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कोलकाता में दुर्गा पूजा पर दिखेंगे केसरिया रंग में बीस हजार वॉलंटियर्स, लालबाजार ने तैयार कराई खास ड्रेसभारत
16 सित॰ 2026, 10:06 am (43 दिन पहले)· 1

कोलकाता में दुर्गा पूजा पर दिखेंगे केसरिया रंग में बीस हजार वॉलंटियर्स, लालबाजार ने तैयार कराई खास ड्रेस

आगामी दुर्गा पूजा के दौरान कोलकाता पुलिस के बीस हजार वॉलंटियर्स केसरिया रंग की विशेष टी-शर्ट और टोपियों में नजर आएंगे। कानून व्यवस्था संभालने के लिए पुलिस मुख्यालय लालबाजार ने इन कपड़ों पर नवासी लाख रुपये खर्च किए हैं।

आगामी दुर्गा पूजा के अवसर पर कोलकाता की सड़कों और पंडालों में एक अलग ही रंगत देखने को मिलेगी। इस बार उत्सव के दौरान कोलकाता पुलिस के होम गार्ड और सिविक वॉलंटियर्स पूरी तरह भगवा रंग में रंगे नजर आएंगे। कानून व्यवस्था को बेहतर ढंग से संभालने और भीड़ पर नियंत्रण रखने के लिए कुल बीस हजार वॉलंटियर्स के वास्ते विशेष केसरिया टी-शर्ट और टोपियां तैयार कराई गई हैं। कोलकाता पुलिस के मुख्यालय यानी लालबाजार से जुड़े सूत्रों ने मंगलवार को यह जानकारी साझा की है। इस पूरी योजना का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि त्योहार की भारी भीड़ के बीच ड्यूटी कर रहे सभी कर्मी आरामदायक और व्यावहारिक लिबास में रहें।

लालबाजार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि त्योहार के दिनों में लंबी ड्यूटी के दौरान किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसलिए ये नए कपड़े डिजाइन किए गए हैं। इन बीस हजार परिधानों और टोपियों के निर्माण पर कुल नवासी लाख रुपये की राशि खर्च की जा रही है। हर साल दुर्गा पूजा के मौके पर कोलकाता पुलिस कानून व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ शहरभर के विशाल पंडालों में उमड़ने वाली भारी भीड़ को नियंत्रित करने के लिए भारी संख्या में अतिरिक्त कर्मियों की भर्ती करती है। आमतौर पर इन कर्मियों को ड्यूटी के दौरान आधी बाजू की टी-शर्ट पहननी पड़ती थी, लेकिन इस बार व्यवस्था में यह नया बदलाव किया गया है।

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शहर में इस वर्ष दुर्गा पूजा का यह महापर्व अक्टूबर के तीसरे सप्ताह में मनाया जाएगा। इस दौरान नियमित पुलिस बल के अधिकारियों और जवानों के अलावा बड़ी संख्या में होम गार्ड और सिविक वॉलंटियर्स को भी सुरक्षा के मोर्चे पर तैनात किया जाता है, जो विजयादशमी के समापन तक अपनी सेवाएं देते हैं। उत्सव के इन दिनों में महानगर की यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने और हर कोने में शांति कायम रखने के लिए पुलिस महकमा पूरी तरह से इन वॉलंटियर्स पर निर्भर रहता है। सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक पुख्ता करने के उद्देश्य से स्कूल और कॉलेजों के विद्यार्थियों के साथ-साथ एनसीसी यानी नेशनल कैडेट कोर के सदस्यों और स्थानीय क्लबों के युवाओं को भी वॉलंटियर के रूप में जोड़ा जाता है।

महालया का पर्व संपन्न होने के तुरंत बाद संबंधित पुलिस डिवीजनों में इन सभी वॉलंटियर्स के लिए विशेष प्रशिक्षण शिविर आयोजित किए जाते हैं। पुलिस बल के साथ मिलकर कंधे से कंधा मिलाकर काम करने वाले इन सहायकों की पोशाक पर विशेष ध्यान दिया जाता है, ताकि भीड़ के बीच उनकी पहचान आसानी से हो सके। इसी बात को ध्यान में रखते हुए पूजा के आगमन से ठीक एक महीने पहले कोलकाता पुलिस ने इस नई यूनिफॉर्म को अंतिम रूप दिया है। लालबाजार के अधिकारी ने जानकारी दी कि इस बार दो अलग-अलग प्रकार के केसरिया रंगों में टी-शर्ट तैयार की जा रही हैं, जिनमें कॉलर के साथ पूरी बाजू के कपड़े शामिल हैं।

