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लाहौल-स्पीति जिला परिषद चुनाव में भाजपा समर्थित ठिनले देचेन बनीं अध्यक्ष, उपाध्यक्ष पद पर सुरेश कुमार की जीतहिमाचल प्रदेश
6 अक्तू॰ 2026, 8:46 am (31 दिन पहले)· 4

लाहौल-स्पीति जिला परिषद चुनाव में भाजपा समर्थित ठिनले देचेन बनीं अध्यक्ष, उपाध्यक्ष पद पर सुरेश कुमार की जीत

हिमाचल प्रदेश के लाहौल-स्पीति में जिला परिषद अध्यक्ष पद पर भाजपा समर्थित ठिनले देचेन ने एक वोट से बाजी मारी, जबकि उपाध्यक्ष पद पर सुरेश कुमार निर्वाचित हुए हैं.

हिमाचल प्रदेश के जनजातीय क्षेत्र लाहौल-स्पीति में जिला परिषद के शीर्ष पदों को लेकर बना सियासी गतिरोध आखिरकार समाप्त हो गया है. सोमवार को आयोजित चुनावी प्रक्रिया में काजा वार्ड से चुनकर आईं भाजपा समर्थित सदस्य ठिनले देचेन ने अध्यक्ष पद की कुर्सी अपने नाम कर ली, जबकि बरपा वार्ड का प्रतिनिधित्व करने वाले सुरेश कुमार उपाध्यक्ष निर्वाचित हुए हैं. इस चुनाव के साथ ही क्षेत्र में जिला परिषद के नेतृत्व को लेकर कई दिनों से जारी अनिश्चितता खत्म हो गई है.

कोरम के अभाव में टलने के बाद संपन्न हुआ मतदान

लाहौल-स्पीति जिला परिषद में अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के चुनाव लंबे इंतजार के बाद आयोजित किए जा सके. इससे पूर्व 21 सितंबर को कोरम पूरा न हो पाने की वजह से चुनाव प्रक्रिया को स्थगित करना पड़ा था. इसके बाद प्रशासन ने पांच अक्टूबर की नई तारीख तय की थी. सोमवार को हुई इस बैठक में जिला परिषद के सभी नौ निर्वाचित सदस्य उपस्थित रहे, जिससे चुनाव प्रक्रिया सुचारू रूप से आगे बढ़ सकी.

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वोटों का गणित और कड़ा मुकाबला

अध्यक्ष पद के लिए हुआ मुकाबला बेहद करीबी रहा. इसमें काजा वार्ड से भाजपा समर्थित जिला परिषद सदस्य ठिनले देचेन को कुल पांच वोट मिले, जबकि उनकी प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस समर्थित प्रत्याशी शशि किरण चार वोट ही जुटा सकीं. इस तरह ठिनले देचेन ने महज एक वोट के मामूली अंतर से जीत दर्ज कर जिला परिषद अध्यक्ष की कमान संभाली.

इसके तुरंत बाद उपाध्यक्ष पद के लिए मतदान कराया गया. उपाध्यक्ष पद की दौड़ में बरपा वार्ड के सदस्य सुरेश कुमार ने बाजी मारी. सुरेश कुमार को छह सदस्यों का समर्थन हासिल हुआ, जबकि उनके सामने मैदान में उतरे लाहौल-स्पीति विकास मंच समर्थित उम्मीदवार रंजीत को तीन वोट मिले. सुरेश कुमार ने तीन मतों के स्पष्ट अंतर से उपाध्यक्ष पद पर विजय प्राप्त की. इसके साथ ही नौ सदस्यीय परिषद में नए नेतृत्व की औपचारिक घोषणा कर दी गई.

भाजपा खेमे में खुशी, निष्पक्ष चुनाव पर प्रशासन की सराहना

ठिनले देचेन की इस सफलता पर भाजपा नेता एवं पूर्व विधायक रवि ठाकुर ने नवनिर्वाचित अध्यक्ष समेत सभी विजयी सदस्यों को बधाई दी है. रवि ठाकुर ने कहा कि यह विजय जनता के अटूट भरोसे और पार्टी कार्यकर्ताओं की जमीनी मेहनत का प्रत्यक्ष परिणाम है. उन्होंने खास तौर पर महिलाओं द्वारा भाजपा प्रत्याशियों को मिले समर्थन का जिक्र करते हुए इसे बेहद उत्साहवर्धक बताया. इसके अलावा उन्होंने पूरी प्रक्रिया को निष्पक्ष और शांतिपूर्ण ढंग से पूरा कराने के लिए स्थानीय प्रशासन का आभार प्रकट किया. उनका कहना था कि इस चुनावी नतीजे से कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा का संचार हुआ है और उन्होंने नए नेतृत्व के सफल कार्यकाल की कामना की.

