मेघालय पुलिस ने बुधवार को मदन लबान स्थित लूम शिलांग रोपवे परियोजना का काम संभाल रही निर्माण कंपनी के कार्यालय पर की गई तालाबंदी को समाप्त करा दिया। खासी हिल्स स्वायत्त जिला परिषद (केएचएडीसी) द्वारा कार्यालय के मुख्य गेट पर लगाए गए ताले और काम बंद करने के नोटिस को पुलिस दल ने मौके पर पहुंचकर हटवा दिया, जिससे कई दिनों से बाधित पड़ा कामकाज दोबारा पटरी पर लौट आया है।
प्रशासन के निर्देश के बाद पुलिस की कार्रवाई
यह प्रशासनिक कदम राज्य सरकार के उन कड़े निर्देशों के बाद उठाया गया, जिसमें जिला परिषद से कार्यालय परिसर पर लगे ताले और नोटिस खुद हटाने को कहा गया था। मुख्य कार्यकारी सदस्य (सीईएम) विंस्टन टोनी लिंगदोह के नेतृत्व में केएचएडीसी के प्रवर्तन दस्ते ने पहले इस कार्यालय को सील कर दिया था और वहां काम रोकने का नोटिस चस्पा कर दिया था। जब परिषद ने सरकार के आदेशों पर अमल नहीं किया, तब पुलिस बल ने सीधे हस्तक्षेप करते हुए तालों को हटाकर परिसर को मुक्त कराया।
पर्यटन विभाग की प्राथमिकी और जमीन विवाद
इस तालाबंदी को लेकर मेघालय सरकार के पर्यटन विभाग ने पहले ही कानूनी कदम उठाते हुए एक प्राथमिकी दर्ज कराई थी। विभाग का स्पष्ट तर्क था कि परियोजना कार्यान्वयन कंपनी का यह कार्यालय पूरी तरह से सरकारी स्वामित्व वाली भूमि पर बना हुआ है, इसलिए जिला परिषद द्वारा इसे अवैध रूप से सील किया जाना अनुचित था। पर्यटन विभाग ने केएचएडीसी को इस मामले में आगे दखल न देने की चेतावनी भी जारी की थी और आगाह किया था कि गतिरोध न सुलझने पर और भी सख्त कदम उठाए जा सकते हैं।
स्थानीय विरोध और पर्यावरणीय चिंताएं
प्रशासनिक स्तर पर कार्यालय खुल जाने के बावजूद, लूम शिलांग रोपवे परियोजना को लेकर जनता के कुछ वर्गों का असंतोष अभी शांत नहीं हुआ है। स्थानीय निवासियों ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना से इलाके के पर्यावरण पर पड़ने वाले संभावित दुष्प्रभावों को लेकर गंभीर चिंताएं जताई हैं। प्रस्तावित निर्माण के विरोध में प्रदर्शनकारियों ने पूर्व में शिलांग में सार्वजनिक प्रदर्शन भी किए हैं, जिससे इस पूरी योजना को लेकर जमीनी स्तर पर तनाव बना हुआ है।



















