हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले में एक रोंगटे खड़े कर देने वाली वारदात सामने आई है, जहां एक पिता ने अपनी पत्नी से टेलीफोनिक कहासुनी के बाद अपने छह वर्षीय मासूम बेटे को उफनती रावी नदी की तेज धाराओं में फेंक दिया। चंबा-पठानकोट मार्ग पर स्थित परेल पुल के पास सोमवार रात यह घटना हुई। खौफनाक कदम उठाने के बाद आरोपी पिता ने मंगलवार सुबह स्वयं पुलिस आपातकालीन नंबर 112 पर कॉल करके पूरी बात बताई। सूचना मिलते ही पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया और तुरंत सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया।
फोन पर कहासुनी और खौफनाक कदम
पुलिस जांच में सामने आई जानकारी के अनुसार, 30 वर्षीय आरोपी हितेश कुमार पुत्र जयपाल मूल रूप से डभूंई गांव (डाकघर कियाणी) का रहने वाला है। वह पिछले लगभग एक साल से परेल इलाके में किराए का कमरा लेकर रह रहा था। सोमवार रात लगभग 8 बजे हितेश की अपनी पत्नी से मोबाइल फोन पर बात हो रही थी। बातचीत के दौरान दोनों के बीच किसी बात को लेकर तीखी बहसबाजी हो गई। हितेश की पत्नी पिछले करीब एक महीने से अपने मायके अमृतसर में रह रही है और उसके साथ उनका साढ़े तीन साल का छोटा बेटा भी वहीं है। वहीं, छह साल का बड़ा बेटा गगनदीप पिता के साथ परेल में ही रह रहा था। फोन पर हुई बहस के बाद गुस्से में आकर हितेश मासूम गगनदीप को लेकर परेल पुल पर पहुंचा और उसे रावी नदी में नीचे फेंक दिया।
पुलिस को खुद दी सूचना, छानबीन में खुली पोल
सोमवार रात घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी अपने कमरे में लौट आया। मंगलवार सुबह उसने पुलिस हेल्पलाइन 112 पर संपर्क किया और बताया कि उसने अपने बेटे को नदी में फेंक दिया है। शुरुआती क्षणों में पुलिस को इस सूचना पर संदेह हुआ और मामला भ्रामक प्रतीत हुआ। हालांकि, जब पुलिस दल जांच के लिए उसके किराए के क्वार्टर पर पहुंचा तो बच्चा वहां गायब मिला। इसके बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी हितेश को गिरफ्तार कर लिया।
रावी नदी में एनडीआरएफ और पुलिस का संयुक्त तलाशी अभियान
मामले की गंभीरता को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एएसपी) चंबा दिनेश शर्मा की अगुवाई में एक पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची। इसके साथ ही राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की टीमों को भी रावी नदी के उफनते पानी में बच्चे की खोज के लिए उतारा गया। पुलिस और एनडीआरएफ के जवान नदी के तटीय इलाकों में लगातार सर्च ऑपरेशन चला रहे हैं। पुलिस अधीक्षक (एसपी) चंबा विजय सकलानी ने बताया कि हेल्पलाइन 112 पर मिली सूचना के आधार पर आरोपी को तुरंत गिरफ्तार कर लिया गया था और गायब बच्चे की तलाश में सर्च अभियान लगातार जारी है।
आरोपी की पृष्ठभूमि और जांच का दायरा
शुरुआती छानबीन में पता चला है कि आरोपी हितेश पूर्व में बद्दी स्थित एक निजी कंपनी में कार्यरत था, लेकिन वर्तमान में वह स्थानीय स्तर पर दिहाड़ी-मजदूरी का काम कर रहा था। पुलिस ने मामले की तह तक पहुंचने के लिए आरोपी की पत्नी का मोबाइल फोन भी जब्त कर लिया है। पुलिस अधिकारी अब यह जानने की कोशिश कर रहे हैं कि दोनों के बीच फोन पर ऐसी क्या बातचीत हुई थी, जिसने हितेश को इतना आत्मघाती और क्रूर कदम उठाने पर मजबूर किया।
महाराष्ट्र के चंद्रपुर से भी सामने आया ऐसा ही मामला
पारिवारिक कलह के कारण बच्चों पर जानलेवा हमले का एक और दुखद मामला महाराष्ट्र के चंद्रपुर जिले से भी सामने आया है। चंद्रपुर के दुर्गापुर इलाके में एक पिता ने ब्लेड से अपने दो मासूम बेटों पर हमला कर दिया। इस हमले में 7 वर्षीय बेटे देवांश की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 12 वर्षीय दूसरा बेटा सुशांत गंभीर रूप से घायल हो गया और अस्पताल में अपनी जिंदगी की जंग लड़ रहा है।




