पूर्व मंत्री डॉ. रामलाल मारकंडा ने परिणाम पर खड़े किए सवाल

चुनावी नतीजों के सामने आने के बाद पूर्व कैबिनेट मंत्री एवं लाहौल-स्पीति विकास मंच के अध्यक्ष डॉ. रामलाल मारकंडा ने पूरी प्रक्रिया और नतीजों पर गंभीर सवाल खड़े किए. डॉ. मारकंडा ने दावा किया कि इस चुनाव को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच एक अनौपचारिक सहमति बनी थी. इस कथित समझौते के अनुसार अध्यक्ष पद भाजपा को और उपाध्यक्ष पद लाहौल-स्पीति विकास मंच को मिलना तय हुआ था.

डॉ. मारकंडा का आरोप है कि विकास मंच ने वादे के तहत अध्यक्ष पद के लिए भाजपा प्रत्याशी का समर्थन किया, लेकिन उपाध्यक्ष पद के मतदान में निर्दलीय प्रत्याशी की जगह सुरेश कुमार के चुने जाने से तय समीकरण पलट गए. हालांकि, राजनीतिक विश्लेषक और स्थानीय हलके उनके इन दावों को चुनाव परिणाम के बाद की स्वाभाविक राजनीतिक प्रतिक्रिया के तौर पर देख रहे हैं.

नए नेतृत्व के सामने स्थानीय विकास की चुनौतियां

चुनाव संपन्न होने के बाद अब नवनिर्वाचित अध्यक्ष ठिनले देचेन और उपाध्यक्ष सुरेश कुमार के कंधों पर जिले के विकास कार्यों को आगे बढ़ाने का अहम जिम्मा होगा. दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों वाले लाहौल-स्पीति में सड़क संपर्क, स्वास्थ्य सेवाओं की मजबूती, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, बेहतर सिंचाई व्यवस्था, पर्यटन के विस्तार और ग्रामीण बुनियादी ढांचे के विकास जैसे कई महत्वपूर्ण मुद्दे जिला परिषद की प्राथमिकताओं में शामिल रहेंगे. क्षेत्र के लोगों को उम्मीद है कि नया नेतृत्व प्रशासनिक तालमेल के साथ विकास योजनाओं को धरातल पर तेजी से लागू करेगा.

सवाल-जवाब

लाहौल-स्पीति जिला परिषद का नया अध्यक्ष कौन चुना गया है?
काजा वार्ड से भाजपा समर्थित जिला परिषद सदस्य ठिनले देचेन नए अध्यक्ष पद पर निर्वाचित हुई हैं.
अध्यक्ष पद के चुनाव में ठिनले देचेन को कितने वोट मिले?
ठिनले देचेन को पांच वोट मिले, जबकि उनकी प्रतिद्वंद्वी शशि किरण को चार वोट प्राप्त हुए.
उपाध्यक्ष पद के चुनाव में किसकी जीत हुई और कितने मतों से हुई?
बरपा वार्ड से सदस्य सुरेश कुमार छह वोट पाकर तीन वोटों के अंतर से उपाध्यक्ष निर्वाचित हुए.
यह चुनाव पहले 21 सितंबर को क्यों स्थगित करना पड़ा था?
21 सितंबर को बैठक में कोरम पूरा न होने के कारण चुनाव स्थगित कर दिया गया था और नई तारीख तय की गई थी.
जिला परिषद चुनाव में कुल कितने सदस्यों ने मतदान किया?
चुनाव के दौरान जिला परिषद के सभी नौ निर्वाचित सदस्य उपस्थित रहे और मतदान किया.
पूर्व मंत्री डॉ. रामलाल मारकंडा ने चुनाव परिणाम को लेकर क्या आरोप लगाया?
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा और कांग्रेस के बीच अनौपचारिक समझौता हुआ था, लेकिन उपाध्यक्ष पद पर उम्मीद के विपरीत परिणाम आया.
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 5

Rohan Gupta@rohan-gupta·31 दिन पहले

सिर्फ एक वोट से अध्यक्ष पद का फैसला! मुकाबला वाक़ई काफ़ी कड़ा रहा होगा।

Arjun Mehta@arjun-mehta·31 दिन पहले

एक वोट का यह अंतर साफ बता रहा है कि पहाड़ी इलाकों के स्थानीय चुनावों में जोड़तोड़ और समीकरण कितने पेचीदा होते हैं।

Ravikash Gupta@ravikash·31 दिन पहले

अर्जुन जी, आपकी बात बिल्कुल सही है। जब मैं पिछली बार काजा गया था, तो वहाँ के स्थानीय लोगों से बात करके समझ आया था कि पहाड़ी चुनावों में एक-एक वोट का हिसाब कितना भारी पड़ता है।

Rohan Verma@rohan-verma·31 दिन पहले

सिर्फ एक वोट से अध्यक्ष पद जीतना, मामला वाकई बड़ा रोमांचक रहा होगा।

Karan Malhotra@karan-malhotra·31 दिन पहले

रोहन भाई, सही कहा आपने! पिछले साल जब मैं काजा गया था, तब वहाँ के स्थानीय लोगों से चुनावी उठापटक पर लंबी चर्चा हुई थी, तभी अंदाज़ा था कि यहाँ मुकाबला कड़ा होगा।

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