राजस्थान के कोटा शहर में एक कूरियर कंपनी के मैनेजर द्वारा भारी वित्तीय हेरफेर का सनसनीखेज मामला सामने आया है। विज्ञान नगर थाना पुलिस ने पुष्पक कोरियर कंपनी के मैनेजर को कंपनी के खातों में जाने वाले करीब 20 लाख रुपये निजी बैंक खातों में ट्रांसफर करवाने के आरोप में गिरफ्तार किया है। आरोपी लंबे समय से ग्राहकों से मिलने वाले भुगतान को कंपनी के बजाय अपने और अपनी पत्नी के बैंक खातों में जमा करवा रहा था।
लंबे समय से चल रहा था हेरफेर का खेल
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार किया गया आरोपी मुख्तियार अली कोटा के कुन्हाड़ी स्थित इकबाल चौक का निवासी है। वह वर्ष 2014 से पुष्पक कोरियर कंपनी में मैनेजर के पद पर कार्यरत था। कंपनी में अपनी जिम्मेदारियों का फायदा उठाते हुए उसने पार्सल की डिलीवरी और पिकअप के दौरान मिलने वाली रकम में गबन करना शुरू किया। जब भी ग्राहक पार्सल भेजने या प्राप्त करने के बदले डिलीवरी चार्ज या किराया देते थे, आरोपी उन्हें कंपनी के आधिकारिक बैंक खाते में पैसे जमा कराने के बजाय निजी खातों के विवरण देता था।
पत्नी के QR कोड का इस्तेमाल कर हड़पे पैसे
पूछताछ और जांच में सामने आया कि आरोपी मुख्तियार अली भुगतान स्वीकार करने के लिए डिजिटल तरीकों का गलत इस्तेमाल कर रहा था। वह ग्राहकों को स्कैन करके पेमेंट करने के लिए अपना या अपनी पत्नी के बैंक खाते का QR कोड दे देता था। ग्राहक यह मानकर भुगतान कर देते थे कि पैसा कूरियर कंपनी के पास जा रहा है, लेकिन पूरी रकम सीधे उसकी पत्नी या उसके निजी खाते में ट्रांसफर हो जाती थी। इस तरह से आरोपी ने कथित तौर पर धीरे-धीरे करके लगभग 20 लाख रुपये की राशि हड़प ली और कंपनी को भनक तक नहीं लगने दी।
अदालत में शिकायत के बाद शुरू हुई पुलिस जांच
इस पूरे फर्जीवाड़े का खुलासा तब हुआ जब पीड़ित पक्ष की ओर से 19 मई को अदालत में इस्तगासा दायर किया गया। अदालत के निर्देश के बाद विज्ञान नगर थाना पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए विस्तृत जांच शुरू की। पुलिस टीम ने तकनीकी सहायता का सहारा लिया और आरोपी मुख्तियार अली के लोकेशन और लेनदेन की ट्रैकिंग की। पुख्ता सबूत मिलने के बाद पुलिस ने उसे कुन्हाड़ी इलाके से डिटेन किया और बाद में विधिवत गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस रिमांड में जारी है पूछताछ
मामले की जानकारी देते हुए कोटा सिटी एसपी तेजस्विनी गौतम ने बताया कि शुरुआती तफ्तीश में करीब 20 लाख रुपये के गबन के आरोप सही पाए गए हैं। पुलिस ने आरोपी को अदालत में पेश कर रिमांड पर हासिल किया है। वर्तमान में पुलिस बैंक खातों के रिकॉर्ड, यूपीआई लेनदेन और डिजिटल पेमेंट की विस्तृत जांच खंगाल रही है। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस साजिश में क्या आरोपी की पत्नी या किसी अन्य व्यक्ति की सीधी भूमिका थी और गबन की गई रकम का इस्तेमाल कहां किया गया।





