तैयार की गई पोशाकों में गहरे केसरिया और हल्के केसरिया रंग के विकल्प रखे गए हैं, जिनमें कुल बारह हजार गहरे केसरिया रंग के और आठ हजार हल्के केसरिया रंग के वस्त्र शामिल हैं। इन सभी कपड़ों के अग्रभाग पर सफेद रंग में कोलकाता पुलिस का आधिकारिक लोगो मुद्रित किया गया है। इसके अलावा, पहचान को स्पष्ट करने के लिए कपड़ों के सामने छोटे अक्षरों में और पीछे की तरफ बड़े अक्षरों में कोलकाता पुलिस वॉलंटियर अंकित किया गया है। इन कपड़ों के साथ-साथ सभी वॉलंटियर्स के सिर पर पहनने के लिए विशेष नारंगी रंग की टोपियां भी दी जाएंगी, जो धूप और भीड़भाड़ में उनकी अलग पहचान बनाए रखेंगी।

वित्तीय आंकड़ों के अनुसार, लालबाजार प्रशासन ने बीस हजार विशेष कपड़ों के निर्माण के लिए तिहत्तर लाख रुपये और बीस हजार टोपियों के लिए सोलह लाख रुपये की राशि आवंटित की है। पुलिस सूत्रों ने बताया कि इन कपड़ों को पहनकर वॉलंटियर्स का एक बड़ा हिस्सा शहर की सड़कों पर यातायात को नियंत्रित करने के लिए तैनात रहेगा। इसके अलावा, कोलकाता के प्रत्येक प्रमुख और बड़े पूजा पंडाल के बाहर भी इनकी ड्यूटियां लगाई जाएंगी, जहां हर साल लाखों की संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। ये वॉलंटियर्स मुख्य रूप से पंडालों में आने वाले आम लोगों की सुरक्षा, संरक्षा और भगदड़ जैसी स्थितियों से बचाव पर अपनी पैनी नजर रखेंगे।

सवाल-जवाब

कोलकाता पुलिस दुर्गा पूजा के लिए कितने वॉलंटियर्स तैनात कर रही है?
कोलकाता पुलिस इस दुर्गा पूजा के दौरान बीस हजार वॉलंटियर्स को मैदान में उतार रही है।
इन वॉलंटियर्स के लिए किस रंग के कपड़े तैयार किए गए हैं?
वॉलंटियर्स के लिए गहरे केसरिया और हल्के केसरिया रंग की विशेष टी-शर्ट और टोपियां तैयार की गई हैं।
इस पूरी ड्रेस और टोपियों को तैयार करने में कितना खर्च आया है?
इन बीस हजार कपड़ों और टोपियों को बनाने में कुल नवासी लाख रुपये खर्च किए जा रहे हैं।
लालबाजार ने कपड़ों और टोपियों के लिए अलग-अलग कितना बजट आवंटित किया है?
लालबाजार ने कपड़ों के लिए तिहत्तर लाख रुपये और टोपियों के लिए सोलह लाख रुपये आवंटित किए हैं।
इन कपड़ों पर क्या लिखा हुआ है?
कपड़ों के सामने छोटे अक्षरों में और पीछे बड़े अक्षरों में कोलकाता पुलिस वॉलंटियर लिखा हुआ है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 5

Neha Verma@neha-verma·42 दिन पहले

सार्वजनिक आयोजनों में सुरक्षा कर्मियों की यूनिफॉर्म केवल पहचान ही नहीं, बल्कि कार्यात्मक फैशन और आराम का भी एक अहम हिस्सा होती है। लंबी ड्यूटी के लिए हाफ स्लीव्स की जगह फुल स्लीव कॉलर टी-शर्ट और कैप का चयन व्यावहारिक दृष्टिकोण से सटीक कदम है, जो कर्मियों को धूप से सुरक्षा और बेहतर कम्फर्ट प्रदान करेगा। केसरिया रंग के दो अलग शेड्स भीड़ के बीच उच्च दृश्यता सुनिश्चित करेंगे। यूनिफॉर्म के माध्यम से दृश्य पहचान और उपयोगिता का यह संतुलन बड़े आयोजनों में विजुअल अपीयरेंस को प्रभावी बनाता है।

