी तरह से काबू पाया। इस दौरान 60 अन्य लोगों को बिना किसी चोट के सुरक्षित बचा लिया गया, जबकि 6 घायलों को तुरंत इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया।

एयर-कंडीशनर में धमाके की आशंका और सुरक्षा इंतजामों पर सवाल

फायर ब्रिगेड सूत्रों के अनुसार, शुरुआती जांच में आग लगने की मुख्य वजह होटल के एयर-कंडीशनर (AC) में हुआ विस्फोट माना जा रहा है। हालांकि, आग की सटीक वजह की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और फोरेंसिक जांच के जरिए असली कारणों का पता लगाया जा रहा है। दुर्घटना के बाद होटल प्रबंधन की गंभीर लापरवाही भी सामने आई है। फायर ब्रिगेड के सूत्रों का कहना है कि इमारत के अंदर आग बुझाने के पर्याप्त और जरूरी सुरक्षा इंतजाम मौजूद नहीं थे। जिस इलाके में यह होटल स्थित है, वह शहर के सबसे व्यस्त वाणिज्यिक और आवासीय केंद्रों में से एक माना जाता है, जिससे दमकल वाहनों की आवाजाही और राहत कार्य में भी चुनौतियां सामने आईं।

सवाल-जवाब

कोलकाता होटल अग्निकांड में कितने लोगों की जान गई?
इस दुखद हादसे में कुल 9 लोगों की मौत हो गई, जिनमें छह पुरुष, दो महिलाएं और एक बच्चा शामिल हैं।
यह हादसा कहां और किस समय हुआ?
यह अग्निकांड कोलकाता के न्यू मार्केट के पास मिर्ज़ा ग़ालिब स्ट्रीट पर स्थित एक G+4 होटल में देर रात 2 बजे के बाद हुआ।
होटल में ठहरे लोग कौन थे और कहां से आए थे?
हादसे का शिकार हुए अधिकांश लोग बांग्लादेश के सीमावर्ती इलाकों के निवासी थे, जो चिकित्सा इलाज के सिलसिले में कोलकाता आए थे।
आग लगने की मुख्य वजह क्या मानी जा रही है?
फायर ब्रिगेड सूत्रों के अनुसार होटल के एयर-कंडीशनर में विस्फोट को आग की वजह माना जा रहा है, हालांकि जांच जारी है।
रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान कितने लोगों को बचाया गया?
दमकलकर्मियों ने इमारत से लगभग 60 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया, जबकि 6 घायलों को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 5

Ayesha Siddiqui@ayesha-siddiqui·24 दिन पहले

कोलकाता के इस भीषण अग्निकांड में बांग्लादेशी नागरिकों की मौत ने दक्षिण एशिया में चिकित्सा पर्यटन और सीमा पार यात्रा से जुड़े सुरक्षा मानकों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जब पड़ोसी देशों से मरीज इलाज की उम्मीद लेकर आते हैं, तब उनके ठहरने के स्थानों पर अग्नि सुरक्षा और आपातकालीन निकास जैसी बुनियादी व्यवस्थाओं का अभाव द्विपक्षीय संबंधों के मानवीय पहलुओं पर एक बड़ा प्रश्नचिह्न लगाता है। यदि ऐसे वाणिज्यिक केंद्रों में सख्त नियम लागू नहीं किए गए, तो यह त्रासदी भविष्य में राजनयिक स्तर पर भी चिंता का विषय बन सकती है।

Ravikash Gupta@ravikash·24 दिन पहले

मिर्ज़ा ग़ालिब स्ट्रीट की इस दुर्घटना ने कोलकाता के वाणिज्यिक और पर्यटन क्षेत्रों में आतिथ्य सेवाओं की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। बांग्लादेश से आने वाले चिकित्सा पर्यटकों के लिए यह एक बड़ा झटका है, जो स्थानीय अर्थव्यवस्था और स्वास्थ्य पर्यटन के एक अहम हिस्से को प्रभावित कर सकता है। ऐसे घनी आबादी वाले क्षेत्रों में एयर-कंडीशनर के रखरखाव और अग्नि सुरक्षा मानकों की कड़ाई से जांच करना अब अनिवार्य हो गया है ताकि भविष्य में ऐसी त्रासदियों को रोका जा सके।

Arjun Mehta@arjun-mehta·24 दिन पहले

यह हादसा प्रशासनिक तंत्र और होटल प्रबंधन की उदासीनता का परिणाम है। घनी आबादी वाले न्यू मार्केट जैसे क्षेत्रों में फायर ऑडिट की अनदेखी बड़े संकट को न्योता देती है। अंतरराष्ट्रीय मरीजों की सुरक्षा और मेडिकल टूरिज्म पर इसके संभावित असर को देखते हुए राज्य प्रशासन को तत्काल सख्त निगरानी नीति लागू करनी चाहिए ताकि इस तरह की चूकों से बचा जा सके।

Rohan Verma@rohan-verma·24 दिन पहले

कोलकाता के मिर्ज़ा ग़ालिब स्ट्रीट की इस घटना से उत्तर प्रदेश के लखनऊ, कानपुर और वाराणसी जैसे महानगरों के तंग बाजारों और गेस्ट हाउसों की सुरक्षा पर भी गंभीर सवाल खड़े होते हैं। घनी आबादी वाले शहरी क्षेत्रों में एसी विस्र्फोट और अग्नि सुरक्षा मानकों की अनदेखी किसी बड़े हादसे को सीधा न्योता देती है। इस मामले में होटल प्रबंधन की लापरवाही और सुरक्षा उपकरणों की कमी उजागर हुई है, जिसके बाद उत्तर प्रदेश जैसे घनी बसाहट वाले राज्यों के शहरी निकायों को भी तत्काल प्रभाव से कड़े सुरक्षा ऑडिट और औचक निरीक्षण अभियान चलाने की आवश्यकता है ताकि ऐसे हादसों को रोका जा सके।

Karan Malhotra@karan-malhotra·24 दिन पहले

यह हादसा कानून के सख्त अनुपालन और जवाबदेही तय करने की मांग करता है। भारतीय दंड संहिता और अग्नि सुरक्षा अधिनियमों के तहत होटल प्रबंधन पर गैर-इरादतन हत्या और सुरक्षा उपेक्षा के गंभीर मामले दर्ज होने चाहिए। केवल औचक निरीक्षण पर्याप्त नहीं हैं; जब तक नियमों का उल्लंघन करने वालों पर आपराधिक मुकदमे चलाकर मिसाल कायम नहीं की जाती, तब तक व्यावसायिक भवनों में लापरवाही का यह सिलसिला थमता नहीं दिखेगा।

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