Arjun Mehta@arjun-mehta·42 दिन पहले

पश्चिम बंगाल के मौजूदा राजनीतिक माहौल में प्रशासनिक फैसलों को भी अक्सर राजनीतिक चश्मे से देखा जाता है। दुर्गा पूजा जैसे विशाल जन-उत्सव के दौरान बीस हजार वॉलंटियर्स के लिए केसरिया रंग की यूनिफॉर्म चुनने का फैसला प्रशासनिक व्यवस्था और प्रतीकात्मक राजनीति के बीच एक नया विमर्श खड़ा कर सकता है। हालांकि पुलिस प्रशासन का तर्क दृश्यता और सुविधा बढ़ाने का है, लेकिन राजनीतिक रूप से संवेदनशील इस राज्य में यूनिफॉर्म के रंग को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं और बहस देखने को मिल सकती हैं।

Ravikash Gupta@ravikash·42 दिन पहले

दुर्गा पूजा पश्चिम बंगाल का सबसे बड़ा आर्थिक और सांस्कृतिक आयोजन है, जहाँ सार्वजनिक व्यय और प्रशासनिक निर्णयों पर सूक्ष्म नज़र होती है। नवासी लाख रुपये के बजट से 20,000 वॉलंटियर्स की यूनिफॉर्म में यह रंग परिवर्तन न केवल राजनीतिक बहस छेड़ेगा, बल्कि सार्वजनिक खरीद में ब्रांडिंग और संस्थागत निष्पक्षता के मापदंडों पर भी सवाल खड़े कर सकता है। त्योहार के दौरान पुलिस प्रशासन का ध्यान पूरी तरह सुरक्षा और ट्रैफिक प्रबंधन पर केंद्रित रहना चाहिए। ऐसे समय में परिधान के रंग से जुड़ा विवाद नागरिक प्रशासन और सार्वजनिक निधियों के प्रबंधन के प्रति जनता के भरोसे और फोकस को प्रभावित कर सकता है।

Rohan Verma@rohan-verma·42 दिन पहले

कोलकाता पुलिस द्वारा दुर्गा पूजा के दौरान बीस हजार वॉलंटियर्स के लिए बानवे लाख रुपये खर्च कर केसरिया पोशाक तैयार कराना एक बड़ा प्रशासनिक और वित्तीय निर्णय है। त्योहारी सीजन में कानून व्यवस्था और भीड़ प्रबंधन के लिए इतने बड़े पैमाने पर रंग आधारित यूनीफॉर्म तय करना सुरक्षाकर्मियों की पहचान और दृश्यता को तो आसान बनाता है, लेकिन इससे प्रशासनिक प्राथमिकताओं और त्योहारों के दौरान होने वाले भारी सार्वजनिक खर्च पर भी सवाल उठते हैं। भविष्य में इस प्रकार के रंग-विशेष निर्णयों का राजनीतिक और सामाजिक असर भी देखने को मिल सकता है।

Karan Malhotra@karan-malhotra·42 दिन पहले

लालबाजार द्वारा बीस हजार वॉलंटियर्स की इस नई पोशाक पर नवासी लाख रुपये का वित्तीय आवंटन भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था के लिहाज से एक बड़ा कदम है। त्योहारी सीजन में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए इस प्रकार की दृश्यता और पहचान सुनिश्चित करना जरूरी है, ताकि प्रशासनिक समन्वय बेहतर हो सके। हालांकि, इतनी बड़ी राशि के उपयोग और रंग विशेष के चयन को लेकर सार्वजनिक और कानूनी हलकों में प्रशासनिक प्राथमिकताओं पर बहस छिड़ सकती है, जिसका असर आगामी सुरक्षा रणनीतियों पर भी पड़ सकता है।

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